साल 1974 में सुभाष कपूर ने न्यू यॉर्क में अपनी एक आर्ट गैलेरी खोली. नाम रखा,आर्ट ऑफ़ द पास्ट. उसने भारत से लाई बहुमूल्य कलाकृतियों को अमेरिका में बेचना शुरूकिया. उसने चन्द्रकेतुगढ़ की टेरेकोटा कलाकृतियां अमेरिका तक पहुंचा दी. साथ ही राजदीन दयाल की ली हुई ऐतिहासिक फोटोग्राफ्स बेचने के चलते इंटरनेशनल आर्ट्स मार्केटमें उसका बहुत नाम भी हो गया. इस बीच ऐतिहासिक कलाकृतियों पर नजरें रखने वाले कईएक्टिविस्ट के लिए ये एक बड़ा सवाल बना हुआ था कि ये मूर्तियां आ कहां से रही हैं.देखिए वीडियो.