क्या 'शिवाय' पीछे कर देगी 'ऐ दिल है मुश्किल' को?
टक्कर कड़ी है. मुश्किल घड़ी है.
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फोटो - thelallantop
शिवाय! ऐ दिल है मुश्किल! दो फिल्में. खूब बातें. दोनों के फैन्स. दोनों के बारे में बातें. दोनों की लड़ाई. सब चल रहा है. शुरुआत में ऐ दिल है मुश्किल आगे चल रही है. कमाई के मामले में. फ़िल्म दोनों ही न बनती तो अच्छा रहता. सर दर्द भी नहीं होता और इतना बवाल भी न उठता. आइरनी यही है कि यहां लड़ाई दो बेकार फिल्मों के बीच चल रही है. बात चल रही है उनकी कमाई की. और बात तब चल रही है जब ये डिक्लेयर किया जा चुका है कि फिल्में कुछ खास नहीं हैं. खैर.
अजय देवगन ने बड़े अरमानों से फिल्म बनाई शिवाय. उतने ही जातां के साथ रिलीज़ ह्युई ऐ दिल है मुश्किल. फिल्म में फ़वाद खान था. फवाद खान कितना भी खूबसूरत हो, पाकिस्तानी है. फिल्म के खिलाफ़ विरोध हुआ. देश की संप्रभुता को सबसे बड़ा खतरा एक दाढ़ी रखे, लड़कियों के प्यारे, जलकुकड़ों की आंखों के नासूर फवाद खान से था. उससे भी नहीं, उसके एक फिल्म में होने से था. उस फिल्म की रिलीज़ से था. अजय देवगन उसी वक़्त शिवाय के प्रमोशन के लिये सेना के पास पहुंच गए. वहां भावुक भी हो गए. मसाला मिल गया. चैनलों ने खूब घसीटा. मज़ा आगा गया.
फ़िल्में दिवाली के दो दिन पहले रिलीज़ हुईं. ऐन धनतेरस के दिन. लिहाज़ा भीड़ अपेक्षा से कम पहुंची. कहने लगे कि साहब दिवाली बीतने दो. फिर देखो. मगर इन तीन दिनों में शिवाय से आगे रही ऐ दिल है मुश्किल. तब जबकि खेमे देशभक्त शिवाय और गद्दार ऐ दिल है मुश्किल के बीच बंट गया था, 'गद्दारों की टोली' जीत रही थी. 5 करोड़ की रंगदारी को निकाल दें तब भी. मैं हमेशा ही उन पांच करोड़ रुपयों को संज्ञान में ले लेता हूं. ऐ दिल है मुश्किल की कुल कमाई में से उसे निकाल फेंकता हूं. उसके बावजूद करन जौहर आगे हैं देवगन से.

इसपर शिवाय समर्थक कहने लगे कि देवगन के फैन्स दिवाली मनाने में मशगूल थे. उन्हें घर के जाले साफ़ करने थे. पर्दे धुलवाने थे. मम्मी के काम में हाथ बंटाना था. पापा की भी हेल्प करनी थी. भारी वाले काम पापा करते हैं. मम्मी तो बात-बात पर सब्जी काटने को कह देती हैं.
लिहाज़ा सोमवार के नतीजों का इंतज़ार था. ये वो दिन था जब हर आदमी खलिहर ही बैठता है. अगर सुबह उठकर दिवाली की रात के पटाखों का धुआं न सूंघा हो तो दोपहर में उठकर फिल्म देखने का प्लान बना लेता है. कईयों ने बनाया भी. मुझे खुद को 3 लोगों ने पूछा कौन सी देखि जाए. हमने जवाब नहीं दिया. जवाब देने की स्थिति में नहीं थे. गाली पदनी तय थी, चाहे कोई भी ऑप्शन चुन्ने को कह देते.
खैर, सोमवार की कुल कमाई सामने आई है. देखा जाए:

सोमवार को, हर रोज़ आगे रहने वाली ऐ दिल है मुश्किल, शिवाय के बराबर आ गयी. ये शिवाय के लिए बहुत बड़ा बूस्ट था. बहुत बहुत बड़ा. शिवाय की सबसे बड़ी कमाई वाला दिन था शुक्रवार. उस दिन 10.24 करोड़ मिले थे. सोमवार को 17.35 करोड़. ये डेढ़ गुने से भी अधिक था. वहीं ऐ दिल है मुश्किल अपने पेस से बढ़ रही है.
शिवाय को देखने वाले लोग सिंगल स्क्रीन में ज़्यादा पाए जा रहे हैं. वहीं ऐ दिल है मुश्किल कॉर्पोरेट वर्ग और मल्टीप्लेक्स जाने वाली जनता को ज़्यादा रास आ रही है. रास क्या, प्रेफरेंस की बातें होती हैं.
लेकिन शिवाय एक बात न भूले. ऐ दिल है मुश्किल की इंटरनेशनल मार्केट भी है. जिसमें उसे इतने पैसे मिल चुके हैं जितने शिवाय ने देश में कुल कमाई की है. इस मामले में ऐ दिल है मुश्किल आगे बढ़ रही है. देखना ये होगा कि क्या शिवाय के लिए दिवाली के बाद बढ़ रही भीड़ आने वाले दिनों में उसी स्पीड से बढ़ रही होगी?

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