साल 2003. अगस्त का महीना. चंद हफ़्तों बाद 9/11 की दूसरी बरसी है. अमेरिका के न्यूजर्सी राज्य स्थित एक होटल में मीटिंग चल रही है. रहमान नाम का एक आदमी हेमंत लखानीनाम के एक आर्म्स डीलर से कहता है, देखिए मैंने आपसे कहा था न, ये अमेरिका है, यहांकुछ भी लाना असंभव नहीं. लखानी जवाब देता है, हां. अब काम शुरू हो सकता है. उसकेहाथ में एक डब्बा था, जिसे वो सर के ऊपर उठा कर हिला रहा था, मानो चेक कर रहा हो किसब ठीक है. रहमान पूछता है, सोचो अगर 6-7 प्लेन एक साथ गिरा दें तो, इनकी इकॉनमी बर्बाद होसकती है? हां, लेकिन अगर 10-15 जगह एक साथ हमला हो तो, लखानी बात पूरी करता है.दोनों हां में हां मिलाते हैं. रहमान कहता है, ये काम मंडे या फ्राइडे को होनाचाहिए, जब एयरपोर्ट सबसे बिजी होते हैं. इसके बाद दोनों की गर्दन मुड़कर सामने सोफेकी तरफ घूम जाती है. वहां रखी थी एक मिसाइल. ये असाइनमेंट का का सिर्फ एक सैंपल था.आने वाले दिनों में 200 मिसाइलें अमेरिका पहुंचने वाली थी. जिसके बाद 9 /11 की बरसीपर अमेरिका में एक और बड़ा आतंकी हमला होता. देखिए वीडियो.