शुरुआत आज की तारीख से, 2 फरवरी 1992. क्या हुआ था इस रोज़. द्वितीय विश्व युद्ध केबाद दो महाशक्तियों के बीच चले आ रहे शीत युद्ध का खात्मा इसी रोज़ हुआ था. अमेरिकीराष्ट्रपति जार्ज बुश एवं रूस के राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने मिलकर आधिकारिक रूपसे शीत युद्ध के ख़त्म होने की घोषणा की थी. शीत युद्ध के दौरान अमेरिका और सोवियतरूस विदेशी जमीनों पर कई प्रॉक्सी वॉर लड़ चुके थे. इनमें से कई लड़ाइयां युद्ध केमैदान में लड़ी गई , जैसे वियतनाम और कोरिया, वहीं कुछ लड़ाइयां न्यूट्रल देशों कोअपने पक्ष में लाने की थी. इनमें से सबसे प्रमुख था, भारत. सोवियत संघ और भारत केमजबूत रिश्तों की बानगी 1971 युद्ध में दिखी जब सोवियत संघ ने भारत की मदद के लिएबंगाल की खाड़ी में अपना जंगी बेड़ा भेज दिया था. इनके बरक्स कुछ लड़ाइयां इनफार्मेशनको लेकर भी लड़ी जा रही थीं. जिनके योद्धा हुआ करते थे, जासूस. रूस की मशहूर ख़ुफ़ियाएजेंसी KGB ने सालों से भारत में अपने एजेंट्स तैनात कर रखे थे. वहीं अमेरिकीख़ुफ़िया एजेंसी CIA भी इसमें पीछे नहीं थी. वहीं भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी RA&W की बातकरें तो 1990 तक R&AW के गठन को लगभग दो दशक मात्र ही हुए थे. इसके बावजूद 1988 केआसपास R&AW ने एक जबरदस्त खुफिया ऑपरेशन को अंजाम दिया और सोवियत संघ के दिल यानीक्रेमलिन में अपने जासूस बैठा दिए. देखिए वीडियो.