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19 साल की लड़की गायब हुई, गुजरात पुलिस बोली 'सुरक्षित है', आखिर में पेड़ से लटकी लाश मिली

दलित सुमदाय से आने वाला ये परिवार बेटी के लिए भटकता रहा और पुलिस सोती रही.

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10 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 10 जनवरी 2020, 01:07 PM IST)
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1 जनवरी से लड़की गायब थी, 5 जनवरी के दिन पेड़ से लटकी लाश मिली. फोटो- विपिन प्रजापति.
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गुजरात का अरावली ज़िला. यहां मोडासा नाम का एक कस्बा है. यहां एक गांव में 5 जनवरी के दिन 19 साल की एक लड़की का शव पेड़ से लटका मिला, जिसके बाद से ही पूरे मोडासा में हंगामा मचा हुआ है. लड़की के परिवार वालों ने चार लड़कों के ऊपर अपहरण, गैंगरेप और हत्या के आरोप लगाए हैं. पुलिस ने चारों के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है. लोग लगातार पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी लड़की के लिए इंसाफ की मांग हो रही है. एक हैशटैग ट्रेंड कर रहा है.

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोडासा के एक गांव में रहने वाली प्रिया (काल्पनिक नाम) 1 जनवरी से ही गायब थी. उस दिन वो अपनी बहन के साथ मोडासा गई थी, लेकिन लौटी नहीं. केवल उसकी बहन ही घर वापस आई. परिवार वालों के कई बार पूछने पर भी बहन ने प्रिया के बारे में कुछ नहीं बताया. दूसरे दिन चुप्पी तोड़ी. बताया कि विमल भरवाड नाम का आदमी प्रिया को किडनैप करके अपनी कार में लेकर चला गया था. उसने बहन को धमकी दी थी कि अगर वो किसी को बताएगी, तो अंजाम बुरा होगा. इसलिए डर के मारे वो घटना वाले दिन चुप रही.

अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस केस में पुलिस ने 7 जनवरी के दिन FIR दर्ज की. इसमें घरवालों ने बताया है कि पास के ही गांव के रहने वाले चार लोगों ने प्रिया को किडनैप करके उसका रेप किया और फिर उसकी हत्या कर दी

FIR में और क्या कहा गया-

प्रिया (काल्पनिक नाम) 1 जनवरी के दिन अपनी बहन के साथ मोडासा गई थी, लेकिन लौटी नहीं. केवल उसकी बहन ही घर वापस आई. परिवार वालों के कई बार पूछने पर भी बहन ने प्रिया के बारे में कुछ नहीं बताया. प्रिया के घरवाले उसी दिन पुलिस के पास गए थे, लेकिन शिकायत नहीं दर्ज की गई. दूसरे दिन बहन ने चुप्पी तोड़ी. बताया कि विमल भरवाड नाम का आदमी प्रिया को किडनैप करके अपनी कार में लेकर चला गया था. उसने बहन को धमकी दी थी कि अगर वो किसी को बताएगी, तो अंजाम बुरा होगा. इसलिए डर के मारे वो घटना वाले दिन चुप रही.


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मोडासा के एक गांव में लड़की की लाश मिली. फोटो- विपिन प्रजापति

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, FIR में ये भी जानकारी दी गई है कि प्रिया के घरवालों ने अपहरण वाली जगह पर लगे CCTV फुटेज भी चेक किए थे. जिसके जरिए उन्हें उस कार का नंबर पता चला था. अहमदाबाद मिरर के मुताबिक, कार विमल के पिता भरत भरवाड के नाम पर रजिस्टर्ड थी. जब प्रिया के घरवालों ने भरत से सवाल किया, तब उनसे कहा गया कि कार विमल इस्तेमाल कर रहा था. जब विमल से पूछा गया, तब उसने कहा कि कार उसके तीन दोस्त दर्शन भरवाड, सतीश भरवाड और जिगर लेकर गए थे.

3 जनवरी के दिन प्रिया के घरवाले मोडासा टाउन पुलिस स्टेशन इंस्पेक्टर एन.के राबरी के पास पहुंचे. राबरी ने उन्हें कहा कि प्रिया सुरक्षित है और उसने अपने समुदाय के एक लड़के से शादी कर ली है. ये भी कहा कि वो मैरिज सर्टिफिकेट के साथ प्रिया को घर पहुंचा देंगे. प्रिया के घरवाले दूसरे दिन भी राबरी के पास पहुंचे. तब भी उनसे यही बात कही गई. हालांकि उस दिन ये भी कहा गया कि ये केस सबलपुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है. सबलपुर पुलिस थाने में भी प्रिया के घरवालों ने आवेदन किया.

फिर आई 5 जनवरी की तारीख. पास के गांव के एक पुजारी ने प्रिया के घरवालों को कॉल किया. बताया कि एक लड़की का शव पेड़ पर लटका हुआ मिला है. घरवाले वहां पहुंचे, तो पता चला कि वो शव प्रिया का ही था. शव मिलने के बाद से ही बवाल हो गया. प्रिया क्योंकि दलित समुदाय से ताल्लुक रखती थी, इसलिए मोडासा का दलित समुदाय एकजुट हो गया. पुलिस से ऊपर शिकायत दर्ज करने का दबाव डाला गया. प्रिया के घरवालों का कहना था कि विमल, दर्शन, सतीश और जिगर ने मिलकर उसका अपहरण किया था, फिर गैंगरेप किया और फिर मार डाला. 6 जनवरी तक इस मामले में पुलिस ने FIR नहीं की.

वहीं प्रिया के शव को पोस्टमार्टम के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल पहुंचाया गया. शव का मेडिकल होने के बाद उसे परिवार वालों को सौंपा जाना था, लेकन उन्होंने शव लेने से मना कर दिया. मांग रखी की जब तक चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता और इंस्पेक्टर राबरी को सस्पेंड नहीं कर दिया जाता, वो शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. प्रिया के घरवालों को कई लोगों का साथ मिला. 6 जनवरी की रात सैंकड़ों लोगों ने मोडासा ग्रामीण पुलिस स्टेशन के सामने धरना दिया. तब कहीं जाकर 7 जनवरी के दिन इस मामले में पुलिस ने चारों लड़कों के खिलाफ केस दर्ज किया. IPC की कुछ धारओं, अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक आई नहीं है. इसलिए रेप की पुष्टी नहीं हुई है. वहीं अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. चारों फरार हैं. पुलिस के ऊपर लेटलतीफी और लापरवाही के आरोप लग रहे हैं. मोडासा में पुलिस के ढीले रवैये का जमकर विरोध हो रहा है. रितेश देशमुख ने भी ट्वीट कर इंसाफ की मांग की है. लिखा है,

'19 साल की एक लड़की को किडनैप करके, रेप करके उसे मार दिया गया. उसका धर्म और जाति आप भूल जाइए. इतना याद रखिए कि वो एक युवा लड़की थी, उसके सामने पूरी एक जिंदगी पड़ी हुई थी. अपराधियों को फांसी दी जाए.'


Ritesh Dekhmukh
रितेश देशमुख का ट्वीट.

हमने यहां लड़की का नाम छिपा दिया है. क्योंकि रेप की बात कही जा रही है, नाम नहीं बता सकते. (नोट- ये डेवलपिंग स्टोरी है. जो भी अपडेट आएगा, हम आप तक पहुंचाएंगे)



वीडियो देखें:

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