विश्वयुद्ध के दौर की ये चिट्ठियां कैसे इतिहास का सबसे ईमानदार दस्तावेज बन गईं?
प्रेम, नफ़रत, उल्लास, अवसाद और त्रासदी से लैस कहानियां.
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युद्ध के मैदान में बर्बरता और बर्बादी के अलावा कुछ नहीं दिखता था. इसके बावजूद सैनिकों ने अपनी प्रेमिकाओं और अपने घरवालों को प्यार भेजा. उम्मीद भेजी. जो नहीं भेज पाए, उन्होंने अपनी डायरी में लिखकर रखा. ताकि किसी दिन अपनी बात ख़ुद से पहुंचा सकें.
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