विक्टोरिया बेकहम: एक मॉडल, फैशन डिज़ाइनर और सिंगर. अपने एल्बम 'स्पाइस गर्ल्स' सेचर्चा में आईं. उसके बाद एक मॉडल और सेक्स सिंबल के रूप में जानी गईं. फैशन कीदुनिया में जाने कितनी औरतें हैं, जो विक्टोरिया सी बनने का सपना देखती हैं.विक्टोरिया स्टार फुटबॉल खिलाड़ी डेविड बेकहम की पत्नी. डेविड को फुटबाल के अलावाउनके अच्छे लुक्स के लिए जाना गया. विक्टोरिया बेकहम के साथ डेविड का एक नया ब्रांडबना. जो कि सिर्फ एक फुटबॉलर का नहीं, एक फैशन स्टार का ब्रांड था. विक्टोरिया औरडेविड जगह-जगह साथ देखे गए. जब-जब दोनों को लोगों ने साथ देखा, हमेशा उनके फैशनसेन्स की बात की. एक ऐसा कपल, जो बढ़ती उम्र के साथ और भी ज्यादा 'सेक्सी' होता जारहा है.खुद को 'परफेक्ट' बनाने के लिए सर्जरी कराना कोई नई बात नहीं है. बॉलीवुड में येअक्सर देखा गया. नाक, होंठों से लेकर ब्रेस्ट तक, हिरोइनों ने क्या-क्या नहींबदलवाया. कुछ सालों पहले विक्टोरिया बेकहम की कुछ तस्वीरों के बारे में खूब बातहोनी शुरू हुई. वजह थी उनका बढ़ा हुआ ब्रेस्ट साइज़. लोगों ने उनकी नई और पुरानीतस्वीरों की तुलना की. और इंटरनेट पर प्लास्टिक सर्जरी के बाद और पहले वालीतस्वीरों के बीच तुलना चालू हो गई. पहले तो विक्टोरिया नकारती रहीं, फिर बाद मेंमान लिया कि उन्होंने ब्रेस्ट इम्प्लांट करवाया है. यानी सर्जरी से अपने ब्रेस्टबड़े करवाए हैं.विक्टोरिया, पहले और बाद मेंसोशल मीडिया और अंग्रेजी न्यूज़ वेबसाइट्स पर उनका एक बयान चल रहा है. जिसमेंविक्टोरिया ने कहा है, 'मैं ब्रेस्ट सर्जरी करवाने का अफ़सोस करती हूं. ये मानती हूंकि ये मेरे अंदर खुद को लेकर उपजे असुरक्षा के भाव का नतीजा था. हमें अपने शरीर सेप्यार करना चाहिए. हम जैसे हैं, हमें खुद को वैसे ही स्वीकारना चाहिए.'छोटे ब्रेस्ट होने की वजह से खुद के शरीर के बारे में बुरा महसूस करना महज किसी एकऔरत की तकलीफ नहीं. ये औरतों को तकलीफ में रखने की एक आम वजह है. पश्चिमी देशों मेंतो शायद फिर भी कम हो. इंडिया जैसे देश में तो हम ब्रेस्ट के साइज़, शेप और उनके बड़ेहोने से ओब्सेस्ड हैं.चोली के पीछे क्या है, चुनरी के नीचेकहते जो चीज जितनी छिपी हुई हो, लोगों के अंदर उसके प्रति सबसे ज्यादा कौतूहल होताहै. ऐसी ही एक चीज हैं ब्रेस्ट. जिनका काम असल में तो बच्चों को पोषण देना है. परउनको हमेशा औरतों की 'इज्जत' से जोड़कर देखा जाता है. जैसे औरत जिसे लेकर चल रही है,वो ब्रेस्ट उसके शरीर का अंग नहीं, एक तिजोरी हो. जो कभी भी लुट सकती है. उसके अंदरइतनी अनमोल चीज है कि उसे कई परतों में ढंक कर रखो. कभी दुपट्टे, कभी स्टोल से.ब्रेस्ट तो क्या, कभी उससे जुड़ी कोई चीज भी दिख जाए, तो तुम्हारे लिए पाप है. फिरवो क्लीवेज हो या ब्रा का स्ट्रैप.जब हम बड़े हो रहे थे, स्कूल से लेकर घर पर सबने बताया, ब्रा के ऊपर स्लिप डाल लियाकरो. कहीं निप्पल की झलक दिख गई तो अच्छा नहीं लगता. और 'अच्छा नहीं लगता' के चलतेसाड़ी तंग कपड़े पहनने वाली लड़कियां चरित्रहीन हो गईं. हमेशा ये भी सिखाया गया किब्रा को ऐसे सुखाओ कि परिवार के किसी अन्य सदस्य, खासकर पिता या भाई को न दिखे.तकिया के नीचे न छोड़ो, वाशिंग मशीन में न डालो. कुल मिलाकर अपना जीवन इस बात काढोंग करते हुए बिता दो कि ब्रेस्ट नाम की कोई चीज तुम्हारे पास है ही नहीं.लेकिन विरोधाभास हैजिस तरह हम चाहते हैं कि हमारी बहन-बेटियों के ब्रेस्ट छिपे रहें, हम ये भी चाहतेहैं कि दूसरी औरतों के ब्रेस्ट दिखते रहें. 'खूबसूरत' और 'सेक्सी' के जिस दायरे सेहम अपनी 'चरित्रवान' बेटियों को दूर रखना चाहते हैं, बाहरी औरतों को उन्हीं पैमानोंपर खरा उतरते देखना चाहते हैं. इसलिए बड़े ब्रेस्ट वाली लड़की पट जाए तो अच्छा. बड़ेब्रेस्ट वाली हिरोइन की सभी फ़िल्में देखेंगे. और घर वालों से छिपकर देखेंगे. जिसहिरोइन के ब्रेस्ट छोटे होंगे, उसकी छाती को 'रनवे' और 'सपाट' कहकर उसे ट्विटर परट्रोल करेंगे. उस पर ऐसे चुटकुले बनाएंगे कि उसकी छाती और पीठ के बीच का फर्क पताही नहीं चलता. इसलिए इस बात पर हमें हैरत नहीं होनी चाहिए, कि फैशन और एक्टिंग कीदुनिया में, जहां लगातार लोग आपको देख रहे हैं, उनके बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने केलिए आप ब्रेस्ट इम्प्लांट करवा लें. अगर आप पॉर्न इंडस्ट्री में हैं, तब तो बात हीकुछ और है.ये हम नहीं, बाजार तय करता हैब्रेस्ट का ढीला पड़ जाना एक स्वाभाविक चीज है. और ऐसी स्वाभाविक चीज जो हर औरत केसाथ हो रही है, उससे औरत निजात क्यों पाना चाहती है. क्योंकि जो बाजार हमेंकॉस्मेटिक सर्जरी बेच रहा है, वो हमारे लिए हमारी सुंदरता के पैमाने तय कर रहा है.एक पुरुषवादी समाज में जब पुरुष के भोग के लिए गोल और कसे हुए ब्रेस्ट उपलब्ध हैं,तो वो ढीले, लटके हुए ब्रेस्ट क्यों चाहेगा. हर औरत को इस पुरुषवादी समाज मेंस्वीकार्य होने के लिए अपने ऊपर मेहनत करते रहना चाहिए. फिर चाहे हो गोरेपन कीक्रीम हो, झुर्रियों को मिटाने की, ब्रेस्ट को कसा हुआ रखने की या वेजाइना को सफ़ेदरखने की. कोई भी अखबार उठाकर देख लीजिए, उसके इश्तेहार या तो लिंग को कड़क बनाने कादावा कर रहे होते हैं या ब्रेस्ट को.दिन रात ब्रेस्ट के बारे में सोचने वाले जानते कितना हैं ब्रेस्ट कोब्रेस्ट कैंसर देश और दुनिया की औरतों के सामने मुंह बाए खड़ी सबसे बड़ी समस्याओं मेंसे एक है. और ब्रेस्ट से ओब्सेस्ड इस देश में ब्रेस्ट के बारे में लोग क्या औरकितना जानते हैं, ये आपको इस वीडियो में मालूम पड़ जाएगा.https://www.youtube.com/watch?v=h2MPjqLo0Eo--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:'मेरी लाइफ में सब कुछ नॉर्मल रहा है, 20 की उम्र में अबॉर्शन को छोड़कर'नोहुआ: चीन की शादियों की वो घटिया रस्म जिस पर सिर्फ घिन आ सकती हैदेख लो मर्दों, बड़े ब्रेस्ट हों तो ऐसा लगता है