एक महिला टेनिस खिलाड़ी. जिसने साल 1990 में महज़ 16 साल की उम्र में फ्रैंच ओपनजीत लिया. अगले 11 ग्रैंड स्लैम में से 7 पर कब्ज़ा कर लिया. कोर्ट पर अपनी तेज़ी,धारदार खेल और प्रज़ेंस ऑफ मांइड से यूगोस्लाविया की मोनिका सेलेस ने टेनिस कीदुनिया में विमेंस टेनिस का नया स्टैंडर्ड और बैंचमार्क सेट किया.मोनिका सेलेसफिर एक दिन यानी 30 अप्रैल 1993 को ऐसा हुआ कि तब की नंबर 1 खिलाड़ी मोनिका को एकसिरफिरे टेनिस फैन ने चाकू मार दिया. यह सब मैच के दौरान हुआ. जर्मनी के हैमबर्गशहर में हो रहे सिटिजन कप के एक मुकाबले के दूसरे सेट में मोनिका 4-3 से आगे थीं.तभी चेंजओवर के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिससे समूचा खेल जग खौफ खा गया. गुंतेर पार्श नामके एक शख्स ने मोनिका की पीठ पर तेज धारदार चाकू से अटैक कर दिया. हालांकि इससेपहले कि यह हमलावर दोबारा अटैक करता, इसे धर दबोचा गया. मगर इस हमले ने मोनिका केसाथ साथ टैनिस की दुनिया को भी सकते में डाल दिया.स्टेफी ग्राफ (फोटोःरॉयटर्स)हमलावर ने कबूला कि वह स्टैफी ग्राफ का बहुत बड़ा फैन था और अपनी पसंदीदा खिलाड़ीको हमेशा टॉप पर देखना चाहता था. मोनिका अपने दमदार प्रदर्शन से ग्राफ को टक्कर देरही थीं. इस मैच में मोनिका की जीत से ग्राफ और पीछे छूट जातीं. मोनिका इस मामलेमें खुशनसीब रहीं कि चाकू से हमले में उनकी रीढ़ पर कोई नुकसान नहीं हुआ. मगर इसघटना ने इस प्रतिभावान खिलाड़ी के दिल दिमाग में गहरा घाव छोड़ दिया. उन्हें ईटिंगडिसॉर्डर हो गया था.मोनिका पर हमले के बाद लोगों ने हमलावर को पकड़ लिया था, इसलिए वो बच गईं.(फोटोःरॉयटर्स)महज 19 साल की उम्र में अपने 22वें सिंगल खिताब की ओर बढ़ रही मोनिका अब तक 8ग्रैंड स्लैम भी जीत चुकी थीं. ऐसे में पॉपुलैरिटी के लिहाज़ से मोनिका और स्टैफीग्राफ एक लेवल पर खड़ीं थी. इस खेल में अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की लोकप्रियता औरउनके प्रति दीवानेपन के चलते कुछ भी कर गुज़रने का जुनून अपनी चरम सीमा पर था.यूं तो मोनिका ने जब अपना पहला मेजर इवेंट जीता था, तब तक ग्राफ 8 ग्रैंड स्लैम जीतचुकी थी. मगर फिर साल 1991 में सेलेस ने जो स्पीड पकड़ी उससे ग्राफ पीछे छूटतीदिखी. इसी साल मोनिका ने ग्राफ को पछाड़ते हुए नंबर 1 की रैंकिग हासिल की. साल1991-93 तक सेलेस ने 8 में से 7 ग्रैंड स्लैम जीत लिए थे. मगर फिर उन पर हमला होगया.मोनिका के बाहर होने का सीधा फायदा स्टेफी को मिला (फोटोःरॉयटर्स)स्टेफी को अपनी सबसे तगड़ी कॉम्पिटीटर के बाहर होने का फायदा मिला. 1993 में स्टेफीअपनी नंबर 1 पॉजीशन पर वापस आ गई थीं. मोनिका की गैरमौजूदगी ने स्टैफी ग्राफ कोटेनिस की दुनिया का अविस्मरणीय नाम बना दिया. किसी भी मजबूत खिलाड़ी के ना होने केचलते ग्राफ ने अपने करियर में 22 मेजर टाइटल अपने नाम किए.मोनिका को चोट के चलते करीब 23 महीने तक खेल से दूर रहना पड़ा. लेकिनउन्होंने इरादा मज़बूत रखा और 1995 में कैनेडियन ओपन से वापसी की. 1996 मेंऑस्ट्रेलियन ओपन जीतीं. ये उनका आखरी ग्रैंड स्लैम टाइटल था. 2000 के ओलंपिक मेंउन्होंने कांस्य पदक भी अपने नाम किया. अगले ही साल उन्हें टेनिस ‘Hall of Fame’ केलिए चुना गया. साल 2008 में मोनिका ने अपने टेनिस करियर को विराम दिया.हमले के दो साल बाद कैनेडियन ओपन में अपना पहला मैच जीतने के बाद लोगों का अभिवादनकरतीं मोनिका (फोटोःरॉयटर्स)-------------------------------------------------------------------------------- मोनिका पर हमले का वीडियो यहां देखेंःhttps://youtu.be/R2ixHAm5tD4?t=112-------------------------------------------------------------------------------- ये भी पढ़ेंःवो टेनिस स्टार जो बीच टूर्नामेंट शकीरा के साथ वीडियो शूट करने चला गयापापा के टूटे रैकेट से खेलने वाली लड़की, जिसने 500 करोड़ सिर्फ इनाम से कमाएइस क्रिकेटर ने रुपयों की खातिर अपने मुल्क और खेल से की थी 'गद्दारी'पेस और भूपति की व्हाट्सैप चैट वायरलजब सचिन ने मोहाली में अफ्रीदी का घमंड तोड़ा था, फ़ाइनल स्कोर 8-0