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शादीशुदा औरतों के लिए मिस यूनिवर्स बनने का बड़ा मौका, बस ये काम करना होगा!

मिस यूनिवर्स ने तो नियम बदल दिया, पर ये बड़ा पेच फंस रहा है.

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22 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 22 अगस्त 2022, 04:28 PM IST)
Miss Universe Harnaaz
मिस यूनिवर्स कंपटीशन में हुए बदलाव
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मिस इंडिया, मिस वर्ल्ड, मिस यूनिवर्स जब भी किसी लड़की के सिर पर ये ताज सजता है तो वो सिर्फ उसके लिए नहीं बल्कि उससे जुड़े सभी लोगों के लिए एक बहुत प्राउड मोमेंट होता है. जब बात मिस यूनिवर्स की हो तो ये तो मतलब एकदम भौकाली मोमेंट होता है. हो भी क्यों न. ये दुनिया का सबसे बड़ा ब्यूटी कॉन्टेस्ट जो माना जाता है. अब इसी मिस यूनिवर्स से जुड़ी एक खबर आई है, अगले साल से इस कॉम्पिटीशन में शादीशुदा महिलाएं भी हिस्सा ले पाएंगी. माने शादी के बाद मिस यूनिवर्स बनने के सपने को संदूक में रखकर भूलने की नौबत नहीं आएगी.

आगे बढ़ें इससे पहले आपको जल्दी से बता देते हैं कि दुनिया के चार बड़े ब्यूटी कॉम्पिटीशंस कौन-कौन से होते हैं. मिस वर्ल्ड, मिस यूनिवर्स, मिस इंटरनैशनल और मिस अर्थ. इन सभी  कॉम्पिटीशंस में हिस्सा लेने के लिए अलग-अलग कंडीशंस होती हैं. लेकिन सबमें एक कंडीशन कॉमन है, वो ये है कि इसमें हिस्सा लेने वालों का अविवाहित होना ज़रूरी है. Mrs बनते ही माने शादी होते ही आपकी एलिजिबिलिटी इन कॉम्पिटीशंस के लिए खत्म हो जाती है.

अब मिस यूनिवर्स इसमें बदलाव करने जा रहा है. 1952 से शुरू हुए मिस यूनिवर्स पैजेंट में अगले साल यानी 2023 से शादीशुदा महिलाएं भी हिस्सा ले सकेंगी. इतना ही नहीं, वो महिलाएं भी हिस्सा ले सकेंगी जिनके बच्चे हो चुके हैं. 70 साल में पहली बार मिस यूनिवर्स ने शादी और बच्चे से जुड़े नियम में बदलाव करने का फैसला किया है. 

अब तक मिस यूनिवर्स कम्पटीशन में सिर्फ 18 से 28 साल की महिलाएं ही हिस्सा ले पाती थीं. साथ ही जीतने वाली महिला से ये उम्मीद की जाती थी कि जब तक उनके पास मिस यूनिवर्स का टाइटल है तब तक ना तो वो शादी करें और न ही बच्चे.

पेजेंट के एक इंटरनल मेमो में कहा गया, "हम मानते हैं कि हर महिला का अपनी जिंदगी पर अधिकार होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति के पर्सनल डिसीजन्स उनकी सफलता के रास्ते में रुकावट नहीं बनने चाहिए."

मिस यूनिवर्स के इस नए बदलाव से हम तो बहुत खुश हैं और काफी लोग भी इसकी सराहना कर रहे हैं. 2020 का मिस यूनिवर्स ताज जीतने वाली मैक्सिको की एंड्रिया मेजा ने भी इस बदलाव की सराहना की है. फैसले का सपोर्ट करते हुए उन्होंने कहा,

“मैं पर्सनली इस फैसले से बहुत खुश हूं. पहले लीडरशिप पोजिशन्स पर पुरुषों का ही अधिकार हुआ करता था, समय बदल रहा है और महिलाएं भी अब इस पोजिशन पर आ रही हैं. पेजेंट्स के बदलने का समय आ गया है. परिवार वाली महिलाएं भी अब इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले पाएंगी.”

एंड्रिया ने ये भी कहा कि हो सकता है कि कुछ लोगों को इस फैसले से परेशानी हो. पर ये वो लोग हैं जिन्हें हमेशा वो महिला पसंद आती है जो सिंगल और रेडी टू मिंगल हो. माने किसी के साथ रिलेशनशिप में जाने को तैयार हो, पर किसी रिश्ते में हो न.

शादीशुदा औरतों के मिस यूनिवर्स बनने में एक बड़ा पेच है

मिस यूनिवर्स दूसरा सबसे पुराना ब्यूटी पेजेंट है जो जून 1952 में शुरू किया गया. इसका हेड ऑफिस न्यूयॉर्क शहर में है और मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन इसे चलाता है. 
अब एक सवाल- क्या सिर्फ मिस यूनिवर्स के नियमों में बदलाव कर देने से कुछ बदल जाएगा? क्योंकि मिस यूनिवर्स में सीधे पार्टिसिपेट नहीं कर सकते हैं, इसके लिए नैशनल कॉम्पिटीशन में जीतना ज़रूरी है. भारत की बात करें तो यहां मिस इंडिया कॉम्पिटीशन होता है. इसमें जीतने वाली पार्टिसिपेंट को मिस यूनिवर्स के लिए और दूसरे नंबर पर आने वाली पार्टिसिपेंट को मिस वर्ल्ड के लिए भेजा जाता है. और मिस इंडिया के नियम के मुताबिक, अविवाहित लड़कियां जिनकी उम्र 18 से 27 के बीच हो वो ही हिस्सा ले सकती हैं. उसमें भी एक पेच ये है कि अगर पार्टिसिपेंट की उम्र 25 से ज्यादा है तो उन्हें मिस इंडिया का टाइटल नहीं दिया जाएगा, दूसरे या तीसरे नंबर पर रखा जा सकता है.

तो मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइज़ेशन ने भले ही नियम बदले हों, जब तक मिस इंडिया के संचालक इन बदलावों को लागू नहीं करते हैं तब तक भारत से किसी शादीशुदा महिला का मिस यूनिवर्स बनना तो संभव नहीं ही है. मतलब अगर मिस यूनिवर्स को सही में अपने दरवाज़े खोलने हैं तो भारत समेत हर देश में ब्यूटी कॉम्पिटीशन करवाने वाली संस्थाओं को अपने नियम बदलने होंगे. 

तो अब क्या मिसेस यूनिवर्स कॉम्पिटीशन नहीं होगा?

मिस यूनिवर्स और मिसेस यूनिवर्स कॉम्पिटीशन अलग-अलग संस्थाएं करवाती हैं. मिस यूनिवर्स में हिस्सा लेने की अधिकतम उम्र 28 साल है, वहीं मिसेज़ यूनिवर्स के लिए 45 साल तक की एज लिमिट है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2007 में मिसेज़ यूनिवर्स पैजेंट शुरू हुआ. इसके खिलाफ 2010 में मिस यूनिवर्स ने केस किया. इस पर मिसेज़ यूनिवर्स के ऑर्गनाइज़र्स ने जवाब दिया था कि मिस यूनिवर्स अविवाहित लड़कियों के लिए है, जबकि मिसेज़ यूनिवर्स शादीशुदा महिलाओं के लिए एक्सक्लूसिव है. अब चूंकि मिस यूनिवर्स ने अपने कॉम्पिटीशन में शादीशुदा महिलाओं को शामिल करने का फैसला कर लिया है तो देखना होगा कि मिसेज़ यूनिवर्स ऑर्गनाइज़ करने वाली संस्था इस पर क्या स्टैंड लेती है.

वीडियोः अर्चना चौधरी ने कैसे पूरा किया मिसेज़ यूनिवर्स का सफर

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