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'पॉज़िटिव' शब्द से डर के माहौल में ये ऐड आपको सकारात्मकता से भर देगा

आज की तारीख में यूट्यूब पर ये न देखा, तो कुछ नहीं देखा.

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Bheema Jewellery के विज्ञापन में दिखाया गया है कि जब एक ट्रांसजेंडर को उसका परिवार एक्सेप्ट करता है, उसके होने को सेलिब्रेट करता है तो घर में कितनी खुशियां आती हैं. (यूट्यूब स्क्रीनग्रैब)
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कुसुम
19 अप्रैल 2021 (अपडेटेड: 19 अप्रैल 2021, 12:59 PM IST)
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देश एक खराब वक्त में जी रहा है. लोग सड़कों पर, अस्पतालों के बाहर मर रहे हैं. बिना इलाज के. बिना ऑक्सीजन के. ऑक्सीजन जो जीवन की बेसिक ज़रूरत है. लोगों में निराशा है, नाराज़गी है. बुरे वक्त में किसी को बी पॉज़िटिव कहने का चलन अब जाने लगा है. पॉज़िटिव शब्द से डर लगने लगा है. हम रोज़ मनाते हैं कि किसी परिचित के पॉज़िटिव होने की खबर अब सुनने को न मिले. पॉज़िटिव शब्द पर छाई इस धुंध के बीच जीवन में पॉज़िटिविटी लाने वाला एक ऐड हाल ही में यूट्यूब पर अपलोड हुआ है. ये ऐड है गहनों के एक ब्रैंड का. भीमा जूलरी. ऐसा क्या है भीमा जूलरी के इस ऐड में, जो हमें इतना पसंद आया? ऐड में है एक लड़का. कुछ अकेला-अकेला सा. कभी समंदर किनारे तो कभी अपने कमरे में अकेला बैठा हुआ. उसे अपने बिस्तर पर एक बक्सा दिखता है. खोलता है तो उसमें सोने की पायल का जोड़ा होता है. पीछे से उसके पापा आते हैं और उसे प्यार करते हैं. लड़का वो पायल पहनकर समुद्र की लहरों पर चलता है. बाथरूम में छिपकर लिपस्टिक ट्राई करता है. उसके पापा-मम्मी उसके कान पियर्स करवाते हैं. वो बाल बढ़ाता है. फिर दिखाया जाता है कि उसका जेंडर बदल गया है. वो जैसी है उसके पेरेंट्स उसे वैसे एक्सेप्ट करते हैं. उसके साथ वैसे ही खुश रहते हैं. और ऐड के आखिर में वो दुल्हन बनती है. आप भी देखिएः
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इस ऐड की खास बात ये है कि इसमें कोई डायलॉग नहीं है. केवल दृश्यों के माध्यम से इसके जरिए एक खूबसूरत मैसेज देने की कोशिश की गई है. मैसेज क्या है? कि LGBTQ समुदाय के लोगों को भी हक है कि वो समाज में उसी समानता और सम्मान के साथ रहें, जो पुरुष या महिला होने पर मिलता है. इसका मकसद है कि ट्रांसजेंडर्स को लेकर हम संवेदनशील हों. उनके होने को उतना ही सामान्य माना जाए, जितना किसी भी इंसान के होने को माना जाता है. हमने ऐसे कई ट्रांसजेंडर्स की कहानी सुनी है जो लड़के के शरीर में पैदा हुए पर अंदर से लड़की थे, या इसका उलट. ये भी सुना है कि उन्हें परिवार में और समाज में किस तरह के भेदभाव और दबाव का सामना करना पड़ा. कैसे उन्हें अपनी पहचान छिपानी पड़ी. अपनी पहचान बनाने के लिए उन्हें कितना जूझना पड़ा, कितना लड़ना पड़ा. ऐसे में ये ऐड उन पेरेंट्स के लिए एक मैसेज है जो सिर्फ इसलिए अपने बच्चों का साथ छोड़ देते हैं कि वो ट्रांसजेंडर हैं. जिनपर समाज का डर, मान-मर्यादा का झूठा दिखावा अपने बच्चे के प्रेम से ज्यादा हावी होता है. भीमा जूलरी की बात करें तो इसके स्टोर्स तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में ही हैं.

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