1923 में ब्रिटिश राज और नेपाल के राजा ने मिलकर भारत और नेपाल के बीच सीमा तय की.और सीमा भी ऐसी कि किसी का आंगन इंडिया में पड़ा तो दलान नेपाल में. ऐसा सबसे ज्यादाबिहार के मधुबनी और नेपाल के जनकपुर में रहने वाले लोगों के साथ हुआ. मिथिलांचल दोदेशों में बंटा हुआ है और दोनों ही तरफ के लोग मैथिली बोलते हैं. यहां के परसा गांवका लगभग आधा हिस्सा इंडिया में है और आधा नेपाल में. दोनों जगह ऐसे बहुत से गांवहैं जो बिल्कुल सीमा पर बसे हैं. दिमाग हिलाने वाली बात ये है कि किसी घर काहैंडपंप इंडिया में है और उसका पानी गिरता नेपाल में है.गांव के कई लोग तो इसी कन्फ्यूजन में रहते हैं कि उनका घर इंडिया में है या नेपालमें. ये ऐसा बॉर्डर है, जहां न तो कोई गेट है और न ही किसी तरह के तार लगे हैं.दोनों ही तरफ रोटी-बेटी के संबंध हैं. चूंकि नेपाल ही इकलौता ऐसा देश है, जहां किसीभारतीय को जाने के लिए न तो वीजा की जरूरत होती है और न पासपोर्ट की. ऐसी हीसुविधाएं नेपाल के लोगों के पास भी हैं इंडिया आने के लिए.मेरा खुद का ननिहाल 'इमादपट्टी' भी नेपाल में ही पड़ता है. ये नेपाल का एक गांव है.मेरा गांव मधुबनी में है. दोनों गांवों के बीच बस सात किलोमीटर की दूरी है. इन्हींदोनों गांवों के बीच है एक गांव 'परसा'. भारत-नेपाल की सीमा इस गांव के बीचो-बीच सेनिकलती है. किसी के आंगन होकर, तो किसी के खलिहान होकर. मजा तो तब आता है, जब एक हीखूंटे से बंधे दो बैलों में से एक इंडिया में खड़ा होता है तो दूसरा नेपाल में.उसी गांव के एक बच्चे से जब मैंने पूछा कि तुम किस देश में रहते हो, तो वो बोलनेलगा, 'इंडिया में... नहीं नहीं नेपाल में... नहीं इंडिया में शायद... ऊं ऊं.. हमकोनहीं पता'. ये हाल कई गांववालों का है. एक बुजुर्ग बताने लगे, 'बीच-बीच में एसएसबी(सीमा सुरक्षा बल) और नेपाली सेना वाले आते हैं और सीमेंट के खंभे की सीमा बनाकरचले जाते हैं. हम लोग तो अपने-आप को दोनों देस का मानते हैं. 'जरूरत क्या है तार औरबाउंड्री डालने का. दोनों तरफ आदमिए न बसता है जी!'गांव के बारे में बात करता बच्चाएक महिला ने बताया, 'हम लोगों का सादी-बियाह सब चलता है दोनों तरफ. परसा हमाराससुराल है. हमारा गाम नेपाल में पड़ता है और पिछले साल हमारी बेटी का सादी हुआ है.उसका ससुराल 'नवटोली' है जो इंडिया में है. यहां तो ऐसे ही होता है. ई कौनो नया बातथोड़े है'.उस गांव के मुखिया धनेश्वर झा मिले तो बताने लगे, 'ई चापाकल देखते हैं. ई गड़ा हैइंडिया में और इसका पानी जिस गड्ढे में गिरता है, ऊ गड्ढा नेपाल में पड़ता है. ऊ जोपोखर के सामने मंदिर है, ऊ भी सीमा पर बना हुआ है. भोला बाबा का मूर्ति नेपाल मेंहै और बजरंग बली इंडिया में हैं... हा हा हा!'. बताइए, जहां भगवान भी दो देशों मेंबंट चुके हों, वहां कहां से बॉर्डर का पता चलेगा.बॉर्डर का नाम आते ही हम भारतीयों को पाकिस्तान और चीन याद आते हैं और एक बॉर्डर येहै, जहां लोगों को कोई परवाह ही नहीं है कि वो किस देश के नागरिक हैं. लगभग सभीलोगों का नाम दोनों देशों की जनगणना में शामिल है. हालांकि, यहां के ज्यादातर लोगखुद को इंडियन ही मानते हैं. दुनिया में जितने भी बॉर्डर हैं, उनमें ये सबसे यूनिकहै. इस गांव के लोगों के लिए ये लाइन एकदम परफेक्ट है, 'देश मेरा रंगरेज है'.--------------------------------------------------------------------------------ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने लिखी है.