“वहां सब कुछ नारंगी था - ज़मीन, दीवारें, हर चीज़. ऐसा लग रहा था जैसे मैं मंगलग्रह पर खड़ा हूं"ये बयान दिया था -कैनेडियन शोधकर्ता, जॉर्ज कोरौनिस ने. जब साल 2013 में वो ऐसी जगहसे लौटे, जिसे ‘नर्क का दरवाजा’ कहा जाता है. ऐसे ‘नाम’ अक्सर शॉक वैल्यू के लिए देदिए जाते हैं. लेकिन फ़र्ज़ कीजिए. साढ़े तीन लाख वर्ग किलोमीटर में फैले ये वीरानरेगिस्तान के बीचों बीच आपको एक गड्ढा दिखाई दे. जिसमें आग की लपटें धधक रही हो. औरकोई आपको बताए कि ये आग 50 साल से जल रही है. तो जाहिर है, दरवाजे और नर्क जैसेरूपक ठीक ही लगने लगेंगे. ये कहानी है, मध्य एशिया के देश तुर्कमेनिस्तान में मौजूददरवाजा क्रेटर की. तो समझते हैं कि क्या है दरवाजा क्रेटर की कहानी? 50 सालों सेकैसे जल रही है आग? जानने के लिए देखें तारीख का ये एपिसोड.