झारखंड कांग्रेस के वे तीन विधायक कौन हैं, जिन्हें भारी कैश के आरोप में अरेस्ट किया गया है?
कांग्रेस ने इन विधायकों को सस्पेंड कर बीजेपी पर सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है.

पश्चिम बंगाल (West Bengal) के हावड़ा में 30 जुलाई की रात को पुलिस ने झारखंड के तीन कांग्रेस विधायकों (Jharkhand Congress MLA) को हिरासत में लिया. पुलिस ने कहा कि ये विधायक जिस गाड़ी में थे, उसमें भारी मात्रा में कैश मिला. हिरासत में लिए जाने के बाद तीनों विधायकों को गिरफ्तार कर लिया गया. फिर 31 जुलाई को एक अदालत ने इन तीनों विधायकों को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. इधर कांग्रेस ने इन विधायकों को सस्पेंड कर दिया. पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी (BJP) महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक की तरह झारखंड में उसके गठबंधन वाली सरकार गिराने की साजिश रच रही है.
कांग्रेस के जिन विधायकों को गिरफ्तार किया गया, उनके नाम इरफान अंसारी, नमन बिक्सल कोंगारी और राजेश कच्छप हैं. इरफान अंसारी झारखंड की जामताड़ा विधानसभा सीट से विधायक हैं. वहीं नमन बिक्सल कोंगारी कोलेबिरा सीट से और राजेश कच्छप खिजरी सीट से विधायक हैं.
इरफान अंसारीइरफान अंसारी एक बार के सांसद और पांच बार के विधायक फुरकान अंसारी के बेटे हैं. कुछ दिन पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि बीजेपी ईडी के जरिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निशाना बना रही है. इरफान अंसारी की छवि विवादों में रहने वाले नेता की रही है. वो पहली बार साल 2014 में विधायक चुने गए थे.
इरफान अंसारी के पास MBBS की डिग्री है. उन्होंने यूक्रेन के एक मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई की है. समय-समय पर अंसारी की ऐसी फोटो बाहर आती रही हैं, जिनमें उन्हें अपने विधानसभा के लोगों का इलाज करते हुए देखा जा सकता है. पिछले साल अंसारी की काफी चर्चा हुई थी. उस वक्त भी झारखंड सरकार को गिराने की साजिश के आरोप लगे थे.
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पिछले साल इरफान अंसारी ने तालिबानियों को इस आधार पर क्रांतिकारी बता दिया था कि उन्होंने अमेरिका को अफगानिस्तान से बाहर खदेड़ दिया है. अंसारी के इस बयान पर बहुत विवाद हुआ था. इस साल मार्च में हिजाब विवाद पर दिए गए बयान को लेकर भी अंसारी सुर्खियों में आ गए थे. इस मामले पर कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले के बाद अंसारी ने कहा था कि बीजेपी अदालतों को चला रही है.
नमन बिक्सल कोंगारीनमन बिक्सल कोंगारी ने वकालत की पढ़ाई की है. इलाके में उनकी छवि एक ईसाई आदिवासी नेता की है. साल 2018 में उन्होंने कोलेबिरा सीट से उपचुनाव जीता था. ये सीट तत्कालीन विधायक एनोस एक्का के एक मामले में दोषी पाए जाने के बाद खाली हुई थी. एक्का ने 2009 और 2014 में जेल में रहते हुए इस सीट से चुनाव जीता था.
उपचुनाव में जीत के बाद कांग्रेस पार्टी ने कोंगारी को कोलेबिरा से 2019 के विधानसभा चुनाव में उतारा. पार्टी ने वॉर रूम्स बनाए. प्रचार-प्रसार में पूरी ताकत लगा दी. रिजल्ट आया तो कोंगारी की 9 हजार से अधिक वोट से जीत हुई.
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कोंगारी को अपने इलाके में एक ईमानदार नेता के तौर पर जाना जाता है. हाल ही में इलाके में एक मॉब लिंचिंग की घटना हुई थी. कोंगारी पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने लिंचिंग करने वालों को भड़काया. हालांकि, उनके समर्थकों ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया था. जाहिर है समर्थक कोंगारी पर बंगाल में पैसों के साथ पकड़े जाने के आरोपों को पचा नहीं पा रहे हैं. नमन बिक्सल कोंगारी की छवि बीजेपी विरोधी नेता की रही है. ऐसे में कहा जा रहा है कि बीजेपी से पैसे लेने के आरोपों से उनकी राजनीति पर गहरा असर पड़ सकता है.
राजेश कच्छपराजेश कच्छप रांची की खिजरी सीट से विधायक हैं. उन्हें जमीनी स्तर का नेता माना जाता है. पार्टी में भी वो एकदम जमीनी स्तर से ऊपर आए हैं. एक समय कच्छप युवा कांग्रेस के ब्लॉक और जिला स्तर के सदस्य रहे हैं. साल 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पहली बार विधायक पद का चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार को लगभग पांच हजार वोट से हराया था.
राजेश कच्छप बीते दिनों आदिवासियों के लिए अलग सरना धर्म की मांग में शामिल थे. उन्होंने कहा था कि आदिवासी धर्म, संस्कृति, भाषा और परंपरा को बचाए रखने के लिए सरना धर्म कोड को लागू करना जरूरी है. राजेश का दावा है कि पूरे देश में सरना धर्म मानने वालों की संख्या करीब 14 करोड़ है.
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