सेक्स वर्क और समलैंगिकता, दोनों को हमारे देश में कानूनी दर्जा नहीं मिला है.हजारों सेक्स वर्कर्स का रोज रेप होता है, उनके साथ अनसेफ़ सेक्स किया जाता है, उनकोप्रेगनेंसी हो जाती है. न वो अपने साथ हुए क्राइम के लिए न्याय मांगने कोर्ट जासकती हैं, न उनको बच्चों को अच्छी परवरिश मिलती है. जहां तक बात हाई-प्रोफाइल सेक्सवर्कर्स की है, उनको पैसों की कमी नहीं होती. लेकिन समाज में उन्हें अब भी इज्जतनहीं मिलती. आज हम आपको पढ़वाएंगे एक प्रोफेशनल सेक्स वर्कर के विचार. एक पुरुषसेक्स वर्कर, जो समलैंगिक सेक्स भी करता है. जो अपनी मर्जी से सेक्स वर्क करता हैऔर शान से जीता है. क्योंकि जहां वो रहता है, यानी UK में, वहां सेक्स वर्क लीगलहै. और समलैंगिकता क्राइम नहीं है. ये सोशल मीडिया पर खुद को दुनिया का 'टॉप' सेक्सवर्कर बताता है. रेडिट पर ऑसी मेल एस्कॉर्ट के नाम से 29 साल का आदमी है. इसनेलोगों से सवाल पूछने को कहा. उन सवालों से निकली कुछ बातें हैं ये.कैसा लगा जब पहली बार पैसे लेकर सेक्स कियामेरा पहला पेड सेक्स एक पुरुष के साथ था. उसका किसी पुरुष के साथ पहला एक्सपीरियंसथा. मैंने उसको नहीं बताया था कि वो मेरा पहला क्लाइंट है. वो कई सालों से गे सेक्सकरना चाहता था. गे पॉर्न देखता था. कई सालों बाद वो साहस जुटा पाया एक पुरुषएस्कॉर्ट को बुलाने का.कैसे होते हैं क्लाइंटमेरे हर तरह के क्लाइंट रहे हैं. फेटिश, कपल, औरतें, बायसेक्शुल, शादीशुदा,डॉमिनेट्रिक्स और भी बहुत कुछ. मैंने इंटरनेशनल टूर किए हैं. मेरे क्लाइंट्स नेमुझे जहाज से आने-जाने का किराया दिया था. मैं लंदन के बड़े-बड़े फाइव स्टार होटल मेंगया हूं. मुझे लोग अच्छे रेस्टोरेंट्स में लेकर गए हैं. 18 की उम्र से लेकर 90 सालतक के क्लाइंट्स रहे हैं. छड़ी मारने से लेकर, लोगों को प्यार से बांहों में भरने तकउनको हर तरह की सेवा दी है. मैंने विकलांग व्यक्तियों को भी सेक्स का सुख दिया है.उन्हें, जो व्हीलचेयर पे थे. मैं प्राइवेट प्लेन से लेकर पानी के जहाजों तक गयाहूं. इनमें वो लोग भी रहे हैं, जो करोड़पति हैं. वो भी रहे हैं जिन्होंने सिर्फ मेरेसाथ रात बिताने के लिए महीनों तक पैसे बचाए हैं. बात सीधी सी है. हम काम करते हैं,पैसे कमाते हैं. फर्क बस इतना है कि हमारे काम में सेक्स शामिल होता है.आम नौकरियों से अच्छी है ये नौकरीजब मैं रोज ऑफिस जाया करता था, मुझे प्रताड़ित महसूस होता है. एक बड़ी कंपनी मेंमैनेजमेंट के ऊपरी लोग, डायरेक्टर, सीईओ वगैरह खूब पैसे बनाते हैं. और इसके पीछेमेहनत होती है मेरे जैसे लोगों की. और वहां भेड़-बकरी की तरह ट्रीट किया जाता था.वहां हर चीज आंकड़ों से तय होती थी. मैं वैसी नौकरी फिर कभी नहीं करूंगा. एकएस्कॉर्ट के तौर पर मैं कई नए लोगों से मिला हूं, खूब घूमा हूं, तरह-तरह के अनुभवहुए हैं. सबसे अच्छी बात, मेरा पूरा पैसा मेरा है. सीधा मेरे हाथ में आता है. मेरेकाम का फायदा कोई और नहीं कमाता.गंदे लोगों के साथ काम नहीं करताकुछ चीजें मैं नहीं करता. जैसे मुझे किस करना पसंद नहीं है. ड्रग्स लेना या दारूपीना पसंद नहीं है. अगर कोई मेरे पास शराब पीकर आता है, मैं उसके साथ डील नहींकरता. अगर कोई साफ़-सुथरा नहीं होता, उसके साथ सेक्स नहीं करता. मेरी कुछ शर्तेंहैं, उन्हीं के मुताबिक काम करता हूं.रेट क्या हैमैं एक घंटे का 12 से 16 हजार रुपये लेता हूं (150 से 200 पाउंड).--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:यूं बच सकती हैं जीबी रोड की 'बेकार' हो चुकी औरतें