यौन शोषण का शिकार हुई बेटी का साथ मां ने छोड़ा, जज ने बच्ची के बयान पर सजा सुनाई
6 साल की बच्ची से जज ने प्यार से बात की, तो पूरी घटना पता चल गई.

हरियाणा का अंबाला ज़िला. यहां यौन शोषण के डेढ़ साल पुराने एक मामले में अदालत ने 20 जनवरी के दिन सज़ा सुनाई. ये केस 6 साल की एक बच्ची के यौन शोषण का था. स्कूल वैन के अंदर ड्राइवर ने बच्ची का शोषण किया था. अंबाला के एडिशनल सेशन जज रजनीश बंसल ने ड्राइवर सतीश को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई.
मां बयान से मुकरी, लेकिन बच्ची ने सब बता दिया
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची की मां ने 16 अगस्त, 2018 के दिन केस दर्ज करवाया था. मां की शिकायत के मुताबिक, जब ड्राइवर 14 अगस्त के दिन बच्ची को घर छोड़ रहा था, तो उसे अकेला पाकर उसने बच्ची का यौन शोषण किया था. हालांकि बाद में बच्ची की मां अपने बयान से मुकर गई थी. उसने कोर्ट में कहा कि गलती से बयान दिया था, ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी.
इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल और स्कूल वैन के इन्चार्ज टीचर ने भी ड्राइवर के पक्ष में बयान दिए थे. प्रिंसिपल ने कहा था कि बच्ची को आखिरी में घर नहीं छोड़ा गया था, उस वक्त वैन में पांच और बच्चे थे. हालांकि कोर्ट ने उनके बयानों को नहीं माना. जब सारे गवाह पीछे हटते दिखे, तो जज ने बच्ची को पुचकार कर सारी बात जानने की कोशिश की.
बच्ची ने जज को बताया कि ड्राइवर ने बस में उसके साथ गलत हरकत की थी. सरकारी वकील जंगबहादुर के मुताबिक, बच्ची के बयान को ही कोर्ट ने आधार मानते हुए सजा सुनाई.
ड्राइवर ने कैंसर की बात कहकर बचना चाहा
सतीश अगस्त, 2018 से ही जेल में है. जब उसे जेल भेजा गया, तब पता चला कि उसकी आंखों में कैंसर है. इलाज हुआ, कैंसर प्रभावित आंख को निकाल दिया गया. फिर समय के साथ दूसरी आंख की रोशनी भी कम हो गई. सतीश ने कहा कि उसके घर में उसकी बूढ़ी मां, पत्नी और 7 साल का बेटा हैं, इसलिए उसे छोड़ दिया जाए. हालांकि कोर्ट ने इन दलीलों को नहीं माना.
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