The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Oddnaari
  • Nitin Gadkari awards female bodybuilders people on social media start mudslinging

इन लड़कियों को पुरस्कार देने पर नितिन गडकरी कोसे जा रहे हैं, जबकि उनकी तारीफ होनी चाहिए

लेकिन लोग लड़कियों की बिकिनी से आगे नहीं बढ़ पा रहे.

Advertisement
pic
20 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 20 जनवरी 2020, 09:07 AM IST)
Img The Lallantop
दायीं ओर की तस्वीर में नितिन गडकरी एक लड़की को अवार्ड देते हुए दिख रहे हैं. लोग इस लड़की के कपड़ों को टारगेट करके उल्टी-सीधी बातें लिख रहे हैं, लेकिन ये लड़की वहां क्या कर रही है, ये नहीं बता रहे. (तस्वीर; फेसबुक/इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more
सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें चल रही हैं. इसमें भाजपा के नेता और वर्तमान यातायात मंत्री नितिन गडकरी दिखाई दे रहे हैं. इस तस्वीर में उनके साथ बिकिनी पहने दो लड़कियां भी दिख रही हैं. इन तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर भद्दे पोस्ट्स किए जा रहे हैं. जिनमें लोग लिख रहे हैं कि ये कैसा सम्मान है, ये कैसे संस्कार हैं.
Nitin Award इस तरह के पोस्ट्स ट्विटर और वॉट्सऐप पर काफी चल रहे हैं. सभी में कमोबेश इसी तरह के तंज कसे गए हैं. (तस्वीर: फेसबुक)

एक और पोस्ट में लिखा गया:
Nitin Award 2 इस तस्वीर में अवार्ड लेती लड़की के बारे में कुछ नहीं बताया गया. केवल उसके 'नग्न' होने की बात कही जा रही है. और नितिन गडकरी को शर्मिंदा करने के उपाय ढूंढे जा रहे हैं. (तस्वीर: फेसबुक)
BJP के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी इस कार्यक्रम में एक नग्न औरत को सम्मानित कर रहे है. इस तरह के सोच वाले आखिर देश को कहां लेकर जा रहे है.
ये तस्वीरें कहां की हैं?
इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने जांच करके बताया
कि ये तस्वीरें नागपुर की हैं. वहां 12 जनवरी से 23 जनवरी तक खासदार क्रीड़ा महोत्सव चल रहा है. इसमें 32 तरह के खेलों में खिलाड़ी भाग ले रहे हैं. इन खेलों में क्रिकेट, जिमनास्टिक, साइकलिंग, स्विमिंग, चेस, जूडो जैसे खेल शामिल हैं. उसी में से एक है बॉडी बिल्डिंग कम्पटीशन. उसमें महिला वर्ग की जो विजेता थीं, उन्हें नितिन गडकरी सम्मानित कर रहे हैं. ये तस्वीरें उसी की हैं. इस साल इसका तीसरा सीजन है. खासदार क्रीड़ा महोत्सव नितिन गडकरी ने ही शुरू किया था. नितिन गडकरी के विरोधियों ने विरोध करने के लिए इस बार गलत मुद्दा चुन लिया है. जिसमें कोई वज़न तो नहीं ही है. बेवकूफ़ी अलग दिख रह है. ट्रोल्स को शायद ये मालूम नहीं कि बॉडी बिल्डिंग कम्पटीशन में मसल्स दिखाना ज़रूरी होता है. पुरुष भी सिर्फ एक लंगोट पहनकर कम्पटीशन में उतरते हैं. ताकि अपने शरीर की सभी मसल्स ढंग से दिखा सकें. महिलाओं का ड्रेस कोड भी बिकनी ही होता है. ताकि उनके शरीर की मांसपेशियां ढंग से दिखाई दें और सही तरीके से उन्हें जज किया जा सके.
यहां पर स्पोर्ट्स खेलने वाली इन महिलाओं को एक ‘नग्न महिला’ तक सीमित कर के रख दिया गया है. कहा जा रहा है कि अपना शरीर ढंककर क्या ये महिलाएं अवॉर्ड नहीं ले सकती थीं? ऊपर से नितिन गडकरी के कैरेक्टर पर सवाल उठाए जा रहे हैं. अरे भाई, ये तो खुश होने वाली बात है न कि एक बड़ा नेता छोटे स्तर पर जाकर भी खेलों को प्रमोट कर रहा है. वो भी क्रिकेट से बड़े खेलों से इतर. इसके लिए गडकरी की तारीफ़ होनी चाहिए. न ही उनका कैरेक्टर असैसिनेशन.
Untitled Design (12) सानिया की स्कर्ट को लेकर भी काफी बवाल किया गया था. (तस्वीर: विकिमीडिया)

ये पहली बार नहीं है जब स्पोर्ट्स की लड़कियों को टारगेट किया गया. सानिया मिर्ज़ा जैसी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी तक को ये कहा गया कि उनकी स्कर्ट बड़ी छोटी है. अरे जनाब, लड़कियां देश के लिए मेडल लाने में लगी हुई हैं. और आप उनके कपड़ों की लंबाई नापने में लगे हैं.
पॉलिटिकल विरोध के और भी तरीके होते हैं. थोड़ा क्रिएटिव बनिए.


वीडियो: वकील इंदिरा जय सिंह ने आशा देवी से सोनिया गांधी को फॉलो करने के लिए क्यों कहा?

Advertisement

Advertisement

()