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क्या पुरुषों को भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है?

डॉक्टरों ने जवाब बताया है.

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अगर किसी पुरुष को चेस्ट के एरिया में रेडिएशन थरैपी मिली है तो उसमें भी ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है
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सरवत
28 दिसंबर 2020 (अपडेटेड: 27 दिसंबर 2020, 03:59 AM IST)
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यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.

ब्रेस्ट कैंसर. ये औरतों में बेहद आम है. भारत में हर 28वीं औरत को ब्रेस्ट कैंसर होता है. लेकिन ये बीमारी सिर्फ औरतों को नहीं होती, पुरुष भी ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हो सकते हैं. हालांकि, औरतों को मुकाबले इसके मामले कम होते हैं. पर चिंता की बात ये है कि इसके बारे में लोगों को ठीक-ठीक जानकारी नहीं है. इकॉनमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेस्ट कैंसर के 40 प्रतिशत पुरुष मरीज़ ऐसे होते हैं जिनको अपनी बीमारी के बारे में बहुत बाद में पता चलता है. काफ़ी अडवांसड स्टेज में. साथ ही ट्यूमर का साइज़ भी औरतों के ट्यूमर से ज़्यादा बड़ा होता है. तो आज बात करेंगे आदमियों को होने वाले ब्रेस्ट कैंसर के बारे में.
क्यों होता है पुरषों में ब्रेस्ट कैंसर?
ये हमें बताया डॉक्टर जगदीश ने.
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डॉक्टर जगदीश शिंदे, कैंसर स्पेशलिस्ट, आदित्य बिरला मेमोरियल हॉस्पिटल, पुणे


पुरषों में होने वाले ब्रेस्ट कैंसर का एग्जैक्ट कारण अभी पता नहीं चल पाया है. कुछ ऐसे रिस्क फैक्टर हैं जिनसे पुरषों में ब्रेस्ट कैंसर होने का चांस बढ़ जाता है. जैसे-
- उम्र का बढ़ना.
- अगर किसी के परिवार में ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री रही है.
- अगर किसी पुरुष को चेस्ट के एरिया में रेडिएशन थरैपी मिली है तो उसमें भी ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है.
- कुछ जेनेटिक डिसऑर्डर. जैसे BRCA mutation (जींस में गड़बड़ी)
कारण आपने जान लिए. अब बात करते हैं कैसे पता चलेगा किसी पुरुष को ब्रेस्ट कैंसर है. और साथ ही इसका इलाज क्या है?
लक्षण
-छाती में गांठ होना
-छाती की स्किन का कलर बदल जाना
-बगल में गांठ आ जाना
- निप्पल का अंदर चले जाना.
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निप्पल अंदर चला जाना एक बड़ा लक्षण है


डायग्नोसिस
लक्षण दिखने पर बायोप्सी की जाती है. इसमें गांठ में से एक टुकड़ा निकालकर लैब में भेजा जाता है टेस्ट के लिए. टेस्ट में पता चलता है कि कैंसर है या नहीं. कैंसर के कुछ और टेस्ट भी किए जाते हैं. जिससे कैंसर का स्टेज पता चल जाता है. जैसे PET-CT स्कैन, CT स्कैन, MRI स्कैन.
इलाज
ब्रेस्ट कैंसर का इलाज पुरुषों और महिलाओं में ज़्यादातर एक ही तरह से होता है. ब्रेस्ट कैंसर में तीन तरह से इलाज किया जाता हैः
-सर्जरी. ऑपरेशन करके गांठ निकाल दी जाती है
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लक्षण दिखने पर बायोप्सी की जाती है.


-कीमोथैरेपी. कीमोथैरेपी में कैंसर की कुछ दवाइयां सलाइन या दवाई के ज़रिए पेशेंट को दी जाती है
-रेडिएशन थैरेपी. इसमें हाई एनर्जी एक्स-रे या गामा-रेज़ का इस्तेमाल कैंसर के ट्रीटमेंट के लिए किया जाता है
ज़रूरी है कि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को ये बात मालूम हो कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ़ औरतों को नहीं होता. ये जानकारी अपने परिवार के लोगों और दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करें.


वीडियो
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