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तारीख: कहानी मुरीदके कैंप की जिसे भारत ने धुंआ-धुंआ कर दिया

अजमल कसाब के लिए पढ़ी गई नमाज़ को पाकिस्तान के उर्दू मीडिया ने खुलकर छापा. लेकिन जब खबर इंटरनेशनल लेवल पर पहुंची तो सरकार बगलें झांकने लगी.

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प्रगति चौरसिया
9 मई 2025 (पब्लिश्ड: 02:09 PM IST)
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