'इलेक्टोरल बॉन्ड' तो गया, लेकिन चंदे का धंधा अब नए लिफाफे में लौट आया है!
Electoral Trust vs Electoral Bond: चुनावी चंदे का नया अड्डा बने इलेक्टोरल ट्रस्ट! जानिए पिछले 5 साल में बीजेपी, कांग्रेस और टीएमसी को इस रास्ते से कितने करोड़ मिले. क्या है प्रूडेंट ट्रस्ट का राज और बॉन्ड बंद होने के बाद कैसे बदल गया चंदे का भूगोल? क्या आप चाहते हैं कि मैं उन टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट तैयार करूँ जिन्होंने इस साल सबसे ज्यादा चंदा दिया है?
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चुनावी चंदे का नया अड्डा बने इलेक्टोरल ट्रस्ट!
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वीडियो: जमघट: भूपेंद्र यादव ने नौकरी भर्ती, बेरोजगारी, इलेक्टोरल बॉन्ड, चुनाव 2024 प्लान पर क्या बताया?

