इंटरनेट पर छाई ये डाइट्स गलती से अपना न लेना!
डॉक्टर गूगल पर भरोसा न करें!
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इन डाइट्स से 3-6 हफ़्तों के अंदर असर देखने को मलता है
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)दो महीने बाद नित्या की बहन की शादी थी. नित्या महा टेंशन में. क्यों? अरे भई लहंगा पहनना था. 7 से 8 किलो वज़न कम करना था. नित्या बताती हैं कि उस वक़्त उनका वज़न लगभग छियासट किलो था. जब उन्हें कुछ और नहीं सूझा तो नित्या ने डॉक्टर गूगल का सहारा लिया. सोशल मीडिया पर नई-नई डाइट्स खोजनी शुरू कीं. वो इन्स्टाग्राम पर सिलेब्स की तस्वीरें देखतीं. उनके वेट लॉस को देखकर ख़ूब जलतीं. फिर आए दिन नई डाइट ट्राई करतीं. गूगल पर मौजूद शायद ही कोई डाइट उन्होंने छोड़ी हो.
नतीजा ये हुआ कि उनका वज़न तो थोड़ा कम हुआ, पर लेने के देने पड़ गए. 1 महीने के अंदर उनका भयानक हेयर लॉस शुरू हो गया. शरीर में दर्द. कमज़ोरी. पेट खराब. दुनिया भर की दिक्कतें शुरू हो गईं. डॉक्टर को दिखाने तक की नौबत आ गई. नित्या के ब्लड टेस्ट हुए. पता चला, उनके शरीर में विटामिन डी, कैल्शियम, जिंक और बहुत पोषण की कमी हो गई थी. इसके बाद नित्या ने सोशल मीडिया पर तैर रही ये सो-कॉल्ड डाइट्स से तौबा कर ली.
अब नित्या चाहती हैं कि हम अपने शो पर कुछ ऐसी डाइट्स के बारे में बताएं जो मशहूर तो बहुत हैं, पर उनका आपके शरीर पर बुरा सर पड़ता है. ताकि उनकी जैसी गलती और लोग न करें. वैसे हममें से बहुत लोगों ने ये गलती की है. गूगल पर कोई डाइट पढ़ी. बिना किसी एक्सपर्ट से बात किए उसे फॉलो करना शुरू कर दिया. ज़्यादा समय तक कर नहीं पाए. फिर जितना वज़न घटाया था वो तो गेन किया ही किया, ऊपर से कुछ एक्स्ट्रा किलो और बढ़ा लिए. सेहत की बैंड बजी सो अलग. तो लेट्स गेट टू द पॉइंट. बात करते हैं कुछ ऐसी डाइट्स की जो पॉपुलर तो बहुत हैं पर हेल्दी नहीं.
इनके बारे में हमें बताया डायटीशियन सौम्या ने.

सौम्या मिश्रा, न्यूट्रिशनिस्ट, डायटीशियन, सीडीई, दुबई
कीटो डाइट -कीटोजेनिक डाइट आजकल बहुत पॉपुलर है.
-इंटरनेट पर हर जगह छाई हुई है.
-क्योंकि इसका असर बहुत जल्दी देखने को मिलता है.
-3-6 हफ़्तों के अंदर ही.
-10 किलो तक वेट लॉस हो जाता है.
-इसलिए हर इंसान ये डाइट करना चाहता है.
-कीटो डाइट में आप केवल 10 ग्राम तक कार्बोहाइड्रेट खा सकते हैं.
-इसमें फैट और प्रोटीन ज़्यादा खाया जाता है.
-कहा जाता है कि शरीर फैट को फ्यूल की तरह इस्तेमाल करता है.
-यानी एनर्जी के लिए शरीर फैट का ही इस्तेमाल करता है.
-इसलिए फैट बर्न होता है और वज़न कम होता है.
-लेकिन ये डाइट आपके अंगों को नुकसान पहुंचाती है.
-शरीर पोषण सही तरह से सोख नहीं पाता.
-ये डाइट क्वालिटी ऑफ़ फैट के बारे में बात नहीं करती.
-मक्खन, घी, मटन, चीज़ कितनी भी मात्रा में खाया जा सकता है.
कीटो डाइट में आप केवल 10 ग्राम तक कार्बोहायड्रेट खा सकते हैं-तो इससे क्या होता है? आपके अंगों पर असर पड़ता है, शरीर पोषण सोख नहीं पाता.
-साथ ही 2-3 महीने के बाद इस डाइट को कर पाना मुश्किल होता है.
-आप जहां से शुरू हुए हैं, वहां दोबारा पहुंचने में आपको 3 हफ़्ते लगते हैं.
-जैसे अगर आपने 6-7 हफ़्तों में 10 किलो वज़न कम किया है तो अगले 3 हफ़्तों में आप 8-9 किलो दोबारा बढ़ा लेते हैं.
-क्योंकि आप धीरे-धीरे अपने नॉर्मल खाने के पैटर्न पर वापस आ जाते हैं.
-ये डाइट आपकी किडनी और लिवर पर भी असर डालती है.
-इतने कम समय में ज़्यादा वज़न घटाने से आपकी सेहत पर असर पड़ता है.
-कीटो डाइट एक ऐसी डाइट थी जो 10-15 साल पहले केवल मिर्गी, ऑटिज्म और ADHD के पेशेंट्स को दी जाती थी.
-क्योंकि अगर शक्कर की मात्रा कम कर दी जाए तो उनका ब्रेन ज़्यादा बेहतर तरीके से काम करता था.
-लेकिन सोशल मीडिया के कारण ये डाइट अब बेहद पॉपुलर हो गई है. जूस क्लेंस -दूसरी बहुत पॉपुलर डाइट है जूस क्लेंस.
-जूस क्लेंस दो तरह से किया जाता है.
-एक है वीकली जूस क्लेंस. जिसमें हफ़्ते के 7 दिन अलग-अलग जूस पिए जाते हैं.
-कुछ भी सॉलिड खाना नहीं खाया जाता.
-कहा जाता है कि इससे लिवर और किडनी को रेस्ट मिलता है.
-शरीर डीटॉक्स होता है, अंदर से साफ़ होता है.
-इसलिए आपका वज़न घटता है.
जूस क्लेंस का सबसे बड़ा साइड इफ़ेक्ट है कि 1 हफ़्ता खत्म होते-होते आपको बहुत खाना खाने की इक्छा होगी-दूसरा जूस क्लेंसे करने का तरीका है कि एक ही दिन में 3 तरह के जूस पिए जाते हैं.
-नाश्ते, लंच और डिनर में.
-उसके कारण आपका वज़न गिरने लगता है.
-ये समझने की ज़रुरत है कि अगर आप कुछ नहीं खाएंगे, लिक्विड पर रहेंगे तो वेट लॉस तो वैसे भी हो जाएगा.
-जहां तक रही शरीर को अंदर से साफ़ करने की बात तो उसके लिए लिवर और किडनी हैं ही.
-अगर हम सही खाना खाएं, सही रूटीन फॉलो करें तो लिवर और किडनी वैसे भी हमारे शरीर को अंदर से साफ़ करते ही हैं.
-जूस क्लेंस का सबसे बड़ा साइड इफ़ेक्ट है कि 1 हफ़्ता खत्म होते-होते आपको बहुत खाना खाने की इच्छा होगी.
-सिर में दर्द, चक्कर, मूड खराब होना, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं आएंगी.
-जब तक आप पर वज़न घटाने का जुनून है, आप जूस क्लेंस कर रहे हैं, तब तक तो ये आपके लिए रामबाण है.
-लेकिन उसके बाद आप वहीं पहुंच जाते हैं जहां से आपने शुरू किया होता है.
-लंबे समय के लिए आप जूस क्लेंस नहीं कर सकते.
-इसके कारण आपको कई तरह का पोषण भी नहीं मिलता है.
-ये वज़न जल्दी घटाने का एक उपाय हो सकता है पर ये लंबे समय के लिए नहीं चल सकता. एटकिन्स डाइट -जिम जाने वाले लोगों में एटकिन्स डाइट बेहद पॉपुलर है.
-एटकिन्स डाइट में ज़्यादा मात्रा में प्रोटीन लिया जाता है.
-आमतौर पर एक हेल्दी डाइट में 1 ग्राम प्रोटीन हर एक किलो बॉडी वेट के हिसाब से लेना चाहिए.
-एटकिन्स डाइट में हर 1 किलो बॉडी वेट के लिए 1.5 से 2 ग्राम प्रोटीन लिया जाता है.
-इतना ज़्यादा प्रोटीन खाने के लिए सप्लीमेंट्स का सहारा लेना पड़ता है.
-जैसे वे-प्रोटीन, BCA एक्सट्रैक्ट, AAA एक्सट्रैक्ट.
-इससे आपके हाज़मे और पेट पर बुरा असर पड़ता है.
-कुछ लोग वज़न कम करने के बजाय बल्क-अप करने लगते हैं.
-किडनी पर बुरा असर पड़ता है.
-स्किन पर रैशेज़ पड़ने लगते हैं.
आमतौर पर एक हेल्दी डाइट में 1 ग्राम प्रोटीन हर एक किलो बॉडी वेट के हिसाब से लना चाहिए-क्योंकि ये एक बैलेंस्ड खाने का पैटर्न नहीं है.
-एटकिन्स डाइट थोड़े समय के लिए वज़न घटाने में मदद करती है, एनर्जी देती है और फिट रखती है.
-कम खाकर भी पेट भरा हुआ लगता है.
-प्रोटीन शेक पीने से पूरे दिन का काम चल जाता है.
-लेकिन ये डाइट आपको लंबे समय तक नहीं करनी चाहिए. पैलियो डाइट -पैलियो डाइट में हम वो खाते हैं जो हमारे पूर्वज लाखों साल पहले खाते थे.
-जैसे कच्चा खाना, भीगा हुआ अनाज, नट्स, सीड्स.
-दिनभर कच्चा खाना खाया जाता है.
-सबसे बड़ी बात, हम अब उस ज़माने में नहीं रहते.
-अब हमारे हाज़मे का सिस्टम बदल गया है.
-लाइफस्टाइल बदल गई है.
-खाना और अनाज अब जिस तरह से उगाया जाता है, वो पहले से बहुत अलग है.
-इस डाइट से पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता.
-इसलिए ये लंबे समय तक नहीं चल पाती.
पैलियो डाइट में हम अपने पूर्वज जो शिकार करते थे लगभग 2.5 मिलियन साल पहले, जैसा वो खाते थे, वैसा खाना खाएं-अंत में सेहत से जुड़ी दिक्कतें होने लगती हैं.
-लेकिन अगर आप इसे सिर्फ़ कुछ दिन करें तो ये वज़न घटाने में मदद कर सकती है.
जिन चार डाइट्स के बारे में आपने सुना, ये बेहद पॉपुलर हैं. इनमें से कुछ जल्दी वज़न घटाने में मदद भी करती हैं. पर किस कीमत पर? क्या वज़न घटाने के लिए आप अपने शरीर, सेहत और अंगों को दांव पर लगाने के लिए तैयार हैं? नहीं न! वेट लॉस करने में मेहनत लगती है. सही डाइट और एक्सरसाइज, दोनों की ज़रूरत होती है. कोई शॉट कट नहीं होता. वज़न घट भी गया तो कुछ समय बाद सारा वापस आ जाता है. इसलिए बिना किसी एक्सपर्ट की सलाह के किसी भी डाइट पर आंख बंद करके भरोसा न करें. ख़ासतौर पर वो जिनके बारे में आप इंटरनेट पर पढ़ते हैं. बी स्मार्ट!

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