रोनाल्डो-मेसी का BIGGEST DREAM तोड़ने पर क्यों उतारू हैं उन पर अरबों खर्चने वाले क्लब?
लालची क्लबों के खिलाफ फैंस ने किया विद्रोह
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Lionel Messi और Cristiano Ronaldo के बीच में दिख रहा बंदा इन क्लबों में से एक Liverpool की Jersey जला रहा है (एपी/गेटी तस्वीरें)
'हमें नहीं पता था कि हमने सांपों को अपने इतने क़रीब रखा है, अब हमें ये बात पता है.'
अलेक्जांडर चेफेरिन. UEFA प्रेज़िडेंट.
UEFA यानी पूरे यूरोप की फुटबॉल को चलाने वाली संस्था. आसान भाषा में समझें तो ये यूरोप के फुटबॉल की BCCI है, बस फ़र्क इतना है कि यह BCCI की तरह नेशनल लेवल की जगह महाद्वीप स्तर पर काम करती है. यानी इसका काम पूरे यूरोप की फुटबॉल को सही से चलाना है. ये संस्था क्लबों के लिए चैंपियंस लीग और यूरोपा लीग नाम के दो यूरोप के सबसे बड़े क्लब कंपटिशन आयोजित कराती है. साथ ही नेशनल टीमों के लिए यूरो कप और नेशंस लीग का आयोजन भी इन्हीं के जिम्मे है. और चेफेरिन इस संस्था के सौरव गांगुली हैं. अब यूरोप के सौरव गांगुली अगर इतने गुस्सा हैं, तो जाहिर है कि कुछ ऐसा हुआ है जो सीधे तौर पर उन्हें परेशान कर रहा है. जी हां, ऐसा ही कुछ है. सेफेरिन की परेशानी की वजह है यूरोपियन सुपर लीग. यूरोप के सबसे ताकतवर 12 क्लबों ने UEFA के खिलाफ विद्रोह कर अपनी लीग बनाने का फैसला कर लिया है. और इसी बात से यूरोप की फुटबॉल में हड़कंप मचा हुआ है. # The Super League इससे पहले लंबे वक्त तक चली चर्चाओं के बीच संडे, 18 अप्रैल 2021 को ऑफिशली इस बात की घोषणा हुई कि यूरोप के दिग्गज क्लब अपना एक अलग कंपटिशन लेकर आ रहे हैं. इसके साथ ही यूरोपियन सुपर लीग नाम के इस कंपटिशन के 12 फाउंडिंग मेंबर्स भी सामने आए. इनमें इंग्लैंड की प्रीमियर लीग के टॉप छह क्लबों के साथ इटली और स्पेन के तीन दिग्गज क्लब भी शामिल थे. फाउंडिंग मेंबर्स में आर्सनल, चेल्सी, लिवरपूल, मैनचेस्टर सिटी, मैनचेस्टर यूनाइटेड और टॉटेन्हम के साथ इटली से एसी मिलान, इंटर और क्रिस्टियानो रोनाल्डो का युवेंटस जबकि स्पेन से एटलेटिको मैड्रिड, रियल मैड्रिड और लियोनल मेसी का बार्सिलोना हैं.इसके साथ ही यह भी बताया गया कि फाउंडिंग मेंबर्स में अभी तीन क्लब और जुड़ेंगे. टोटल 20 क्लबों वाली इस लीग के संभावित क्लबों की लिस्ट में जर्मनी के बायर्न म्यूनिख, बोरुशिया डॉर्टमंड के साथ पुर्तगाल के पोर्तो और फ्रांस के पारीस सेंट जर्मेन का भी नाम शामिल बताया जा रहा था. लेकिन बाद में बायर्न, डॉर्टमंड और पोर्तो ने साफ कर दिया कि वे इस लीग में नहीं जा रहे. साथ ही PSG ने भी खुद को इससे दूर रखने का फैसला कर लिया है. सुपर लीग के आयोजकों ने यह भी कहा था कि वे UEFA और वर्ल्ड फुटबॉल की गवर्निंग बॉडी FIFA यानी फुटबॉल की ICC से इस लीग को चलाने की परमिशन लेंगे. रिपोर्ट्स की मानें तो इस लीग से जुड़ रहे क्लबों को लगभग 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 3 खरब रुपयों का इंवेस्टमेंट मिलेगा. यह इंवेस्टमेंट अमेरिकी इंवेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन चेज एंड कंपनी की ओर से आएगा. बता दें कि चैंपियंस लीग का सालाना रेवेन्यू 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है. # UEFA का पक्ष सुपर लीग के मैच मिडवीक में खेलने की प्लानिंग थी. और यह सीधे तौर पर चैंपियंस लीग को चैलेंज माना जा रहा था. क्योंकि UEFA Champions League यानी UCL के मैच भी मिडवीक में ही होते हैं. साथ ही चैंपियंस लीग से टॉप क्लबों के हटने का मतलब है कि उनके रेवेन्यू को गहरी चोट. और कोई भी संस्था अपने रेवेन्यू पर चोट कैसे लगने देती. ऐसे में UEFA को कड़ा रेस्पॉन्स देना ही था. उन्होंने दिया भी. आनन-फानन में बुलाई गई मीटिंग के बाद UEFA प्रेसिडेंट चेफेरिन ने कहा,The UEFA President went off 🐍 pic.twitter.com/9fu0LBgm0W
— B/R Football (@brfootball) April 19, 2021
'मैं और अधिक जोर देकर नहीं कह सकता कि कैसे सभी लोग इस शर्मनाक, मतलबी और सबसे ज्यादा लालच से भरे प्रपोजल के खिलाफ संगठित हैं. हम सभी इस बकवास प्रोजेक्ट के खिलाफ संगठित हैं. यह एक कुटिल प्लान है, और पूरी तरह से फुटबॉल के खिलाफ है. हम किसी भी कीमत पर इससे सहमत नहीं हो सकते.इस लीग में खेलने वाली टीमों के प्लेयर्स को वर्ल्ड कप और यूरो से बैन कर दिया जाएगा. हम सभी से इसके खिलाफ खड़े होने की अपील करते हैं. हम अपनी पूरी ताकत लगाकर यह संभव करेंगे कि यह लीग कभी भी ना हो पाए.'
जब चेफेरिन से पूछा गया कि क्या इस लीग में गई 12 टीमों के बिना भी चैंपियंस लीग आयोजित होगी. उन्होंने कहा,UEFA President Alex Ceferin:
"We are all united against this nonsense of a project ... The players that will play in the closed league will be banned from playing in the World Cup and Euros." pic.twitter.com/soi7Zl7BC9 — B/R Football (@brfootball) April 19, 2021
'हां, निश्चित तौर पर. यूरोप में बहुत सारे अच्छे क्लब और समर्पित प्रशंसक हैं. हम उनके साथ और उनके बिना भी इसे आयोजित कराएंगे.'UEFA के साथ FIFA भी इस लीग के खिलाफ है. ऐसे में इस लीग का हो पाना बेहद मुश्किल लग रहा. लीग और UEFA के रिएक्शन के बाद अब बात इंट्रो में आए सांपों की. चेफेरिन का इशारा सुपर लीग से जुड़े दिग्गज क्लबों के अधिकारियों की तरफ था. इस बारे में उन्होंने UEFA की मीटिंग में कहा था,
'अगर मैं एड वुडवर्ड (मैनचेस्टर यूनाइटेड के चीफ एग्जिक्यूटिव) से शुरू करूं, क्योंकि यह छोटा सा होगा. उसके साथ मेरा बहुत ज्यादा कॉन्टैक्ट नहीं है लेकिन पिछले गुरुवार को उसने मुझे फोन किया था. उसने कहा कि वह चैंपियंस लीग में किए जा रहे सुधारों से सहमत है, उनका पूरा समर्थन करता है. लेकिन जाहिर तौर पर उसने पहले ही कुछ और साइन कर लिया था.'इटैलियन क्लब युवेंटस के चेयरमैन आंद्रिया अन्येली पर भड़के चेफेरिन ने कहा,
'मैं आंद्रिया अन्येली के बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहता. वह शायद सबसे बड़ी निराशाओं में से एक या फिर सबसे बड़ी निराशा ही है. मैं बहुत ज्यादा व्यक्तिगत नहीं होना चाहता लेकिन सच्चाई यही है कि मैंने कभी भी ऐसा कोई व्यक्ति नहीं देखा था, जो इतनी ज्यादा बार और लगातार झूठ बोले.यह अविश्वसनीय था. मैंने शनिवार दोपहर को उससे बात की और उसने कहा कि यह सब अफवाहें हैं, चिंता मत करिए, कुछ भी नहीं चल रहा. फिर उसने कहा कि मैं आपको एक घंटे में फोन करूंगा और इतना कहकर उसने अपना फोन बंद कर लिया. अगले ही दिन अफवाहें सच हो गईं.'
बाकी बड़े क्लबों के अधिकारियों के बारे में भी चेफेरिन के विचार कुछ ऐसे ही थे. उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा,UEFA executive and head of the Danish FA Jesper Moller says that he expects ‘Super League’ participants Chelsea, Manchester City and Real Madrid to be kicked out of the Champions League, according to @Reuters.
‘The clubs must go, and I expect that to happen on Friday.’ pic.twitter.com/1dKznSEp6U — B/R Football (@brfootball) April 19, 2021
'सारी दुनिया जानती है कि शुक्रवार को उन्होंने एकमत होकर हमारे सुधारों का समर्थन किया था, जाहिर है कि जब उन्होंने सुपर लीग के साथ एग्रीमेंट साइन किया, सभी वहां बैठे रहे होंगे. वुडवर्ड, आन्येली, गज़िडिस (एसी मिलान के एग्जिक्यूटिव) और रियल मैड्रिड के पेड्रो लोपेज. मुझे अब ये बताने की जरूरत नहीं है कि मैं उनके बारे में क्या सोचता हूं.'चेफेरिन ने एक बात और साफ कर दी. विद्रोह करने वालों को पूरी सजा मिलेगी. बराबर मिलेगी. उन्होंने कहा,
'देखिए, मैंने जीवन में बहुत सारी चीजें देखी हैं. मैं 24 साल तक एक क्रिमिनल लॉयर था इसलिए मैंने अलग-अलग लोगों को देखा है, लेकिन मैंने ऐसे लोग कभी नहीं देखे. जल्दी ही लीगल एक्शन लिया जाएगा.'UEFA की मीटिंग के बाद एक ख़बर और गर्म है. इस साल चैंपियंस लीग के तीन सेमीफाइनलिस्ट्स- मैनचेस्टर सिटी, चेल्सी और रियल मैड्रिड को इसी बरस UCL से बैन किया जा सकता है. टीमों और प्रशासकों के बाद अब नंबर फुटबॉल के असली मालिकों की बात करने का है. फुटबॉल के असली मालिक यानी फैंस.
जी हां. फुटबॉल या कोई भी खेल अपने फैंस के बिना कुछ भी नहीं है. और फैंस इस नई सुपर लीग के सख़्त ख़िलाफ हैं. लिवरपूल, मैनचेस्टर यूनाइटेड, चेल्सी समेत सारे ही क्लबों के फैंस इस लीग के ख़िलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. फैंस का साफ मानना है कि यह फुटबॉल की हत्या है. किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होना चाहिए. इन फैंस के पास पूर्व और मौजूदा फुटबॉलर्स के साथ मैनेजर्स और कोचों का भी सपोर्ट है. और इन सभी के सुर से सुर मिलाते हुए मैं सूरज, अपने पसंदीदा क्लबों की शर्मनाक हरकत के लिए आपसे माफी मांगता हूं.Outside the Emirates today. pic.twitter.com/E5UJGRt6Ac
— B/R Football (@brfootball) April 19, 2021

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