H1B वीज़ा: गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा तो फंसे ही, भारत की कंपनियां के हजारों इंजीनियर्स का क्या होगा?
Donald Trump ने यह फैसला लिया है कि H-1B Visa की मंजूरी तभी दी जाएगी जब कंपनियां अलग से 1 लाख डॉलर की फीस चुकाएंगी. ट्रंप सरकार का कहना है कि H-1B वीजा सिस्टम का गलत इस्तेमाल हो रहा है
Advertisement

न्यूयॉर्क सिटी में TCS का टाटा इनोवेशन सेंटर. (TCS)
Story Summary
वीडियो: दुनियादारी: चाबहार पोर्ट को लेकर अमेरिका ने भारत को दिया बड़ा झटका, क्या-क्या नुकसान होंगे?

