ठाणे नगर निगम के अस्पताल पर आरोप- COVID नेगेटिव गर्भवती महिला को तीन दिन कोरोना वॉर्ड में रखा
महिला के पति ने बताई पूरी कहानी.

मुंबई का ठाणे. यहां के नगर निगम का छत्रपति शिवाजी अस्पताल. इस अस्पताल पर कोरोना रिपोर्ट देने में लापरवाही का आरोप लगा है. दरअसल, यहां एक गर्भवती महिला की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इसी के इलाज के लिए उन्हें एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल जाना पड़ा. महिला के पति का आरोप है कि उनकी पत्नी की रिपोर्ट शुरू में नेगेटिव आई थी. तब अस्पताल ने किसी दूसरे की रिपोर्ट दे दी, जो कोरोना पॉजिटिव थी. किसी दूसरी महिला का और इस शख्स की पत्नी का सरनेम बस एक था, जबकि नाम और पता दोनों अलग-अलग. इसी के चलते उनकी पत्नी को पॉजिटिव न होते हुए भी कोरोना वॉर्ड में रखा गया, जहां वो संक्रमित हो गईं.
इस पूरे मामले की जानकारी के लिए हमने महिला के पति संजू लाहौरी से बात की. उन्होंने बताया-
संजू का कहना है कि वह अपनी पत्नी को लेकर नायर अस्पताल जैसे-तैसे लेकर पहुंचे. वहां पर अस्पताल वालों ने कोरोना की रिपोर्ट मांगी. पर रिपोर्ट अस्पताल की तरफ से मिली नहीं थी. संजू ने बताया-
संजू लाहौरी का कहना है कि उनकी पत्नी कोरोना वॉर्ड में भर्ती थीं. जब ये सारी चीजें मालूम हुईं, तो दोबारा कोरोना टेस्ट हुआ और रिपोर्ट पॉजिटिव आई. पर संजू का कहना है कि वे लोग चार महीने से घर से बाहर नहीं निकले, तो उनकी पत्नी कोरोना संक्रमित कैसे हो सकती है. आरोप है कि रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद अस्पताल ने उनकी पत्नी को कोरोना वॉर्ड में रखा, इसीलिए वो संक्रमित हुई हैं. अब वह चाहते हैं कि उनकी पत्नी और होने वाला बच्चा, दोनों सुरक्षित रहें. फिलहाल नगर निगम से शिकायत के बाद महिला का इलाज एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है.
दूसरी ओर, ठाणे नगर निगम का कहना है कि महिला की रिपोर्ट किसी और के साथ नहीं बदली गई. महिला शुरू से ही कोरोना पॉजिटिव थी. उनकी लैब ने सही रिपोर्ट दी है. वहीं, सिविल अस्पताल का कहना है कि शायद उन्होंने नायर अस्पताल को गलत रिपोर्ट भेज दी. महिला कभी भी नेगेटिव नहीं पाई गई.
वीडियो देखें : गर्भवती महिलाओं को कोरोना की दिक्कतों से बचाने के लिए इन दो शहरों में बहुत सही काम हो रहा है

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