वो स्किन कंडीशन जिसमें चेहरे और बाजुओं पर छोटे-छोटे दाने उभर आते हैं
यामी गौतम भी इससे जूझ रही हैं, डर्मेटोलॉजिस्ट से जानिए इससे निपटने के उपाय.
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केरेटोसिस पलारिस में स्किन पर निकल आते हैं छोटे छोटे लाल या भूरे दाने- Freepik
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यार मेरी न तबीयत ठीक नहीं लग रही है, मैं नहीं आ पाऊंगी. मुझे याद है स्कूल के दिनों में मैंने यही बहाना बनाया था, अपनी फ्रेंड की बर्थडे पार्टी में न जाने के लिए. मेरी तबीयत को कुछ भी नहीं हुआ था बात बस इतनी सी थी कि मेरे चेहरे पर एक दाना निकल आया था और मैं अपने दोस्तों के बीच जाने में कॉन्शियस हो रही थी. जो बात आज मुझे इतनी सी लग रही है उस समय बहुत बड़ी लग रही थी. मैं घंटों रोई थी. आज जब सोचो तो ऐसा लगता है कि एक पिम्पल ही तो था मैं उससे इतना क्यों अफेक्ट हुई? वो इसलिए कि हमारे दिमाग में कुछ ऐसे ब्यूटी स्टैंडर्ड्स सेट कर दिए हैं जो रियल नहीं हैं. लेकिन फिर भी अगर उन पर खरा न उतरो तो मन में हीन भावना घर कर जाती है.
कुछ दिन पहले यामी गौतम ने एक स्किन कंडीशन के बारे में बताया था. उन्होंने बताया था कि उस कंडीशन की वजह से उन्हें मॉडलिंग और फिल्मों में अपना करियर बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा. अपने एक रीसेंट इंटरव्यू में भी उन्होंने बताया कि जब वो शूटिंग पर जाती थीं तो कैसे उनके चेहरे पर निकले दाने को लेकर मेकअप आर्टिस्ट बोलते थे कि इसे एयर ब्रश या कंसीलर से छुपाया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि उन्हें बहुत साल लगे अपनी इस बीमारी को एक्सेप्ट करने और खुद से प्यार करने में. जिस बीमारी की यामी बात कर रही हैं वो है केरेटोसिस पलारिस (Keratosis Pilaris).
इसके लक्षण और ट्रीटमेंट के बारे में हमें बताया डॉक्टर अप्रतिम गोयल ने.

डॉक्टर अप्रतिम गोयल, डर्मेटोलॉजिस्ट
क्या है केरेटोसिस पलारिस? केरेटोसिस पलारिस स्किन पर होने वाली एक हार्मलेस कंडीशन है. इसमें आपकी स्किन खासकर बाजुओं, जांघों, कूल्हों या गालों पर छोटे-छोटे भूरे य लाल रंग के दाने हो जाते हैं. क्यों होता है केरेटोसिस पलारिस? केरेटोसिस पलारिस एक जेनेटिक कंडीशन है जो पेरेंट्स से बच्चों में ट्रांसफर हो सकती है. लेकिन अगर आपके परिवार में किसी को भी केरेटोसिस पलारिस नहीं है तो इसका मतलब ये नहीं है कि ये बीमारी आपको नहीं हो सकती. अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई है, आप सही से अपने शरीर को एक्सफोलिएट नहीं करते हैं या बहुत ज्यादा टाइट कपड़े पहनते हैं तो थोडा सावधान हो जाइए. ये सभी चीज़ें केरेटोसिस पलारिस का कारण बन सकती हैं. डॉ अप्रतिम गोयल ने हमें बताया कि एक्सफोलिएशन की कमी के कारण स्किन पर केरेटिन इकठ्ठा हो जाता है और प्लग बना देता है जिस वजह से उस जगह पर दाने होने लगते हैं. केरेटोसिस पलारिस का इलाज केरेटोसिस पलारिस को पूरी तरह से ठीक नहीं किया सकता है लेकिन कुछ ट्रीटमेंट्स से इसे कंट्रोल किया जा सकता है. लेज़र हेयर रिमूवल, रीसरफेसिंग लेज़र या केमिकल पील्स जैसे ट्रीटमेंट इस कंडीशन को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं.

लेज़र हेयर रिमूवल, रीसरफेसिंग लेज़र या केमिकल पील्स से कर सकते हैं कंट्रोल- Freepik
केरेटोसिस पलारिस को कंट्रोल करने के टिप्स # डॉ अप्रतिम गोयल ने हमें केरेटोसिस को कंट्रोल करने का एक की मंत्रा बताया- माइल्ड एक्सफोलिएशन और स्ट्रांग मॉइस्चराइज़ेशन. यानि आपको अपनी बॉडी की डेड स्किन सेल्स को तो निकालना ही है, साथ ही अच्छे से मॉइस्चराइज़ेशन भी करना है.
# जो भी मॉइस्चराइज़र आप खरीदें उसमें ओटमील, नियासिनमाइड, सेरमाइड, ग्लिसरीन, स्क़्वेरिन जैसे इंग्रेडिएंट्स होने चहिये.
# नहाने के तुरंत बाद हल्की नम त्वचा पर अच्छे से मॉइस्चराइज़र लगायें ताकि स्किन ड्राई न हो.
# सर्दी में गर्म पानी से नहाना हर किसी को अच्छा लगता है लेकिन अगर आपको केरेटोसिस है तो बहुत गर्म पानी से और बहुत ज्यादा देर तक नहाने से बचें.
# त्वचा को ज़्यादा जोर से स्क्रब न करें, हल्के हाथों से ही स्क्रब करें.
# नियासिनमाइड, ग्लाइकोलिक एसिड, सेलिसिलिक एसिड या यूरिया से बनी नाईट क्रीम या मॉइस्चराइज़र रात को लगा कर सो जाएं.
# वैक्सिंग से आपकी परेशानी बढ़ सकती है. इसलिए वैक्सिंग की जगह दूसरे हेयर रिमूवल के तरीकों को आजमाएं. कुछ घरेलू उपाय # आप घर पर भी ओटमील का मॉइस्चराइज़र बना सकते हैं. इसके लिए ओटमील को थोड़ी देर के लिए दूध में भीगा दें और उसके बाद उसे स्किन पर लगाएं.
# पका हुआ पपीता लें और उसमें एक मुट्ठी कॉफ़ी मिला लें. इस मिक्सचर से शरीर को अच्छे से स्क्रब करें.
कुछ दिन पहले यामी गौतम ने एक स्किन कंडीशन के बारे में बताया था. उन्होंने बताया था कि उस कंडीशन की वजह से उन्हें मॉडलिंग और फिल्मों में अपना करियर बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा. अपने एक रीसेंट इंटरव्यू में भी उन्होंने बताया कि जब वो शूटिंग पर जाती थीं तो कैसे उनके चेहरे पर निकले दाने को लेकर मेकअप आर्टिस्ट बोलते थे कि इसे एयर ब्रश या कंसीलर से छुपाया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि उन्हें बहुत साल लगे अपनी इस बीमारी को एक्सेप्ट करने और खुद से प्यार करने में. जिस बीमारी की यामी बात कर रही हैं वो है केरेटोसिस पलारिस (Keratosis Pilaris).
इसके लक्षण और ट्रीटमेंट के बारे में हमें बताया डॉक्टर अप्रतिम गोयल ने.

डॉक्टर अप्रतिम गोयल, डर्मेटोलॉजिस्ट
क्या है केरेटोसिस पलारिस? केरेटोसिस पलारिस स्किन पर होने वाली एक हार्मलेस कंडीशन है. इसमें आपकी स्किन खासकर बाजुओं, जांघों, कूल्हों या गालों पर छोटे-छोटे भूरे य लाल रंग के दाने हो जाते हैं. क्यों होता है केरेटोसिस पलारिस? केरेटोसिस पलारिस एक जेनेटिक कंडीशन है जो पेरेंट्स से बच्चों में ट्रांसफर हो सकती है. लेकिन अगर आपके परिवार में किसी को भी केरेटोसिस पलारिस नहीं है तो इसका मतलब ये नहीं है कि ये बीमारी आपको नहीं हो सकती. अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई है, आप सही से अपने शरीर को एक्सफोलिएट नहीं करते हैं या बहुत ज्यादा टाइट कपड़े पहनते हैं तो थोडा सावधान हो जाइए. ये सभी चीज़ें केरेटोसिस पलारिस का कारण बन सकती हैं. डॉ अप्रतिम गोयल ने हमें बताया कि एक्सफोलिएशन की कमी के कारण स्किन पर केरेटिन इकठ्ठा हो जाता है और प्लग बना देता है जिस वजह से उस जगह पर दाने होने लगते हैं. केरेटोसिस पलारिस का इलाज केरेटोसिस पलारिस को पूरी तरह से ठीक नहीं किया सकता है लेकिन कुछ ट्रीटमेंट्स से इसे कंट्रोल किया जा सकता है. लेज़र हेयर रिमूवल, रीसरफेसिंग लेज़र या केमिकल पील्स जैसे ट्रीटमेंट इस कंडीशन को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं.

लेज़र हेयर रिमूवल, रीसरफेसिंग लेज़र या केमिकल पील्स से कर सकते हैं कंट्रोल- Freepik
केरेटोसिस पलारिस को कंट्रोल करने के टिप्स # डॉ अप्रतिम गोयल ने हमें केरेटोसिस को कंट्रोल करने का एक की मंत्रा बताया- माइल्ड एक्सफोलिएशन और स्ट्रांग मॉइस्चराइज़ेशन. यानि आपको अपनी बॉडी की डेड स्किन सेल्स को तो निकालना ही है, साथ ही अच्छे से मॉइस्चराइज़ेशन भी करना है.
# जो भी मॉइस्चराइज़र आप खरीदें उसमें ओटमील, नियासिनमाइड, सेरमाइड, ग्लिसरीन, स्क़्वेरिन जैसे इंग्रेडिएंट्स होने चहिये.
# नहाने के तुरंत बाद हल्की नम त्वचा पर अच्छे से मॉइस्चराइज़र लगायें ताकि स्किन ड्राई न हो.
# सर्दी में गर्म पानी से नहाना हर किसी को अच्छा लगता है लेकिन अगर आपको केरेटोसिस है तो बहुत गर्म पानी से और बहुत ज्यादा देर तक नहाने से बचें.
# त्वचा को ज़्यादा जोर से स्क्रब न करें, हल्के हाथों से ही स्क्रब करें.
# नियासिनमाइड, ग्लाइकोलिक एसिड, सेलिसिलिक एसिड या यूरिया से बनी नाईट क्रीम या मॉइस्चराइज़र रात को लगा कर सो जाएं.
# वैक्सिंग से आपकी परेशानी बढ़ सकती है. इसलिए वैक्सिंग की जगह दूसरे हेयर रिमूवल के तरीकों को आजमाएं. कुछ घरेलू उपाय # आप घर पर भी ओटमील का मॉइस्चराइज़र बना सकते हैं. इसके लिए ओटमील को थोड़ी देर के लिए दूध में भीगा दें और उसके बाद उसे स्किन पर लगाएं.
# पका हुआ पपीता लें और उसमें एक मुट्ठी कॉफ़ी मिला लें. इस मिक्सचर से शरीर को अच्छे से स्क्रब करें.

