इंदिरा नूई. पेप्सिको की चेयरपर्सन और सीईओ रहीं. दुनिया की सबसे ताकतवर महिलाओं कीलिस्ट में शामिल रहीं. अब उनकी ऑटोबायोग्राफी आई है. माय लाइफ ऐट फुल. वैसे तो इसकिताब में इंदिरा ने अपने निजी और व्यवसायिक, दोनों ज़िंदगियों से जुड़े कई क़िस्सेलिखे हैं. ये किताब उन्होंने पैनडेमिक की वजह से लगे लॉकडाउन के दौरान लिखी है.उनके शब्दों में उनका जीवन द्वंदों से भरा हुआ है. एक पत्नी और कार्यकारी अधिकारीके बीच का द्वंद, एक मां और कार्यकारी अधिकारी के बीच का द्वंद, दुनिया के सबसेबड़े लोकतंत्र और दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र के बीच का द्वंद. अपनी किताब मेंइंदिरा ने एक मेल डोमिनेंट स्ट्रक्चर में अकेली महिला होने का अपना स्ट्रगल भी इसकिताब में लिखा है. वो लिखती हैं, “मेरे साथ कभी यौन उत्पीड़न की कोई घटना नहींहुई. हालांकि, कॉरपोरेट जगत में अपने शुरुआती दिनों में बहुत सारे पुरुषों केव्यवहार से मेरी शालीनता और मेरे मूल्यों को ठेस पहुंची. बाद में मैंने इसे देखतेही ऐसे व्यवहार को बंद करने को प्राथमिकता दी." विदेश में अपनी संस्कृति और अपनेपहनावे को लेकर भी इंदिरा को काफी कुछ भुगतना पड़ा. किताब में एक जगह वो लिखती हैं,"मुझे इंडियानापोलिस में एक लाइन मीटिंग में साड़ी पहन कर ले जाना, उन दिनों मेरेकलीग्स के लिए बहुत असहज होता था. वे मेरे बिना ही क्लाइंट मीटिंग्स में चले जातेथे. उस समय ही मैं पूरी तरह से समझ गई थी कि यह साड़ी पहनने की छोटी सी क़ीमत है औरमैंने इसे स्वीकार कर लिया."TODAY is the day — #MyLifeinFull is out! 🎉 Thank you to the team who made thisa reality. Here's to the journey ahead. Order your copy today:https://t.co/YVI30UXLjT pic.twitter.com/yEQ7T1nYJU— Indra Nooyi (@IndraNooyi) September 28, 2021 पेप्सिको में शुरुआती दिनों केबारे में इंदिरा लिखती हैं, "जब मैं पेप्सीको में आई तो श्वेत अमेरिकी पुरुषपेप्सीको के पंद्रह शीर्ष पदों में से पंद्रहो पर क़ाबिज़ थे. लगभग सभी सफ़ेद शर्टऔर रेशम की टाई के साथ नीले या ग्रे रंग का सूट पहनते. या तो छोटे बाल, या बाल हीनहीं. उनमें से ज़्यादातर टेनिस खेलते, गोल्फ़ खेलते, फिशिंग, जॉगिंग और हाइकिंगकरते. मुझे मालूम था कि उनमें से किसी की भी पत्नी अपने घरों से बाहर पेड-जॉब नहींकरती थीं." कौन है इंदिरा नूई? 28 अक्टूबर 1955 को मद्रास में जन्म हुआ. नूई ने1976 में मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से केमिस्ट्री में स्नातक किया और दो साल बादआईआईएम कलकत्ता से व्यवसाय प्रशासन में मास्टर डिग्री हासिल की. अमेरिका जाने केबाद, उन्होंने 1980 में येल स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट से पब्लिक और पर्सनल मैनेजमेंट मेंअतिरिक्त मास्टर डिग्री प्राप्त की. इसके बाद के अगले छह सालों के लिए, नूई नेबॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के लिए एक सलाहकार के रूप में काम किया. बाद में मोटोरोलाऔर एसिया ब्राउन बोवेरी (अब एबीबी) जैसे इंजीनियरिंग फ़र्म में भी कार्यकारी पदोंपर काम किया. वे 30 मार्च 1994 को पेप्सीको में शामिल हुईं. 12 साल बाद. नूई नेअक्टूबर 2006 में सीईओ का पद ग्रहण किया और अगले साल बोर्ड की अध्यक्ष भी बन गईं.पेप्सिको के 42 साल के इतिहास में पांचवीं अध्यक्ष और सीईओ, नूयी सॉफ्ट-ड्रिंक औरस्नैक-फूड की दिग्गज कंपनी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला थीं और फॉर्च्यून 500कंपनियों की केवल 11 महिला सीईओ में से एक थीं. 2007 में इंद्रा के. नूयी को भारतसरकार द्वारा पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया और 2009 में उन्हेंन्यूयॉर्क के बर्नार्ड कॉलेज द्वारा दिए गए सर्वोच्च पुरस्कार, बर्नार्ड मेडल ऑफ़ऑनर से सम्मानित किया गया. वर्तमान में, नूई अमेज़न के बोर्ड और ऑडिट कमेटी कीसदस्य हैं. वह टेमासेक की अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार परिषद और अमेरिकन एकेडमी ऑफ़आर्ट्स एंड साइंसेज की सदस्य हैं. इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की एकस्वतंत्र निदेशक हैं. वह एमआईटी के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में डीन की सलाहकार परिषदकी सदस्य और एमआईटी कॉर्पोरेशन की सदस्य भी हैं.