ये टाइम मैगजीन के मार्च, 2016 के अंक का कवर है. कवर में अंडरवियर में एक 'ब्लैक'औरत है. औरत प्रेग्नेंट है.बीते दिनों हमने एक चलन देखा है. प्रेग्नेंट फोटो शूट का. क्योंकि मां बनना गर्व किबात है. है न? डेमी मूअर ने आज से बीस साल पहले ऐसा ही पोज दिया था वैनिटी फेयरमैगजीन के लिए. कहते हैं जिस बोल्डनेस के साथ डेमी ने अपनी प्रेगनेंसी को दुनिया कोदिखाया कोई और न दिखा पाया.लेकिन ये जो औरत टाइम मैगजीन के कवर पर है न. ये 'सुंदर' नहीं है. क्योंकि ये'काली' है. गरीब है. और ये एक 'बुरी' औरत है. क्योंकि ये मां नहीं बनना चाहती. कहतीथी पैदा होते ही बच्चे को मार दूंगी. कवर में जो औरत है उसका नाम अयाक है. और जोबच्चा अयाक की कोख में है, उसका बाप कौन है, ये उसे नहीं पता. नहीं, अयाक सेक्सवर्कर नहीं थी. सूडान में अपने गांव पर हमला होने के बाद राहत कैंपों की तरफ भागरही थी. पकड़ी गई. सैनिकों ने बार बार रेप किया. अयाक से जब पूछते हैं कि वो अपनाबच्चा गिरा क्यों नहीं देती. वो कहती है कि उसका आने वाले बच्चा उसका इकलौता साथीहोगा. क्योंकि उसका पूरा परिवार खत्म हो चुका है.***सूडान में ही मेरी भी रहती है अपने पूरे परिवार के साथ. वो लोग नुएर आदिवासी हैं.देश के नए राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के बीच सत्ता की लड़ाई ने देश के उत्तरीइलाके को बीहड़ सा बना दिया है. 50,000 से भी ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. लाखोंलोग भुखमरी के शिकार हैं. लाखों घर छोड़ कर भाग चुके हैं. यूनाइटेड नेशंस के एक कैंपमें मेरी ने अपने परिवार के साथ सहारा लिया हुआ था जब 2014 में राष्ट्रपति कीर किसेना ने उनपर हमला कर दिया.मेरी ने टाइम को बताया कि पहले सेना ने उसके पति को गोली से उड़ा दिया.फिर उसके दोबेटों को मार डाला. एक की उम्र 5 साल थी, दूसरे की 7. फिर इन वर्दी पहने हुए लोगोंने उसकी गोद से उसकी बच्ची को छीन लिया. मेरी को तब तक नहीं पता था कि इससे बुरा भीकुछ हो सकता है.सैनिकों ने मेरी से कहा कि उन्हें नुएर लोगों से खतरा है. क्योंकि वो विद्रोही होतेहैं. मेरी के लड़के बड़े होकर लड़ाके बन सकते थे. इसलिए उन्हें खत्म कर दिया गया.''लेकिन हम औरतों को जान से नहीं मारते. सिर्फ उनका रेप करते हैं, सैनिकों ने मेरीसे कहा. "जैसे रेप हत्या से बेहतर होते हों." मेरी कहती है. फिर मेरी को पकड़ लियागया. और उसकी आंखों के सामने उसकी 10 साल की बेटी का रेप किया. एक बार नहीं. बारबार. बेटी नहीं दिखती थी. सिर्फ खून दिखता था. बेटी मर गई. फिर मेरी की बारी आई. 6सैनिकों ने बारी बारी रेप किया. मेरी के पास बच्चा गिराने के लिए कोई दवा नहीं थी.मेरी सिर्फ यही सोचती रहती कि उन 6 सैनिकों में से उसके होने वाले बच्चे का बाप कौनहोगा. मेरी ने तय किया था कि पैदा होते ही अपने बच्चे को मार डालेगी. मेरी जैसीलाखों औरतों को कौन बताएगा कि उनका रेप होने में उनका कोई हाथ नहीं होता. उनके साथहिंसा की जाती है.***पूर्वी कॉन्गो में पिछले बीस सालों में 50,000 से भी ज्यादा ऐसे बच्चे हुए हैं जोरेप होने के कारण पैदा हुए. जिनके पिता के बारे में उन्हें पता नहीं है. जिनके पासकोई पहचान पत्र नहीं है क्योंकि उनके बिर्थ सर्टिफिकेट पर उनके बाप का नाम नहीं है.ये बच्चे जब बड़े होते हैं तो लोग इन्हें दुशमनों के बच्चे कहकर इनसे नफरत करते हैं.1971 की बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई में पाकिस्तान के सैनिकों ने मिलकर एक मिशन केतहत दो से चार लाख महिलाओं का रेप किया. जिसमें हजारों औरतें प्रेगनेंट हुईं.हजारों एबॉर्शन हुए. फिर भी हजारों बच्चे पैदा हुए. वो बच्चे जिनको देख कर माओं कीममता नहीं जागती. क्योंकि वो उनके लिए बोझ थे. दुनिया के लिए उसकी मां का पाप थे.बांग्लादेश के मेहरपुर में आजादी की लड़ाई में हुए रेप को दिखाता एक स्कल्पचरये बच्चे अपनी माओं को उनके जीवन का सबसे भयानक दिन याद दिलाते हैं. ये बात अलग हैकि इसमें गलती न उनकी है न उनकी माओं की. पर ये उनको कौन बताएगा जिनको लगता है किइज्जत उसकी जाती है जिसका रेप हुआ है. न कि उसकी जिसने रेप किया है. ***निकोल एक सेक्स वर्कर थीं. साल 2010 में कॉन्गो देश के गोमा शहर में संयुक्तराष्ट्र ने शहर में अपने पीसकीपर अपॉइंट किए थे. जिनमें भारत के सैनिकों की एकटुकड़ी भी शामिल थी. एक दिन एक लड़का निकोल के पास आया, और एक सैनिक के साथ सेक्सकरने की बात तय हुई. फिर सैनिक निकोल के लिए आर्मी वाली वर्दी लेकर आया. कि सैनिकोंके कैंप में कोई उसे घुसते न देखे.तस्वीर आउटलुक मैगजीन सेनिकोल अंदर जाती तो अपनी मर्जी से है. सैनिक के साथ सेक्स भी अपनी मर्जी से करतीहै. लेकिन पहले सैनिक के बाद दूसरा आता है. फिर तीसरा. चौथा. पांचवा. एक के बाद 10सैनिक निकोल का रेप करते हैं. सैनिक जीतने के नाम पर दुश्मन देश की औरतों का रेपकरते हैं. अपने देश में रक्षा के नाम पर अपनी ही औरतों का रेप करते हैं.ये आर्टिकल आउटलुक मैगजीन ने 2011 में किया था. उस वक्त कॉन्गो में लगभग 4000भारतीय सैनिकों की पोस्टिंग थी. उसके बाद कॉन्गो में भारतीय से दिखने वाले कई बच्चेपैदा हुए. सेक्शुअल मिसकंडक्ट की शिकायत भी हुई. 12 अफसरों और 40 जवानों की दोषीपाया गया.फिल्मों में हमने अपने सैनिकों को भारत माता का जयकारा करते हुए देखा है. देखा हैकैसे देश के लिए जान लुटा देते हैं. जिन्हें ये 'मां' जैसा मानते हैं. जिनके रेप येकरते हैं, क्या वो किसी की कुछ नहीं लगतीं? क्या एक औरत का सेक्स वर्कर होना उसकेरेप को जस्टिफाई कर देता है?***21 साल की नादिया इराक के यज़ीदी समुदाय की हैं. ये उन हजारों औरतों में से एक हैंजिन्हें ISIS के मेंबरान उठा कर कर ले गए थे. "हमारी औकात जानवरों से भी बदतर होतीहै. कई लोग मिलकर एक ही लड़की का रेप करते हैं. वो ऐसी चीजें करते हैं जिनके बारेमें एक आम इंसान सोच ही नहीं सकता. इनके शरिया कोर्ट के पास हमारे नाम और नंबर होतेहैं. वो हमें कभी भी बुला कर हमें एक्सप्लॉइट कर सकते हैं. वो हमें कभी भी बेच सकतेहैं." नादिया के मुताबिक रेप करने के पहले लड़कियों से दुआ पढ़वाई जाती है. ये धर्महै.नादिया ISIS के चंगुल से भाग आई थी. लेकिन उन हजारों का क्या जिनके साथ रोज हिंसाहो रही है?लड़ाइयां उतनी ही पुरानी हैं जितनी ये दुनिया है. ये सिर्फ एक देश, एक जगह या एक कालकी बात नहीं है. दुनिया भर के इतिहास के पन्ने मासूमों के खून से लाल हैं. और हरयुद्ध का एक पैटर्न है. पुरुषों को मार दिया जाता है. और औरतों और बच्चों पर कब्जाकर लिया जाता है. ठीक उसी तरह जैसे शहरों, सड़कों, गलियों पर कब्जा कर लिया जाता है.जैसे जानवरों पर कब्ज़ा कर लिया जाता है. लड़ाई सिर्फ पुरुष की पुरुष से होती है. फिरऔरतों का रेप किया जाता है. जैसे जमीन पर झंडा गाड़कर उसपर मुहर लगा दी जाती है किअब ये हमारा हो गया है. पर एक बार रेप हो जाने के बाद औरत किसी की नहीं होती. नउसका बच्चा किसी का होता है. लड़ाई खत्म होने के बाद डाटा आता है. इतने मरे, इतनेघायल. कितनी औरतों का रेप हुआ, कितनों की वेजाइना में सरिया या गरम बुलेट घुसा दीगई ये कहीं नहीं आता. क्योंकि युद्ध तो पुरुषों में होता है.क्या हमेशा सारी लड़ाइयां तब तक जीती नहीं मानी जाएंगी जब तक पुरुष का वीर्य औरत कीयोनि में न गिरा दिया जाए?