13 साल की बच्ची खेत में मोटर बंद करने गई थी, गांव के 'चाचा' ने रेप कर ज़िंदा दफनाया!
डॉक्टर बनने की चाह रखने वाली लड़की आज ज़िंदगी और मौत से जूझ रही है.

मध्य प्रदेश का बैतूल ज़िला. यहां एक गांव में 18 जनवरी की शाम 13 बरस की एक दलित लड़की अपने खेत में काम करने गई, लेकिन बहुत देर तक घर लौटी ही नहीं. घरवाले परेशान हुए. खोज शुरू की. काफी देर तक खोजने के बाद एक नाले में बच्ची पत्थर और कांटों से दबी मिली. बहुत ही खराब हालत में. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, पुलिस को खबर की गई. पुलिस की टीम ने छानबीन की. और फिर लड़की के गांव के ही एक आदमी को रेप के आरोप में गिरफ्तार किया. बच्ची इस वक्त नागपुर के अस्पताल में भर्ती है, हालत गंभीर है.
क्या है पूरा मामला?
'इंडिया टुडे' से जुड़े पत्रकार राजेश भाटिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला रेप और हत्या की कोशिश का है. आरोपी का नाम सुशील वर्मा है. उम्र 35 बरस है. बच्ची के परिवार के खेत के पड़ोस में ही सुशील का भी खेत है. 18 जनवरी की शाम जब बच्ची अपने खेत पर गई, तो सुशील बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया. आरोप है कि फिर सुशील ने बच्ची का रेप किया. जब बच्ची ने मदद के लिए आवाज़ लगाई, तो आरोपी ने उसे मारने की कोशिश की. उसके सिर पर मारा. फिर बेहोशी की हालत में उसे नाले में फेंककर ज़िंदा दफनाने की कोशिश की गई. उसके ऊपर पत्थर और कांटे डाल दिए गए. लेकिन राहत की बात ये है कि बच्ची अभी ज़िंदा है. बैतूल के जिस अस्पताल में बच्ची के परिवार वालों ने उसे भर्ती कराया था, वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे ज़िला अस्पताल रेफर किया गया था. ज़िला अस्पताल से नागपुर के अस्पताल रेफर किया गया. अभी बच्ची नागपुर के अस्पताल में भर्ती है. उसका परिवार भी उसके साथ वहीं मौजूद है.

बच्ची इस वक्त नागपुर में भर्ती है. (फोटो- राजेश भाटिया)
'ऑडनारी' ने बच्ची के पिता से बात की. उन्होंने बताया कि बच्ची सुशील को चाचा कहकर पुकारती थी. दोनों परिवारों के बीच कभी भी कोई अनबन नहीं हुई थी. किसी तरह की कोई दुश्मनी नहीं थी. उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि सुशील ने ये हरकत क्यों की. बच्ची के पिता ने आगे बताया कि उनकी बेटी पढ़ने में होशियार है. 9वीं क्लास में है. डॉक्टर बनना चाहती है, लेकिन अभी ज़िंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है. पिता 18 जनवरी की शाम की घटना याद करके कहते हैं,
"हर शाम मेरे बच्चे जब स्कूल से आते हैं, तो मोटर बंद करने खेत जाते हैं. हमारा खेत पास में ही है. भाई-बहन सब साथ जाते हैं. लेकिन उस दिन वो अकेले ही चली गई थी. स्कूल से आई, बैग रखा और चली गई. बच्चे जनरली आधे घंटे में आ जाते हैं, लेकिन उस शाम वो देर तक नहीं आई. हम उसे देखने गए. गाड़ी से रोड पर गए, आवाज़ लगाई. वो नहीं दिखी. हमारी दो बड़ी बेटियां भी गईं देखने. आवाज़ लगाई, मोबाइल की लाइट चालू करके खोजने की कोशिश की. फिर नाले में से आवाज़ आई. उसकी कराहने की हल्की सी आवाज़ आई. बेटियां दौड़ीं, नाले के पास गईं. सुना कि कहां से आवाज़ आ रही है. देखा कि नाले में पत्थर डले थे, उसके नीचे से आवाज़ आ रही थी. थोड़ा सा कपड़ा दिखा. तो पत्थर और कचरा हटाया. उसको निकाला, तो देखा कि वो लहूलुहान थी. कपड़े भी अस्त-व्यस्त थे. बुरी हालत में थी. हम बता नहीं सकते."
आगे बच्ची के पिता ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी से पूछा कि ये सब किसने किया, उसने कराहते हुए एक बच्चे का नाम लिया और कहा कि उस बच्चे के पिता ने ये सब किया. (बच्चा चूंकि 14 बरस का है, इसलिए हम उसका नाम नहीं ले सकते). उसके बाद बच्ची बेहोश हो गई. फिर बच्ची को अस्पताल ले जाया गया. इलाज और पुलिस की कार्रवाई वगैरह हुई. बच्ची के पिता ने रौंधे हुए गले से कहा कि उनकी बेटी ने उस शाम सुशील से बचने की बहुत कोशिश की, लेकिन सुशील ने बच्ची को बुरी तरह पीटा, गला दबाया और ज़िंदा दफना दिया. आगे कहा-
"अगर हम समय पर नहीं पहुंचते, तो शायद आज... बोल भी नहीं पाते, बता भी नहीं पाते क्या होता."
पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी बच्ची के साथ तभी इंसाफ होगा जब सुशील को फांसी की सज़ा होगी.
पुलिस का क्या कहना है?
SDOP (सब-डिविज़नल ऑफिसर ऑफ पुलिस) अभय राम चौधरी ने मीडिया से बात की. बताया कि घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद ही केस दर्ज किया गया और रात में पुलिस की टीम गांव भेज दी गई. महिला पुलिस इंस्पेक्टर ने बच्ची का बयान लिया, जिसमें बच्ची ने आरोपी का नाम बताया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ IPC की धारा 376-3 (16 साल से कम उम्र की लड़की का रेप करना), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 324 (खतरनाक हथियार से पीटना) के तहत केस दर्ज किया गया है. पॉक्सो एक्ट की भी कुछ धाराएं लगाई गई हैं. साथ ही ST-SC एक्ट की कुछ धाराओं के तहत भी केस दर्ज हुआ है.

SDOP (सब-डिविज़नल ऑफिसर ऑफ पुलिस) अभय राम चौधरी. (फोटो- राजेश भाटिया)
विपक्ष ने सरकार को घेरा
इस घटना पर विपक्षी दल राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार को घेर रहे हैं. कांग्रेस ने ट्वीट किया-
मध्यप्रदेश फिर हुआ शर्मसार ! बैतूल में 13 साल की मासूम से दुष्कर्म. मध्यप्रदेश के बैतूल में तेरह साल की मासूम के साथ दरिंदगी और हैवानियत का मामला दर्ज हुआ है, वहीं इंदौर में भी एक युवती से गैंगरेप हुआ है. शिवराज जी, बेटियों की चीख़ आप क्यों नहीं सुनते..? “शवराज चरम पर है”

इंदौर की जिस घटना का ज़िक्र हुआ है, वो भी एक-दो दिन पहले सामने आया था. 19 बरस की एक लड़की ने पांच लड़कों के ऊपर गैंगरेप के आरोप लगाए थे. लड़की ने पुलिस में शिकायत की थी कि पांचों लड़कों ने उसे किडनैप करके गैंगरेप किया, फिर उसे मारपीटकर बोरे में भरकर रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया था. इंदौर पुलिस ने अब इस मामले में कहा है कि लड़की के आरोप जांच में सही नहीं पाए गए हैं. इंदौर DIG ने कहा कि लड़की ने जो भी तथ्य बताए थे, वो जांच के दौरान सही नहीं पाए गए थे. अब पुलिस झूठी शिकायत करने के आरोप में लड़की के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की तैयारी में है. साथ ही ये भी पता लगाया जा रहा है कि लड़की ने झूठी शिकायत क्यों की थी.

