प्रेग्नेंसी में अनुष्का शर्मा ने शीर्षासन किया, और कौन-कौन से योगासन कर सकते हैं?
जानिए गर्भावस्था में कौन-कौन से आसन करना सही है और कौन से बिल्कुल नहीं करने चाहिए.
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बायीं तस्वीर में अनुष्का शर्मा शीर्षासन पोज़ करती नज़र आ रही हैं. जिसमें उनको सपोर्ट कर रहे हैं विराट कोहली. ये फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.
कहते हैं एक महिला उस समय और भी खूबसूरत हो जाती है, जब वो अपने अंदर किसी दूसरी जान को पालती है. किसी भी औरत के लिए प्रेग्नेंसी का फेज़ सबसे अनूठा और अनोखा होता है. आज हम अचानक प्रेग्नेंसी की बात क्यों कर रहे हैं? क्योंकि अनुष्का शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक फोटो शेयर की है. जिसमें वो शीर्षासन करती नज़र आ रही हैं. अब जिन लोगों को नहीं पता वो जान लें कि अनुष्का जल्द ही मां बनने वाली हैं. अपने बेबी बंप के साथ ही अनुष्का इस आसन को करती दिख रही हैं.
इस फोटो में अनुष्का के साथ विराट कोहली भी दिखाई दे रहे हैं. जो इस आसन में उनकी मदद कर रहे हैं. फोटो को शेयर करते हुए अनुष्का ने लिखा है, अनुष्का ने आगे लिखा,
पहले जान लेते हैं प्रसव पूर्व आसन क्या होते हैं
प्रेग्नेंसी का समय किसी भी महिला के लिए सबसे खास होता है. इस टाइम पीरियड में वो खुशी, उम्मीद और उत्सुकता महसूस करती है. कईयों के मूड स्विंग्स भी होते हैं. सिर्फ फिज़ीकली ही नहीं बल्कि मेंटली और इमोशनली भी औरतों के अंदर बहुत सारे चेंज़ेस आते हैं. इन इमोशन्स का असर बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी पड़ता है. महिलाओं के इन्हीं चेंजेस को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर्स और योग एक्सपर्ट्स डिलिवरी से पहले महिलाओं को योग करने की सलाह देते हैं. गर्भावस्था के दौरान किया जाने वाला योग, प्रसव पूर्व योग यानी पेरेंटल योग भी कहलाता है.
1. पहले बात शीर्षासन की
अनुष्का शर्मा की ये फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है.
अनुष्का शर्मा की इस वायरल फोटो में वो शीर्षासन कर रही हैं. इस योग में सिर नीचे और पैर ऊपर होता है. मगर ध्यान में रखने वाली बात है कि ये योगा हर प्रेग्नेंट वुमेन नहीं कर सकती हैं. 'मिसाकी क्लासेस फॉर फिटनेस एंड डांस' की फाउंडर और योगा इंस्ट्रक्टर काजल गुप्ता बताती हैं, इसलिए इस आसन को करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लेनी चाहिए.
2. बद्धकोण आसन यानी तितली आसन
फायदे - ये आसन गर्भावस्था के तीसरे महीने से किया जा सकता है. इससे बॉडी में लचीलापन आता है, जो आपको डिलीवरी के टाइम में मदद देता है. साथ ही इस आसन से आपके थाईज़ यानी जांघों को भी मज़बूती मिलती है.
ध्यान रखने वाली बात - अगर आपको ऐसा करते हुए बैक यानी कमर में या बॉडी के निचले हिस्से में दर्द महसूस करती हैं, तो इसे बिल्कुल ना करें.
3. ताड़ासन
फायदे - काजल बताती हैं, ध्यान रखने वाली बात - अगर इस आसन में आपको पेट पर या बैक पर बहुत ज़्यादा पेन आ रहा है, तो इसे बिल्कुल मत कीजिए.
4. त्रिकोणासन
फोटो- सोशल मीडिया
कैसे करें - इस आसन को करने के लिए अपने दोनों पैरों के बीच 24 इंच की दूरी बनाएं. आप चाहें तो किसी दीवार के पास खड़ी होकर ये आसन कर सकती हैं. इसके बाद सांस लेते हुए अपने दाएं हाथ को सीधे ऊपर की ओर उठाते हुए बाईं ओर झुकाने का प्रयास करें. इसके बाद सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में वापिस आ जाएं.
फायदे - त्रिकोणासन को करने से टखने, जांघें और घुटने मजबूत हो जाते हैं. इसे आप 30 सेकेंड तक कर सकती हैं. कंधे, घुटने, हिप्स, पिडलियों, हैमस्ट्रिंग, थोरैक्स और पसलियों पर खिंचाव पड़ता है. ये आसन स्ट्रेस को कम करता है और एंग्जाइटी को ठीक करता है.
ध्यान में रखने वाली बात - इस आसन को करते समय ख्याल रखें कि आपकी कमर पूरी सीधी रहे. शरीर मोड़ने के दौरान हिप्स को साथ में ना मोड़ें. अगर आप बैलेंस नहीं बना पा रहीं, तो दीवार का सहारा लेकर ही ये पोज़ करें.
5. मार्जरी आसन
फोटो - शिल्पा शेट्टी के इंस्टाग्राम से
कैसे करें - इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले वज्रासन में आएं, इसके बाद टेबल पोज़ में आएं. आपके पैरों में कंधों जितना गैप रहेगा. आपकी कोहनियां सीधी रहेंगी. फिर सांस लेते हुए सिर को ज़्यादा से ज़्यादा ऊपर उठाएं. थोड़ी देर रुकें. फिर सांस को छोड़ते हुए नीचे देखें और अपनी नाभी को देखने की कोशिश करें.
फायदे - ये पोज़, आपकी बैक यानी कमर को मज़बूत बनाता है. साथ ही आपके स्ट्रेस को कम करता है. अगर आपको पीठ दर्द है, तो उसे दूर करने के लिए भी आप ये आसन कर सकती हैं.
ध्यान रखें - अगर आपको घुटनों, पीठ या गर्दन में कोई दर्द हो, तो इसे ना करें. या डॉक्टर की सलाह के बाद ही ये पोज़ करें. इसके अलावा अगर आपको सर्वाइकल की समस्या है, तो भी ये आसन ना करें.
6. उत्कतासन या चेयर पोज़
कैसे करें - सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं. इसके बाद धीरे-धीरे कुर्सी पर बैठने के तरीके में अपने घुटनों को मोड़ने की कोशिश करें. इस मुद्रा में अपने दोनों हाथों को नमस्कार की मुद्रा में सीधा उठाकर ऊपर की ओर ले जाएं. कोशिश करें आप उन दोनों हाथों की ओर देखें. कुछ सेकेंड्स ऐसे रहने के बाद वापिस से सामान्य अवस्था में लौट आएं.
फायदे - काजल कहती हैं, ध्यान रखें - अगर आपके बैक में पेन हो रहा है, तो ये आसन ना करें. इससे आपके शरीर पर और होने वाले बच्चे पर भी असर पड़ता है.
7. अनुलोम-विलोम
कैसे करें - किसी साफ और स्वच्छ जगह पर आलथी-पालथी कर के बैठ जाइए. इसके बाद दाएं अंगूठे से अपनी दाहिनी नाक को पकड़ें और बाईं नाक से सांस अंदर लें लीजिए. अब अनामिका अंगुली से बाईं नाक को बंद कर दें. इसके बाद दाहिनी नाक को खोलें और सांस बाहर छोड़ दें. अब दाहिनी से ही सांस अंदर लें और उसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाईं नाक से सांस बाहर छोड दें.
फायदे - ये आपके स्ट्रेस और एंग्ज़ाइटी को कम करता है. आपके फेफड़े मज़बूत होते हैं और बॉडी में ऑक्सीज़न प्रॉपर मात्रा में पहुंचती हैं. बदलते मौसम में शरीर जल्दी बीमार नहीं होता.
कतई ना करें ये आसन
गर्भावस्था के दौरान कुछ आसन ऐसे भी हैं, जिन्हें बिल्कुल नहीं करना चाहिए. ये ज़्यादातर वो आसन हैं, जिससे आपके पेट पर प्रेशर पड़ता है. काजल गुप्ता ने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान नौकासन, अर्ध्दचंद्राकार आसन, भुजंगासन, शलवासन, हलासन जैसे व्यायाम नहीं करने चाहिए. इन सभी योगा पोज़ में आपको पेट की तरफ लेटना पड़ता है, जिससे आपका पेट दबता है. इसलिए गर्भावस्था के दौरान इन्हें ना करने की सलाह दी जाती है.
प्रेगेनेंसी में योगा करते समय ध्यान रखें ये बातें
1. कुछ आसन ऐसे भी हैं, जिन्हें प्रेग्नेंसी की तीनों तिमाही में नहीं किया जा सकता. तो किसी भी आसन को करने से पहले अपने ट्रेनर या डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें. उदाहरण के लिए कोणासन - इसे प्रेग्नेंसी के सातवें महीने के बाद नहीं करना चाहिए.
2. अगर किसी पोज़ को करने के दौरान आपको असहज महसूस हो रहा हो, तो उसे वहीं रोक दें.
3. बहुत ज़्यादा आगे झुकने वाले आसन या पोज न करें. जिसकी वजह से पेट पर किसी भी तरह का एक्स्ट्रा प्रेशर महसूस हो.
4. अगर योग का कोई भी आसन करते वक्त सिरदर्द, चेस्ट पेन या चक्कर जैसा महसूस होने लगे, तो योग करना तुरंत रोक दें.
5. प्रेग्नेंसी में योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें. जिस तरह हमने पहले भी बताया हर महिला की बॉडी और उसकी प्रेग्नेंसी अलग-अलग तरह की होती है. इसलिए जिस समय आपको असहज महसूस होने लगे तुरंत रुक जाएं और डॉक्टर की सलाह लें.
इस फोटो में अनुष्का के साथ विराट कोहली भी दिखाई दे रहे हैं. जो इस आसन में उनकी मदद कर रहे हैं. फोटो को शेयर करते हुए अनुष्का ने लिखा है, अनुष्का ने आगे लिखा,
"ये मैंने अपने योग गुरु के संरक्षण में किया जो कि सेशन के दौरान पूरे वक्त मेरे साथ थीं. मुझे बहुत खुशी है कि मैंने प्रेग्नेंसी के दौरान भी अपनी प्रैक्टिस जारी रखी है."सिर्फ शीर्षासन ही नहीं ऐसे कई और आसन हैं जिन्हें महिलाएं अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान कर सकती हैं. आज हम आपको यहां ऐसे ही योगासन बताएंगें, जिन्हें करने से ना सिर्फ प्रेग्नेंट वुमेन का दिमाग शांत होता है बल्कि उन्हें डिलीवरी के वक्त भी कई सारे फायदे होते हैं. अगर आप प्रेग्नेंट हैं, तो इन आसनों को आप अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकती हैं.
पहले जान लेते हैं प्रसव पूर्व आसन क्या होते हैं
प्रेग्नेंसी का समय किसी भी महिला के लिए सबसे खास होता है. इस टाइम पीरियड में वो खुशी, उम्मीद और उत्सुकता महसूस करती है. कईयों के मूड स्विंग्स भी होते हैं. सिर्फ फिज़ीकली ही नहीं बल्कि मेंटली और इमोशनली भी औरतों के अंदर बहुत सारे चेंज़ेस आते हैं. इन इमोशन्स का असर बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी पड़ता है. महिलाओं के इन्हीं चेंजेस को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर्स और योग एक्सपर्ट्स डिलिवरी से पहले महिलाओं को योग करने की सलाह देते हैं. गर्भावस्था के दौरान किया जाने वाला योग, प्रसव पूर्व योग यानी पेरेंटल योग भी कहलाता है.
1. पहले बात शीर्षासन की
अनुष्का शर्मा की ये फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है.
अनुष्का शर्मा की इस वायरल फोटो में वो शीर्षासन कर रही हैं. इस योग में सिर नीचे और पैर ऊपर होता है. मगर ध्यान में रखने वाली बात है कि ये योगा हर प्रेग्नेंट वुमेन नहीं कर सकती हैं. 'मिसाकी क्लासेस फॉर फिटनेस एंड डांस' की फाउंडर और योगा इंस्ट्रक्टर काजल गुप्ता बताती हैं, इसलिए इस आसन को करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लेनी चाहिए.
2. बद्धकोण आसन यानी तितली आसन
कैसे करें - इस आसन को करने के लिए दोनों पैरों को सामने की तरफ मोड़कर एक-दूसरे से मिला लीजिए. दोनों पैरों को नमस्ते की मुद्रा में बना लीजिए. दोनों हाथों की उंगलियों को क्रॉस करते हुए पैर के पंजे को पकड़ लीजिए. अब पैरों को ऊपर नीचे कीजिए.
फायदे - ये आसन गर्भावस्था के तीसरे महीने से किया जा सकता है. इससे बॉडी में लचीलापन आता है, जो आपको डिलीवरी के टाइम में मदद देता है. साथ ही इस आसन से आपके थाईज़ यानी जांघों को भी मज़बूती मिलती है.
ध्यान रखने वाली बात - अगर आपको ऐसा करते हुए बैक यानी कमर में या बॉडी के निचले हिस्से में दर्द महसूस करती हैं, तो इसे बिल्कुल ना करें.
3. ताड़ासन
कैसे करें - सबसे पहले सीधें खड़े हों जाएं, इसके बाद दोनों हाथों को कान के पास से ऊपर ले जाते हुएं धीरे-धीरे एड़ियों को उठाएं. खुद को ऊपर उठाने की कोशिश करें. इस आसन को आप 3 से 4 मिनट तक कर सकते हैं. सांसों को बाहर की ओर छोड़ें. फिर धीरे-धीरे हाथों को नीचे लाते हुए एड़ियों को ज़मीन पर रख लें.
फायदे - काजल बताती हैं, ध्यान रखने वाली बात - अगर इस आसन में आपको पेट पर या बैक पर बहुत ज़्यादा पेन आ रहा है, तो इसे बिल्कुल मत कीजिए.
4. त्रिकोणासन
फोटो- सोशल मीडिया
कैसे करें - इस आसन को करने के लिए अपने दोनों पैरों के बीच 24 इंच की दूरी बनाएं. आप चाहें तो किसी दीवार के पास खड़ी होकर ये आसन कर सकती हैं. इसके बाद सांस लेते हुए अपने दाएं हाथ को सीधे ऊपर की ओर उठाते हुए बाईं ओर झुकाने का प्रयास करें. इसके बाद सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में वापिस आ जाएं.
फायदे - त्रिकोणासन को करने से टखने, जांघें और घुटने मजबूत हो जाते हैं. इसे आप 30 सेकेंड तक कर सकती हैं. कंधे, घुटने, हिप्स, पिडलियों, हैमस्ट्रिंग, थोरैक्स और पसलियों पर खिंचाव पड़ता है. ये आसन स्ट्रेस को कम करता है और एंग्जाइटी को ठीक करता है.
ध्यान में रखने वाली बात - इस आसन को करते समय ख्याल रखें कि आपकी कमर पूरी सीधी रहे. शरीर मोड़ने के दौरान हिप्स को साथ में ना मोड़ें. अगर आप बैलेंस नहीं बना पा रहीं, तो दीवार का सहारा लेकर ही ये पोज़ करें.
5. मार्जरी आसन
फोटो - शिल्पा शेट्टी के इंस्टाग्राम से
कैसे करें - इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले वज्रासन में आएं, इसके बाद टेबल पोज़ में आएं. आपके पैरों में कंधों जितना गैप रहेगा. आपकी कोहनियां सीधी रहेंगी. फिर सांस लेते हुए सिर को ज़्यादा से ज़्यादा ऊपर उठाएं. थोड़ी देर रुकें. फिर सांस को छोड़ते हुए नीचे देखें और अपनी नाभी को देखने की कोशिश करें.
फायदे - ये पोज़, आपकी बैक यानी कमर को मज़बूत बनाता है. साथ ही आपके स्ट्रेस को कम करता है. अगर आपको पीठ दर्द है, तो उसे दूर करने के लिए भी आप ये आसन कर सकती हैं.
ध्यान रखें - अगर आपको घुटनों, पीठ या गर्दन में कोई दर्द हो, तो इसे ना करें. या डॉक्टर की सलाह के बाद ही ये पोज़ करें. इसके अलावा अगर आपको सर्वाइकल की समस्या है, तो भी ये आसन ना करें.
6. उत्कतासन या चेयर पोज़
कैसे करें - सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं. इसके बाद धीरे-धीरे कुर्सी पर बैठने के तरीके में अपने घुटनों को मोड़ने की कोशिश करें. इस मुद्रा में अपने दोनों हाथों को नमस्कार की मुद्रा में सीधा उठाकर ऊपर की ओर ले जाएं. कोशिश करें आप उन दोनों हाथों की ओर देखें. कुछ सेकेंड्स ऐसे रहने के बाद वापिस से सामान्य अवस्था में लौट आएं.
फायदे - काजल कहती हैं, ध्यान रखें - अगर आपके बैक में पेन हो रहा है, तो ये आसन ना करें. इससे आपके शरीर पर और होने वाले बच्चे पर भी असर पड़ता है.
7. अनुलोम-विलोम
कैसे करें - किसी साफ और स्वच्छ जगह पर आलथी-पालथी कर के बैठ जाइए. इसके बाद दाएं अंगूठे से अपनी दाहिनी नाक को पकड़ें और बाईं नाक से सांस अंदर लें लीजिए. अब अनामिका अंगुली से बाईं नाक को बंद कर दें. इसके बाद दाहिनी नाक को खोलें और सांस बाहर छोड़ दें. अब दाहिनी से ही सांस अंदर लें और उसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाईं नाक से सांस बाहर छोड दें.
फायदे - ये आपके स्ट्रेस और एंग्ज़ाइटी को कम करता है. आपके फेफड़े मज़बूत होते हैं और बॉडी में ऑक्सीज़न प्रॉपर मात्रा में पहुंचती हैं. बदलते मौसम में शरीर जल्दी बीमार नहीं होता.
कतई ना करें ये आसन
गर्भावस्था के दौरान कुछ आसन ऐसे भी हैं, जिन्हें बिल्कुल नहीं करना चाहिए. ये ज़्यादातर वो आसन हैं, जिससे आपके पेट पर प्रेशर पड़ता है. काजल गुप्ता ने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान नौकासन, अर्ध्दचंद्राकार आसन, भुजंगासन, शलवासन, हलासन जैसे व्यायाम नहीं करने चाहिए. इन सभी योगा पोज़ में आपको पेट की तरफ लेटना पड़ता है, जिससे आपका पेट दबता है. इसलिए गर्भावस्था के दौरान इन्हें ना करने की सलाह दी जाती है.
प्रेगेनेंसी में योगा करते समय ध्यान रखें ये बातें
1. कुछ आसन ऐसे भी हैं, जिन्हें प्रेग्नेंसी की तीनों तिमाही में नहीं किया जा सकता. तो किसी भी आसन को करने से पहले अपने ट्रेनर या डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें. उदाहरण के लिए कोणासन - इसे प्रेग्नेंसी के सातवें महीने के बाद नहीं करना चाहिए.
2. अगर किसी पोज़ को करने के दौरान आपको असहज महसूस हो रहा हो, तो उसे वहीं रोक दें.
3. बहुत ज़्यादा आगे झुकने वाले आसन या पोज न करें. जिसकी वजह से पेट पर किसी भी तरह का एक्स्ट्रा प्रेशर महसूस हो.
4. अगर योग का कोई भी आसन करते वक्त सिरदर्द, चेस्ट पेन या चक्कर जैसा महसूस होने लगे, तो योग करना तुरंत रोक दें.
5. प्रेग्नेंसी में योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें. जिस तरह हमने पहले भी बताया हर महिला की बॉडी और उसकी प्रेग्नेंसी अलग-अलग तरह की होती है. इसलिए जिस समय आपको असहज महसूस होने लगे तुरंत रुक जाएं और डॉक्टर की सलाह लें.

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