हमने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक 2026 की व्याख्याकी है, जिसे संसद ने 25 मार्च 2026 को पारित किया था. हमने 2019 के अधिनियम से हुएसभी प्रमुख परिवर्तनों को एक्सप्लेन किया है. जिसमें यह भी शामिल है कि विधेयक किसप्रकार स्व-अनुभूत लिंग पहचान के अधिकार को समाप्त करता है और अब पहचान प्रमाणपत्रों के लिए मेडिकल बोर्ड की मंजूरी अनिवार्य करता है.