मई 1988 की एक शाम, दुबई में दाऊद इब्राहिम के बंगले पर एक मीटिंग बुलाई गई. मीटिंगका मुद्दा था, मुम्बई के जोगेश्वरी में जमीन का एक टुकड़ा, जिसे लेकर गैंग के अंदरफूट पड़ने लगी थी. दाऊद के दो खास लोग रमा नाइक और शरद शेट्टी, दोनों जमीन को अपनाबता रहे थे. दाऊद ने दोनों के बीच सुलह कराने की कोशिश की. लेकिन दोनों टस से मसहोने को तैयार नहीं थे. अंत में फैसला किया दाऊद के दाहिने हाथ, छोटा राजन ने. उसनेशेट्टी का साथ दिया. इस पर नाइक ने कहा, अगर जमीन शेट्टी को मिली तो मुझे उगाही सेमिली रकम का बड़ा हिस्सा चाहिए. दाऊद इसके लिए राजी नहीं था. मीटिंग असफल रही औरनाइक गुस्सा होकर वहां से चला आया. धीरे-धीरे नाइक और दाऊद के बीच दूरी बढ़ने लगी.नाइक ने दाऊद के दुश्मन अरुण गवली और अशोक जोशी से हाथ मिला लिया. नाइक पूर्वीमुम्बई में दाऊद का धंधा संभालता था. उसी साल 21 जुलाई की बात है. देखिए वीडियो.