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ईरान में नहीं थम रहा हिजाब के खिलाफ महिलाओं का विरोध, अबतक 75 की मौत

मासा अमीनी की मौत के खिलाफ एक छोटे शहर से शुरु हुआ विरोध अब लगभग पूरे ईरान में फैल गया है.

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28 सितंबर 2022 (अपडेटेड: 12 अक्तूबर 2022, 02:22 PM IST)
Iran Women
25 सितंबर को 22 साल की हदीस नजफ़ी की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई. (फोटो - AP)
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ईरान. ईरान (Iran) और हिजाब (Hijab). बीते एक हफ़्ते से ख़बरों में हैं. कारण? ईरान में कई महीनों से हिजाब के विरोध में आंदोलन (Iran Anti hijab Protest) चल रहा है. और, हाल ही में एक 22 साल की ईरानी लड़की के 'कस्टोडियल मर्डर' ने इस विरोध को व्यापक कर दिया है. 27 सितंबर को ख़बर आई कि ईरानी सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच ज़बरदस्त भिड़ंत हुई. दर्जनों शहरों में. एक अधिकार समूह ने दावा किया है कि अभी तक इस संघर्ष में 75 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं. हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने केवल 41 लोगों के मरने की पुष्टि की है, जिसमें कई सुरक्षा बल के बताए जा रहे हैं.

क्यों हो रहा है ईरान में विरोध?

मासा अमीनी. 22 साल की एक ईरानी लड़की. 13 सितंबर को अपने परिवार के साथ देश की राजधानी तेहरान में घूम रही थी. ईरान पुलिस की स्पेशल यूनिट 'गश्त-ए-इरशाद' ने मासा को हिरासत में ले लिया क्योंकि कथित तौर पर उन्होंने हिजाब क़ायदे से नहीं पहना हुआ था. मासा के भाई ने दावा किया कि अधिकारियों ने उसे टॉर्चर किया. इतना कि उसकी हालत बिगड़ गई. अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. तेहरान पुलिस ने तो यही कहा कि मासा को केवल ड्रेस-कोड के नियम समझाने के लिए हिरासत में लिया गया था, लेकिन अस्पताल से ख़बर आई कि वो कोमा में चली गईं. और, 16 सितंबर को मासा की मौत हो गई.

मासा अमीनी के अंतिम संस्कार के दौरान महिलाओं ने ईरान सरकार के ख़िलाफ़ भरसक विरोध किया. 'तानाशाह मुर्दाबाद' के नारे लगाए. ये प्रदर्शन तेहरान से 460 किलोमीटर दूर, साकेज में हो रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय गवर्नर के दफ़्तर तक मार्च भी किया.

ईरान और दुनिया भर में ईरान की महिलाओं का समर्थन हो रहा है. अलग-अलग तरह से. महिलाएं सार्वजनिक रूप से अपने बाल काट रही हैं. हिजाब जला रही हैं. इस्लामिक शासन को हटाने की मांग कर रही हैं. नया नारा दिया है, "हम लड़ेंगे! हम मरेंगे! मगर हम ज़िल्लत के साथ नहीं जिएंगे."

वहीं दूसरी तरफ़, ईरान की सरकार इसको बाहरी साज़िश बता रही है. इंटरनेट ब्लॉक कर रखा है. इंस्टाग्राम, लिंक्ड-इन और वॉट्सऐप को बैन कर रखा है. इस वजह से प्रदर्शनकारी वीडियोज़ और जानकारियां शेयर नहीं कर पा रहे हैं. बावजूद इतने प्रतिबंधों के ऐसे कई वीडियोज़ सामने आए हैं, जिसमें सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर गोली चला रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान कई लोग घायल भी हुए.

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