मुस्लिम समुदाय से जुड़ी महिलाओं के ऑनलाइन उत्पीड़न की खबरें बीते कई दिनों सेचर्चा में हैं. इसी सिलसिले में सुल्ली डील्स और बुल्ली बाई एप के कई आरोपियों कोदिल्ली और मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया. अब खबर है कि बुल्ली बाई ऐप के तीनआरोपियों की जमानत याचिका खारिज हो गई है. इनके नाम विशाल कुमार झा, श्वेता सिंह औरमयंक रावत हैं. पुलिस ने इस मामले में ओडिशा से एक और आरोपी नीरज सिंह को भीगिरफ्तार किया है. दूसरी तरफ क्लब हाउस पर मुस्लिम महिलाओं के लिए अपमानजक टिप्पणीकरने के मामले में भी मुंबई पुलिस ने तीन आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया है.बाएं से दाएं. Sulli Deals मामले में गिरफ्तार किया गया ओंकारेश्वर ठाकुर और BulliBai मामले में गिरफ्तार किया गया नीरज बिश्नोई. (फोटो: ट्विटर)कोर्ट ने क्या कहा बुल्ली बाई मामले के तीन आरोपियों की जमानत खारिज करते हुएकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की. अदालत ने कहा, "निःसंदेह आरोपी व्यक्ति कम उम्र केछात्र हैं और उन्हें जीवन और स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार है, लेकिन वे अधिकार उचितप्रतिबंधों के अधीन हैं. उन्हें गैर-जमानती अपराध के लिए गिरफ्तार किया गया था औरइसलिए, उनकी गिरफ्तारी किसी कानून का उल्लंघन नहीं है." आगे मजिस्ट्रेट ने कहा,"उन्होंने नारीत्व को बदनाम करने वाले गंभीर अपराध किए हैं. समाज का बड़ा हित दांवपर है. इसलिए, कानून की उचित प्रक्रिया के बाद उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को कमकिया जा सकता है." 'क्लब हाउस' के आरोपी भी गिरफ़्तार Clubhouse एक ऑडियो सोशल मीडिया ऐप है. जहां चैट सेशंस होते हैं, जिनमें लोग अपनीबात रख सकते हैं.बुल्ली बाई ऐप और सुल्ली डील्स ऐप के बाद 'क्लब हाउस' (Club House) नाम केऑडियो-चैट एप्लिकेशन पर मुस्लिम महिलाओं के बारे में अश्लील टिप्पणियां करने कामामला सामने आया था. 16 जनवरी से 19 जनवरी के बीच इस ऐप पर दो चैट रूम बनाए गए थे.जिसमें ऑडियो क्लिप्स के ज़रिए मुस्लिम महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गईं.उनके प्राइवेट पार्ट्स से लेकर रेप तक की बातें कही गईं.मुंबई पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ़्तार किया है. जिसमें से एक आरोपीआकाश को करनाल से गिरफ्तार किया गया है. जिसकी उम्र 19 साल है. पुलिस इससे पूछताछकर रही है. दो अन्य आरोपियों को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है. इनमें 21 साल काजैष्णव कक्कड़ बीकॉम का छात्र है, जबकि 22 साल का यश पाराशर लॉ का स्टूडेंट है.पुलिस ने क्या कहा था? बुल्ली बाई ऐप के आरोपियों को लेकर पुलिस ने दावा किया था कितीनों आरोपी ट्विटर, इंस्टाग्राम और जीमेल पर कई सोशल मीडिया अकाउंट चला रहे थे.इससे पहले भी पुलिस ने उनकी जमानत का विरोध करते हुए दावा किया था कि आरोपियों नेअपने सोशल मीडिया हैंडल के लिए सिख समुदाय के नामों का इस्तेमाल किया है. ऐसा करकेवे समाज में शांति भंग करने और धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी पैदा करने की कोशिशकर रहे थे. पुलिस का कहना था कि जिन अपराधियों को बुल्ली बाई केस में पकड़ा गया हैउनका संबंध जुलाई 2021 में आए सुल्ली डील्स केस से भी है.