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2021 में कितने बच्चे यौन हिंसा के शिकार हुए, कितने अगवा हुए, जान लीजिए

2020 की तुलना में 2021 में बच्चों के खिलाफ हिंसा के मामलों में 16 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है.

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30 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 30 अगस्त 2022, 08:11 PM IST)
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सबसे बदतर स्थिति उत्तर प्रदेश की है और सबसे बेहतर नगालैंड की
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साल 2021 में भारत में बच्चों के खिलाफ अपराध के एक लाख 49 हज़ार 404 मामले दर्ज किए गए. इनमें से 53 हज़ार 874 मामले POCSO एक्ट के तहत दर्ज हुए हैं, जो कि कुल मामलों का करीब 36 प्रतिशत है. POCSO एक्ट नाबालिगों को यौन अपराधों से बचाने वाला कानून है. ये डाटा NCRB यानी देश में अपराधों का हिसाब-किताब रखने वाले ब्यूरो का है. 

NCRB के लेटेस्ट डेटा में सामने आया है कि देश में बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. साल 2020 में एक लाख 28 हज़ार 531 मामले दर्ज हुए थे. साल 2019, 20 और 2021 के आंकड़े देखें तो पाएंगे कि 2019 और 2021 की तुलना में 2020 में बच्चों के खिलाफ अपराध के कम मामले दर्ज हुए. हालांकि, बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा की बात करें तो 2020 में 2019 की तुलना में केवल 114 मामले कम थे. वहीं 2021 में POCSO के मामलों में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

बच्चों के खिलाफ हुए कुल अपराधों की बात करें तो इसके सबसे ज्यादा मामले मध्य प्रदेश में दर्ज हुए, उसके बाद महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में. वहीं नगालैंड में बच्चों के खिलाफ अपराध के सबसे कम मामले दर्ज किए गए. रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी राज्यों में बच्चों के खिलाफ अपराध के मामले ओवरऑल कम रहे. नगालैंड में पूरे साल में कुल 51 मामले दर्ज किए गए. 2019 में भी 59 मामले आए थे और 2020 में 31.

बच्चों के खिलाफ कौन से अपराध, कहां ज्यादा हुए

- 2021 में भ्रूण हत्या के कुल 121 मामले दर्ज हुए. इनमें सबसे ज्यादा मामले मध्य प्रदेश और गुजरात से आए.

- पूरे साल में अपरहरण के 49 हज़ार 535 मामले दर्ज हुए. किडनैपिंग के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से आए. 9, 415 मामले महाराष्ट्र में दर्ज किए गए. दूसरे नंबर पर रहे मध्य प्रदेश में 8,224 केसेस दर्ज हुए.

- 2021 में 29 हज़ार 364 बच्चों को लापता घोषित किया गया था. इनमें से 12 हज़ार 347 मामलों में नाबालिग लड़कियों को शादी के लिए मजबूर करने से जुड़े मामले थे.

रिपोर्ट में महिलाओं से जुड़े अपराधों की संख्या चिंता में डालने वाली है. रिपोर्ट के मुताबिक़, 2020 के मुक़ाबले 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई. इस साल चार लाख 28 हज़ार 278 मामले दर्ज किए गए. साल 2021 में पूरे देश में औसतन हर 74वें सेकेंड में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध का मामला दर्ज किया गया है.

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