The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Lallankhas
  • What is the solar scam of Kerala whose investigation has now been submitted to the CBI

क्या है केरल का वो सोलर स्कैम जिसकी जांच अब CBI को सौंपी गई है?

जानिए कौन हैं सरिता नायर और क्या है उनका इस स्कैम से कनेक्शन.

Advertisement
pic
25 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 25 जनवरी 2021, 01:47 PM IST)
Img The Lallantop
इस मामले में सरिता नायर को गिरफ्तार किया गया था. फोटो- आजतक
Quick AI Highlights
Click here to view more
वो घोटाला जिसमें मुख्यमंत्री पर यौन शोषण का आरोप लगा, वो घोटाला जिसमें बहुत सारे लोगों पर तमाम तरह के आरोप लगे और वो घोटाला जिसने केरल में सनसनी फैला दी. अब इस घोटाले की जांच CBI के हवाले की जा रही है. केरल में मई के आसपास विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में केरल सरकार के इस कदम को कांग्रेस पार्टी कोरी राजनीति करार दे रही है. चलिए आपको बताते हैं कि क्या है ये पूरा घोटाला जिसकी सत्ता के गलियारों में हर ओर चर्चा हो रही है. सोलर घोटाले की CBI जांच के आदेश वैसे तो आप बस गूगल पर टाइप कीजिए 'घोटाला', हजारों रिजल्ट सामने आ जाएंगे. टूजी से लेकर कॉमनवेल्थ तक और ताबूत से लेकर आदर्श सोसायटी तक. लेकिन आज जिस घोटाले के बारे में हम आपको बताने वाले हैं उसका नाम है सोलर घोटाला (Solar Scam). केरल सरकार इस घोटाले की जांच CBI को सौंप रही है. 2013 में ये मामला पहली बार सामने आया था और पिछले काफी वक्त से इसकी जांच की जा रही है. इस मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व CM ओमान चांडी आरोपी हैं. 2011 से 2016 तक चांडी केरल के CM थे. उन पर इसी घोटाले की आरोपी एक महिला के साथ रेप का भी आरोप है. सोलर स्कैम और सरिता नायर जब-जब बात सोलर स्कैम की होगी, तब-तब सरिता नायर का भी जिक्र होगा. सरिता इस घोटाले की आरोपी हैं. 2014 में उन्हें बेल पर रिहा किया गया था. सरिता का आरोप है कि साल 2013 में ओमान चांडी ने तिरुवनंतपुरम के अपने सरकारी आवास पर उनका रेप किया. क्राइम ब्रांच की FIR के मुताबिक सरिता ने चांडी पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं. सरिता का आरोप है कि चांडी के कुछ साथियों ने भी सरिता से सेक्शुअल फेवर्स की मांग की थी. सरिता का दावा है कि इसके एवज में CM और उनके साथियों ने टीम सोलर नाम की कंपनी को फायदा पहुंचाया. टीम सोलर, सरिता और बीजू राधाकृष्णन सोलर स्कैम को समझने के लिए हमें समझना होगा सरिता की जिंदगी को, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं. केरल के अलपुझा (Alappuzha) जिले के चेंगन्नूर की रहने वाली सरिता स्कूल टॉपर थी. NDTV की एक खबर के मुताबिक सोलर घोटाले की जांच करने वाले अधिकारियों ने मीडिया में बताया था कि सरिता का दिमाग इतना तेज है कि उसे अपने एक्जाम में हासिल किए गए नंबरों से लेकर रजिस्ट्रेशन नंबर तक याद हैं. उसको 90 परसेंट से भी ज्यादा नंबर मिले थे.
सरिता के पिता ने खराब आर्थिक हालातों के चलते आत्महत्या कर ली थी. 18 साल की उम्र में ही सरिता की शादी कर दी गई. पति किसी खाड़ी देश में काम करता था और जल्द ही दोनों के बीच तलाक हो गया. सरिता के पति ने उस पर बेवफाई के आरोप लगाए थे. सरिता को एक इंटरनेशनल एयरलाइन में एयर होस्टेस बनने का भी मौका मिला लेकिन उसके परिवार को एयर होस्टेस के कपड़ों पर आपत्ति थी लिहाजा सरिता ने उस मौके को ठुकरा दिया.
Saritha Nair Solar Scam
सरिता के खुलासों ने केरल में सनसनी फैला दी थी. फोटो-आजतक

सरिता ने पहले शेयर ब्रोकरिंग की एक कंपनी में काम किया और फिर HDFC बैंक में नौकरी की. यहां सरिता पर घपले का आरोप लगा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. HDFC में नौकरी के दौरान ही उसकी मुलाकात बीजू राधाकृष्णन से हुई थी. दोनों में एक चीज कॉमन थी, दोनों बहुत जल्द अमीर बनना चाहते थे. बीजू की पत्नी की मौत के बाद दोनों साथ ही रहने लगे थे. जब सोलर स्कैम की पूछताछ हो रही थी तब बीजू ने बताया कि उसने ही अपनी पत्नी रश्मि की जहर देकर हत्या की थी. बीजू राधाकृष्णन और सरिता नायर ने एक कंपनी बनाई जिसका नाम रखा 'टीम सोलर रिन्यूवेबल एनर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड'. इस कंपनी के लिए दोनों ने एक प्रोजेक्ट बनाया और CM ओमान चांडी के सामने रखा. सोलर स्कैम की पूरी कहानी चांडी ने इस प्रोजेक्ट को देखा और अपने बिजली मंत्री आर्यादन मोहम्मद के पास भेज दिया. अपने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड्स की वजह से बीजू और सरिता नाम बदलकर अधिकारियों और नेताओं से मिलते थे. धीरे-धीरे दोनों को मदद और मदद के आश्वासन मिलने लगे थे. उन्हें लगने लगा कि जल्द ही वो दिन आएगा जब उनका प्रोजेक्ट परवान चढ़ जाएगा, लेकिन वो भूल गए थे कि झूठ और फरेब कितनी भी परतों के पीछे क्यों ना छुपा हो सामने आ ही जाता है. और यही हुआ साल 2013 में जब इन दोनों का शिकार बने एक शख्स ने पुलिस की शरण ली.
टीम सोलर में पैसा लगाने वाले एक शख्स ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वो 40 लाख की ठगी का शिकार हुआ है. जांच शुरू हुई तो स्कैम खुलने लगा. इसके बाद 48 और लोगों ने भी ऐसी ही शिकायतें दर्ज कराईं. घोटाले की आंच चांडी के ऑफिस तक पहुंचने लगी. मामला बढ़ता देख और खुद को बुरी तरह घिरता देख चांडी ने SIT जांच के आदेश जारी कर दिए. साथ ही बीजू की पत्नी वाला मामला भी फिर से खुल गया. बीजू के कुबूलनामे ने उसे आजीवन कारावास की सजा दिला दी. लेकिन उसने ये भी आरोप लगाया कि तत्कालीन CM चांडी ने उनसे साढ़े 5 करोड़ रुपये लिए थे.
Oommen Chandy Kerala
तत्कालीन सीएम ओमान चांडी पर सरिता ने गंभीर आरोप लगाए थे. फोटो- PTI

बात यहीं खत्म नहीं हुई. सरिता ने भी बयान देने शुरू किए और सत्ता में बैठे लोगों पर विपक्ष ने आरोपों की झड़ी लगा दी . एक लाइन में कहें तो मामला इस कदर बढ़ा कि इसका असर 2016 के चुनाव में देखने को मिला था और कांग्रेस को सत्ता गंवानी पड़ी था.
खैर इस मामले में  2014 में ही सरिता को सबूतों के अभाव में जमानत मिल गई थी. इससे पहले साल 2013 में ही अभिनेत्री शालू मेनन का भी इस केस में इन्वॉल्वमेंट सामने आया. पता चला कि सरिता और शालू लोगों से मिलते थे, टीम सोलर का सब्जबाग दिखाते थे, सत्ता में घुसपैठ दिखाते थे और उनका शिकार समझ ही नहीं पाता था कि वो 'सोलर स्कैम' के अजगर का निवाला बन रहा है. हाईप्रोफाइल लाइज़नर सोलर सरिता के चर्चे शालू गिरफ्तार हुईं, लेकिन जल्द ही सरिता की तरह वह भी जमानत पर बाहर भी आ गईं. सरिता कानूनी पचड़े में फंसी थीं, राजनीतिक लोगों पर आरोप लगा चुकी थीं, थोड़े वक्त बाद सरिता की कुछ वीडियो क्लिप्स भी वायरल हुईं लेकिन सरिता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा. 2014 में उन्होंने इंडिया टुडे को एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने कहा, 'मैंने 18 साल की उम्र से साड़ी पहनना शुरू किया था. मेरी साडिय़ां महंगी नहीं हैं जैसा अदालत सोचती है. मेरे पास सिर्फ 75 साडिय़ां हैं और कोई भी 3,000 रुपये से महंगी नहीं है.'
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक सरिता ने दावा किया कि CPM ने उनसे इस घोटाले में CM का नाम घसीटने को कहा था. उन्होंने कहा कि इसके एवज में वे 10 करोड़ रुपये, घर और वकील दे रहे थे. सरिता ने कांग्रेस के कई नेताओं पर कई तरह के आरोप लगाए जिनमें कन्नूर से कांग्रेस के विधायक एपी अब्दुल्लाकुट्टी और केसी वेणुगोपाल का नाम भी शामिल था. हालांकि दोनों ने ही सरिता से किसी भी तरह की मुलाकात से इंकार कर दिया था.
CPM ने चांडी पर निशाना साधा और मीडिया में सरिता को सोलर सरिता कहा गया. सरिता ने खुद को सिस्टम का पीड़ित बताया और कहा कि उन्होंने जो भी किया अपनी कंपनी को बचाने और बढ़ाने के लिए किया. सोलर स्कैम की जांच के लिए हाइकोर्ट के रिटायर जज शिवराजन के नेतृत्व में न्यायिक जांच आयोग भी बना. चांडी को सत्ता भी गंवानी पड़ी. लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) सत्ता में आ गई. अब चुनावों की आमद से पहले एक बार फिर सोलर स्कैम का जिन्न बंद पड़ी फाइलों से बाहर निकल आया है. चांडी का दावा- हर जांच के लिए तैयार सरिता ने कुछ वक्त पहले सीएम विजयन पिनराई को चिट्ठी लिखी थी और CBI जांच की मांग की थी. ओमान चांडी ने कहा है कि वे हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं. कांग्रेस का आरोप है कि ये मामला राजनीतिक है और चुनाव की आहट देख कर विपक्षी पार्टी पर आरोप लगाए जा रहे हैं. बहरहाल मामले की जांच जारी है और चुनावों में ये मुद्दा कितना प्रभावी होगा वो तो नतीजे ही बताएंगे.

Advertisement

Advertisement

()