बेटी की अंतर-धार्मिक शादी के खिलाफ पिता HC पहुंचा, कोर्ट ने संविधान पढ़ा दिया
गुजरात हाई कोर्ट ने धर्म बदलकर प्रेम विवाह करने वाली बेटी के खिलाफ पिता की याचिका खारिज की, और कहा कि अपनी पसंद से शादी करना संविधान के अनुच्छेद 21 मौलिक अधिकार है.
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संविधान का अनुच्छेद 21 हमें अपनी मर्जी से शादी करने का अधिकार देता है
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