तारीख के इस एपिसो़ड में हम फ्रांसीसी दार्शनिक वोल्टेयर और भारतीय दर्शन के प्रतिउनके रूझान के बारे में बात करेंगे. 1760 में वोल्टेयर को एज़ोर्वेदम की एकपांडुलिपि मिली, जिसे वेदों का फ्रांसीसी अनुवाद माना जाता है. लेकिन बाद में येफर्जी निकला. एक अन्य फ्रांसीसी बुद्धिजीवी अब्राहम हयासिंथे एंक्वेटिल-डुपरॉन नेबाद में उपनिषदों का अनुवाद किया, जिसने 19वीं शताब्दी की शुरुआत में पेरिस कोयूरोप में संस्कृत अध्ययन का केंद्र बना दिया. देखें वीडियो.