एक तरफ़ देश में महिला सशक्तिकरण के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर अबभी महिलाओं के मौलिक और कानूनी अधिकारों का हनन हो रहा है. बिहार के पूर्णिया जिलेके गणेशपुर गांव की सरपंच के पति ने भरी पंचायत में एक लड़की के साथ मारपीट की.मामला प्रेम विवाह का था और लड़का-लड़की ने घर से भागकर कोर्ट मैरिज कर ली थी. जबलड़की कोर्ट मैरिज के बाद वापस आई तो सरपंच के पति ने उस पर शादी तोड़ने के लिए एकएग्रीमेंट पर साइन करने को कहा. मना करने पर सरपंच पति ने लड़की को बुरी तरह पीटा.इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.पूर्णिया में शर्मनाक घटना ! केनगर प्रखंड के गणेशपुर पंचायत की सरपंच के पतिसुरेंद्र चौधरी लड़की से कागज पर हस्ताक्षर करवाने के लिए मारपीट कर रहा है। उसकेसाथ न्यायमित्र भी मौजूद।लड़की भवानीपुर थाना के सोनमा बलिया की रहने वाली है। उसनेबैरगाछी के एक युवक से प्रेम विवाह किया है। pic.twitter.com/WVDDqWFaPR— Purnea Times (@PurneaTimes) December 20, 2021क्या है पूरा मामलालड़का और लड़की अपने मैरिज एफीडेबिट के साथहमारे साथी संतोष कुमार ने बताया कि यह मामला प्रेम विवाह का है. लड़की का नाम सोनमहै, जिसने पूर्णिया के ही बैरगाछी इलाके के एक लड़के से बीते 12 दिसंबर को कानूनीशादी कर ली थी. इसके बाद गणेशपुर की नवनिर्वाचित सरपंच किरण देवी के पति सुरेंद्रचौधरी ने लड़की पर शादी तोड़ने और एग्रीमेंट पर साइन करने का दबाव बनाया. लेकिन, लड़कीने हाथ-पैर जोड़ते हुए साइन करने से मना कर दिया. इस पर सुरेंद्र ने उसकी पिटाई की.सरपंचपति ने साजिश बतायामीडिया को बयान देते सरपंचपति सुरेन्द्र चौधरीसरपंच के पति सुरेंद्र चौधरी ने मीडिया से बातचीत में अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहाकि ऐसा करने के लिए लड़की के घरवालों ने उनपर दबाव बनाया था. उन्होंने ये भी कहा किइस घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने उनके साथ हिंसा की. उनका पर्स, मोबाइल और पैसे छीन करउन्हें लाठी से पीटा. सरपंच पति का कहना है कि ये जोगानन्द की साजिश थी, जिसने वहवीडियो बनाया था. इसे लेकर सुरेंद्र चौधरी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.क्या है लोगों की प्रतिक्रिया इस वीडियो के वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.लोगों ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को टैग करते हुए लिखा कि यह महिला आरक्षण कादुरुपयोग है. अब भी महिला सीटों पर उनके पति ही काम करते हैं, इसलिए अब सरपंच पति,वॉर्डपति, मुखिया पति जैसे पदनाम चलने लगे हैं. लोग कह रहे हैं कि इन्हीं वजहों सेमहिला सशक्तिकरण केवल एक कागज़ी योजना बनकर रह जाती है.सब @NitishKumarकी देन हैं, महिला आरक्षण के नाम पे बंदर बांट कर दिए है, बिहार के लगभग पंचायत कायहीं हाल है, मुखियापति, सरपंचपति, वॉर्डपति, प्रमुखपति, जिलापरिषद पति नामक पोस्टबना दिए गए है, कागज पर बिहार मे महिला सशक्तिकरण चल रहा है।https://t.co/GfQiZryn4A— ANAND BHARTI (@anandbharti2008) December 20, 2021बिहार में पंचायत चुनावों के नतीजे बीते हफ्ते ही आए हैं. ऐसे में कुछ लोगों का यहभी कहना है कि अभी तो असली सरपंच किरण चौधरी ने विधिवत पद भी ग्रहण नहीं किया औरउनके पति की हनक देखने को मिल रही है. लड़की बालिग है और उसे अपनी इच्छा से जीवनसाथीचुनने का अधिकार है. जब यह शादी कोर्ट द्वारा मान्य है तो लड़की की इच्छा के विरुद्धउसे तुड़वाना और हिंसा का सहारा लेना अपने आप में कानूनन अपराध है. लड़की के परिवारवालों ने सरपंच पति के खिलाफ एसटी-एससी मामले में मुकदमा दर्ज कराया है. इस मामलेको लेकर पूर्णिया के एसपी दयाशंकर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।