बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ रहा है, क्या ऐसे में अंडा-चिकन खाना सेफ है?
बर्ड फ्लू के बारे में जरूरी बातें जान लीजिए
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बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए जगह जगह से पक्षियों की मौत की खबरें आ रही हैं. एक्सपर्ट्स जांच में जुटे हैं. तस्वीर जम्मू की है. फोटो-PTI
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देश में कोरोना के साथ बर्ड फ्लू भी पैर पसार रहा है. कई राज्यों से अचानक सैकड़ों पक्षियों की मौत के मामले सामने आए हैं. कई जगह बर्ड फ्लू की पुष्टि भी हो चुकी है. सरकार भी एक्शन मोड में है. उपाय किए जा रहे हैं. लेकिन लोगों में डर है. डर ये भी कि क्या ऐसे में अंडा और चिकन खाना सेफ है? कई जगह पोल्ट्री प्रोडक्ट्स पर प्रतिबंध लगाए गए हैं. इनकी सप्लाई प्रभावित होने की भी खबरें आ रही हैं. सरकार दावा कर रही है कि अभी देश में किसी इंसान में बर्ड फ्लू नहीं फैला है. लेकिन इंसानों में ये बीमारी हो जाए तो क्या लक्षण होते हैं, इससे कैसे बच सकते हैं. आइए ये भी जानते हैं.
बर्ड फ्लू को लेकर राज्यों की स्थिति बर्ड फ्लू की समस्या पूरे विश्व में है. सितंबर, 2016 में भारत को बर्ड फ्लू मुक्त करार कर दिया गया था. लेकिन अब तक मामले आ रहे हैं. हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल और राजस्थान ने बर्ड फ्लू की पुष्टि कर दी है. कई दूसरे राज्यों ने इसे रोकने के लिए अलर्ट जारी किया है. केरल ने तो बर्ड फ्लू को स्टेट डिजास्टर घोषित कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दिनों जहां केरल में करीब 12 हज़ार बत्तखों की मौत हुई, वहीं, हिमाचल में भी करीब दो हज़ार प्रवासी पक्षी मृत पाए गए. राजस्थान के अलग-अलग जिलों में भी 250 से भी ज्यादा कौवों की जान चली गई. बीते 10 दिनों में हरियाणा के पंचकूला में करीब चार लाख मुर्गियों की मौत हो चुकी है. यूपी, गुजरात में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दी है. कई और राज्यों से ऐसी ही खबरें आ रही हैं.
केरल के अलप्पुझा और कोट्टायम के जिला प्रशासन ने बर्ड फ्लू का पता चलने के बाद मुर्गियों और पक्षियों को मारना शुरू कर दिया है. जहां संक्रमण का पता चला है, उन क्षेत्रों में प्रशासन ने पोल्ट्री मांस और इससे जुड़े दूसरे प्रोडक्ट्स की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया. केरल से मैसूर के बीच सभी पोल्ट्री से जुड़े ट्रांसपोर्ट को रोक दिया गया है. हिमाचल में कांगड़ा जिला प्रशासन ने भी पोंग डैम अभयारण्य के एक किलोमीटर के भीतर पोल्ट्री प्रोडक्ट्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है. मध्य प्रदेश के मंदसौर में प्रशासन ने चिकन और अंडे बेचने वाली दुकानों को 15 दिनों के लिए बंद रखने का आदेश दिया है.
जयपुर में एक बीमार कौवे को वन विभाग रोड के किनारे से उठाकर ले जाते हुए. (PTI)क्या चिकन खाने से बर्ड फ्लू हो सकता है? इस सवाल का जवाब है- नहीं, अगर एहतियात बरती जाए. WHO
की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर चिकन या दूसरे पॉल्ट्री ठीक से पकाए गए हों, तो वो सेफ होते हैं. उनसे फ्लू नहीं फैलता. और न व्यक्ति संक्रमित हो सकता है. रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि चिकन, बत्तख, गीज़, अंडे जैसे पॉल्ट्री प्रोडक्ट्स को 70 डिग्री सेल्सियस या फिर उससे ज्यादा तापमान पर पकाना चाहिए, जिससे मांस कच्चा और लाल ना रहे. अगर उस जीव से संक्रमण का खतरा होगा भी तो अच्छी तरह पकाने से H5NI वायरस नष्ट हो जाएगा. WHO का कहना है कि कोई भी महामारी ठीक से पकाए गए खाने से नहीं फैलती है. हां, अगर अधपका या कच्चा मांस और अंडा खाया तो बीमार पड़ने का खतरा हो सकता है.
इस मामले में केंद्रीय पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा-
अंडा और चिकन अच्छे से पकाकर खा सकते हैं, उससे इसका संक्रमण नहीं फैलेगा. अभी तक ये फ्लू इंसानों में नहीं पाया गया है. डरने की जरूरत नहीं है. सरकार ने सभी राज्यों को एडवाइजरी भी जारी कर दी है. कंट्रोल रूम भी बनाया जा चुका है.
पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन राज्य मंत्री संजीव बालियान संजीव बालियान ने भी कहा-
जिन राज्यों में बर्ड फ़्लू के केस सामने आ रहे हैं, उन सभी राज्यों के साथ सरकार संपर्क में है. चिकन या अंडे साफ़सुथरे तरीक़े से और अच्छे से पकाकर खाने से कोई दिक्कत नहीं है.बर्ड फ्लू के लक्षण क्या हैं? एवियन इंफ्लुएंजा यानी H5N1 पक्षियों से पक्षियों मे फैलने वाली बीमारी है. और कभी-कभार ये पक्षियों से इंसानों को भी हो जाती है. इंडियन एक्सप्रेस के हिसाब से इंसानों से इंसानों को ये बीमारी ज्यादातर सेक्स करने या फिर फिजिकल कॉन्टैक्ट में बने रहने से होती है. किसी भी सीजनल फ्लू की तरह बुखार, शरीर दर्द, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द और थकान जैसी चीजें इसके लक्षण हैं. इस फ्लू के होने के बाद इंसान की हालत तेजी से बिगड़ती है. सांस लेने वाला सिस्टम फेल हो जाता है. अभी इस फ्लू की कोई ऐसी वैक्सीन नहीं बनी है, जो इंसानों को दी जा सके. किस टेस्ट से बर्ड फ्लू का पता लगता है? किसी मरीज को बर्ड फ्लू है या नहीं, इसकी जांच डॉक्टर पॉलीमिरेज चेन रिएक्शन (Polymerase Chain Reaction - PCR) टेस्ट के जरिए करते हैं. इस टेस्ट से पता चलता है कि आपके शरीर में बर्ड फ्लू के वायरस का न्यूक्लिक एसिड है या नहीं. इसके आधार पर पता लगाया जाता है कि इंसान के शरीर में किस तरह का बर्ड फ्लू वायरस है, यानी H5N1 है या H7N9 या कोई और वायरस है. अगर ऐसे पता नहीं चलता तो डॉक्टर खून की जांच करके एंटीबॉ़डी का पता लगाते हैं. बर्ड फ्लू से बचने के उपाय क्या हैं? - संक्रमित पोल्ट्री फार्म में जाने से बचें.Lucknow: Chicken sales taking a hit since the outbreak of bird flu "Since January 3, from when the flu was officially declared as detected, the sales have dropped by say around 30%. The prices have also fallen," says a chicken trader pic.twitter.com/eeJOTV9KfV
— ANI UP (@ANINewsUP) January 7, 2021
-संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से बचें.
- डिस्पोजेबल ग्लव्स पहनें. इस्तेमाल के बाद इन्हें नष्ट कर दें.
- हाथों को बार-बार साबुन से धोएं.

