ये तीन योगासन आपको माइग्रेन से जबरदस्त आराम दिलाएंगे
योग माइग्रेन में कमाल असर करता है.
Advertisement

माइग्रेन एक तरह की मेडिकल कंडीशन होती है. ये सिर दर्द से काफ़ी अलग होता है.
Quick AI Highlights
Click here to view more
सोचिए. कोई आपका सिर पकड़कर दीवार पर जोर-जोर से मार रहा है. रुक नहीं रहा. खून नहीं निकल रहा. पर दर्द बर्दाश्त के बाहर है. आंखों से सामने अंधेरा छा रहा है. ऐसे लग रहा कोई आंखों में सुइयां चुभा रहा है. उल्टी आ रही है. ऐसे सोच पाना भी डरावना है न? नहीं ये किसी हॉरर मूवी का सीन नहीं है. ऐसा ही कुछ महसूस होता है, जब माइग्रेन का दर्द उठता है.
क्या है ये?
माइग्रेन एक तरह की मेडिकल कंडीशन होती है. ये सामान्य सिर दर्द से काफ़ी अलग होता है. ये स्टेजेस में होता है. और कई दिन तक चल सकता है. इसमें सिर के एक कोने में दर्द हो सकता है. या दोनों. दर्द धड़कन की तरह महसूस होता है. उठता है. गिरता है. उल्टी होती है. रोशनी की तरफ देखने में नानी याद आ जाती है. हल्की सी आवाज़ डीजे जैसी तेज़ महसूस होती है.
क्यों होता है माइग्रेन?
कई वजह हैं. जैसे:
-ब्रेन में कुछ ऐसा लोचा हो जाए जिसकी वजह से तंत्रिकाएं (nerves) आपस में जिस तरह कम्यूनिकेट करती हैं, उनमें बदलाव आ जाए.
-ब्रेन के अंदर कुछ केमिकल्स में बदलाव
-हो सकता है आपके परिवार में किसी को माइग्रेन हो. ये जेनेटिक भी होता है.
-हॉर्मोनल बदलाव
-कुछ खास तरह का खाना, जिसमें नकली यानी आर्टिफिशियल शुगर होती है.
-स्ट्रेस
-मौसम
-कुछ ख़ास दवाइयां
-ठीक से न सोना
-शराब, सिगरेट.
अब आते हैं उपाय पर
ऐसा कहा जाता है कि योग से माइग्रेन ठीक हो सकता है.
माइग्रेन का दर्द स्टेजेस में होता है. और कई दिन तक चल सकता है.
क्या ये सच है?
ये जानने के लिए हमने बात की योगी आनंद से. वो फाउंडर हैं अद्वैत योग स्कूल के. दिल्ली के कैलाश कॉलोनी में. उन्होंने कहा-
‘जी. सही बात है. योग से माइग्रेन ठीक हो सकता है.’
कैसे भला?
अभी तक तो यही सुना था कि माइग्रेन भगाने के लिए खूब दवाइयां खानी पड़ती हैं. योग कैसे असर करती है?
योगी आनंद बताते हैं-
‘योग माइग्रेन से निजात पाने में मदद करता है. आपके पोस्चर को ठीक करके. पोस्चर यानी आपके बैठने, खड़े होने, चलने, सोने का तरीका. बुरे पोस्चर की वजह से आपकी गर्दन और सिर में दर्द होता है. योग से ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है. आपके शरीर में नर्वस सिस्टम होता है. इसको कमांड ऑफिस समझ लीजिए. आपका पूरा शरीर यहीं से कंट्रोल होता है. इसके तीन डिपार्टमेंट होते है. हम बात करेंगे अपने मतलब के डिपार्टमेंट के. पैरासिमपेथेटिक नर्वस सिस्टम. ये आपके शरीर की पाचन शक्ति और रेस्ट करने की प्रक्रिया को कंट्रोल करता है. ये शरीर में एनर्जी बचाता है, हार्ट रेट कंट्रोल में रखता है. योग के दौरान ये डिपार्टमेंट आपका ब्लड प्रेशर भी नॉर्मल करता है. इस केस में आपके शरीर को एक स्ट्रेस से भरी चीज़ से ठीक होने में मदद मिलती है. जैसे माइग्रेन.’
तो करना क्या होगा?
योगी आनंद ने योग के तीन आसन बताए जो आप कर सकते हैं-
बालासन
इसे आसान भाषा में चाइल्ड पोज़ भी कहते हैं. इससे ब्रेन में ब्लड सर्कुलेशन यानी खून का बहाव बढ़ता है.
-ज़मीन पर अपने घुटनों और हाथों के बल बैठ जाइए.
-अब अपने हाथों को थोड़ा आगे की तरफ़ बढ़ा कर रखिए.
-अपने तलवों को आपस में जोड़ लीजिए.
-अपने घुटनों को और दूर कर लीजिए.
-अब अपने तलवों के ऊपर बैठने की कोशिश करिए.
-हाथ आगे ही रखिए.
-अब अपने माथे को ज़मीन पर रख लीजिए.
-अब तीन सेकंड से लेकर एक मिनट तक तक इसी पोज़ में रहिए.
-इस आसन के तीन सेट करिए
उष्ट्रासन
इसे आम भाषा में कैमल पोज़ कहते हैं. ये आपकी पीठ और उसको होल्ड करती मांसपेशियों को मज़बूत करता है.
-अपने घुटनों के बल ज़मीन पर बैठ जाइए.
-अपने हाथों से अपनी एड़ियों को पकड़ लीजिए.
-अब छत की तरफ देखिए.
-अब अपनी कमर को मोड़कर एक आर्क बना लीजिए.
-अपनी एड़ियों को पकड़े रहिए.
-इस दौरान आपको ऊपर देखते रहना है.
-इस पोज़ को 30 सेकंड से एक मिनट तक करिए
शवासन
इसे आसान भाषा में कॉर्प्स पोज़ भी कहते हैं. वैसे तो ये सबसे आसान आसन है. पर ये आपको न सिर्फ़ रिलैक्स करता है बल्कि माइग्रेन के लिए भी काफ़ी कारगर है.
-ज़मीन पर अपनी पीठ के बल लेट जाइए.
-अपने पैरों को थोड़ा खोल लीजिए.
-अपने हाथों को भी फैला लीजिए.
-आपकी हथेलियां ऊपर की तरफ़ होनी चाहिए.
-आंखें बंद.
-गहरी सांस लीजिये.
-एक बात और. इस समय आप हल्का म्यूजिक भी सुन सकते हैं.
-पांच से लेकर 30 मिनट तक इस पोज़ में रहिए.
ये योगा आसन ट्राई करिए. फिर बताईए ये कितने असरदार रहे.
वीडियो
क्या है ये?
माइग्रेन एक तरह की मेडिकल कंडीशन होती है. ये सामान्य सिर दर्द से काफ़ी अलग होता है. ये स्टेजेस में होता है. और कई दिन तक चल सकता है. इसमें सिर के एक कोने में दर्द हो सकता है. या दोनों. दर्द धड़कन की तरह महसूस होता है. उठता है. गिरता है. उल्टी होती है. रोशनी की तरफ देखने में नानी याद आ जाती है. हल्की सी आवाज़ डीजे जैसी तेज़ महसूस होती है.
क्यों होता है माइग्रेन?
कई वजह हैं. जैसे:
-ब्रेन में कुछ ऐसा लोचा हो जाए जिसकी वजह से तंत्रिकाएं (nerves) आपस में जिस तरह कम्यूनिकेट करती हैं, उनमें बदलाव आ जाए.
-ब्रेन के अंदर कुछ केमिकल्स में बदलाव
-हो सकता है आपके परिवार में किसी को माइग्रेन हो. ये जेनेटिक भी होता है.
-हॉर्मोनल बदलाव
-कुछ खास तरह का खाना, जिसमें नकली यानी आर्टिफिशियल शुगर होती है.
-स्ट्रेस
-मौसम
-कुछ ख़ास दवाइयां
-ठीक से न सोना
-शराब, सिगरेट.
अब आते हैं उपाय पर
ऐसा कहा जाता है कि योग से माइग्रेन ठीक हो सकता है.
माइग्रेन का दर्द स्टेजेस में होता है. और कई दिन तक चल सकता है.क्या ये सच है?
ये जानने के लिए हमने बात की योगी आनंद से. वो फाउंडर हैं अद्वैत योग स्कूल के. दिल्ली के कैलाश कॉलोनी में. उन्होंने कहा-
‘जी. सही बात है. योग से माइग्रेन ठीक हो सकता है.’
कैसे भला?
अभी तक तो यही सुना था कि माइग्रेन भगाने के लिए खूब दवाइयां खानी पड़ती हैं. योग कैसे असर करती है?
योगी आनंद बताते हैं-
‘योग माइग्रेन से निजात पाने में मदद करता है. आपके पोस्चर को ठीक करके. पोस्चर यानी आपके बैठने, खड़े होने, चलने, सोने का तरीका. बुरे पोस्चर की वजह से आपकी गर्दन और सिर में दर्द होता है. योग से ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है. आपके शरीर में नर्वस सिस्टम होता है. इसको कमांड ऑफिस समझ लीजिए. आपका पूरा शरीर यहीं से कंट्रोल होता है. इसके तीन डिपार्टमेंट होते है. हम बात करेंगे अपने मतलब के डिपार्टमेंट के. पैरासिमपेथेटिक नर्वस सिस्टम. ये आपके शरीर की पाचन शक्ति और रेस्ट करने की प्रक्रिया को कंट्रोल करता है. ये शरीर में एनर्जी बचाता है, हार्ट रेट कंट्रोल में रखता है. योग के दौरान ये डिपार्टमेंट आपका ब्लड प्रेशर भी नॉर्मल करता है. इस केस में आपके शरीर को एक स्ट्रेस से भरी चीज़ से ठीक होने में मदद मिलती है. जैसे माइग्रेन.’
तो करना क्या होगा?
योगी आनंद ने योग के तीन आसन बताए जो आप कर सकते हैं-
बालासन
इसे आसान भाषा में चाइल्ड पोज़ भी कहते हैं. इससे ब्रेन में ब्लड सर्कुलेशन यानी खून का बहाव बढ़ता है.
-ज़मीन पर अपने घुटनों और हाथों के बल बैठ जाइए.
-अब अपने हाथों को थोड़ा आगे की तरफ़ बढ़ा कर रखिए.
-अपने तलवों को आपस में जोड़ लीजिए.
-अपने घुटनों को और दूर कर लीजिए.
-अब अपने तलवों के ऊपर बैठने की कोशिश करिए.
-हाथ आगे ही रखिए.
-अब अपने माथे को ज़मीन पर रख लीजिए.
-अब तीन सेकंड से लेकर एक मिनट तक तक इसी पोज़ में रहिए.
-इस आसन के तीन सेट करिए
उष्ट्रासन
इसे आम भाषा में कैमल पोज़ कहते हैं. ये आपकी पीठ और उसको होल्ड करती मांसपेशियों को मज़बूत करता है.
-अपने घुटनों के बल ज़मीन पर बैठ जाइए.
-अपने हाथों से अपनी एड़ियों को पकड़ लीजिए.
-अब छत की तरफ देखिए.
-अब अपनी कमर को मोड़कर एक आर्क बना लीजिए.
-अपनी एड़ियों को पकड़े रहिए.
-इस दौरान आपको ऊपर देखते रहना है.
-इस पोज़ को 30 सेकंड से एक मिनट तक करिए
शवासन
इसे आसान भाषा में कॉर्प्स पोज़ भी कहते हैं. वैसे तो ये सबसे आसान आसन है. पर ये आपको न सिर्फ़ रिलैक्स करता है बल्कि माइग्रेन के लिए भी काफ़ी कारगर है.
-ज़मीन पर अपनी पीठ के बल लेट जाइए.
-अपने पैरों को थोड़ा खोल लीजिए.
-अपने हाथों को भी फैला लीजिए.
-आपकी हथेलियां ऊपर की तरफ़ होनी चाहिए.
-आंखें बंद.
-गहरी सांस लीजिये.
-एक बात और. इस समय आप हल्का म्यूजिक भी सुन सकते हैं.
-पांच से लेकर 30 मिनट तक इस पोज़ में रहिए.
ये योगा आसन ट्राई करिए. फिर बताईए ये कितने असरदार रहे.
वीडियो

