साल 1945 मई का महीना. जर्मनी ने मित्र राष्ट्रों के आगे हथियार डाल दिए. द्वितीयविश्व युद्ध (World War 2) की आख़िरी गिनती शुरू हो चुकी थी. लेकिन सुदूर पूर्व मेंजापान अभी भी मैदान में डटा हुआ था. जर्मनी के हाथियार डालने पर यूरोप में लोग जश्नमना रहे थे. सिवाय एक आदमी के. विंस्टन चर्चिल को पता था जापान सालों तक उन्हेंउलझाए रख सकता है. उसी महीने मित्र राष्ट्रों की सेना ने बर्मा में रंगून की तरफकूच किया. इनमें ब्रिटिश इंडियन आर्मी (British Indian Army)की 40 हजार सिपाहियोंकी तीन डिवीजन भी शामिल थी. मॉनसून कभी भी दस्तक दे सकता था. इसलिए जल्द से जल्दरंगून पहुंचना जरूरी था. आर्मी पहुंचती, इससे पहले रॉयल इंडियन एयर फ़ोर्स नेरीकॉनसेंस के लिए विमान भेजे. आगे क्या हुआ जानने के लिए वीडियो देखें.