ट्रंप के जूतों ने मंत्रियों का जीना मुश्किल किया, वेंस और रूबियो मीम का मसाला बन गए
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के सामने जो आ रहा है. उसे वो Florsheim Shoes पहना दे रहे हैं. सामने वाले का ‘शू साइज’ 8 हो या 12. ट्रंप ने अगर उसे 10 नंबर वाला जूता दे दिया तो दे दिया. अगले को वो बड़ा या छोटा जूता पहनना ही पड़ेगा. वाइस प्रेसीडेंट JD Vance और अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio इसका ताजा शिकार बने हैं
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दास्तान ए ‘ट्रंप का जूता’ शुरू करने से पहले थोड़ा फ्लैशबैक में चलते हैं. ज्यादा नहीं बस आपके बचपन में… याद है, जब नए कपड़े या जूते खरीदे जाते थे? ‘बढ़ता बच्चा है, एक-दो साइज़ बड़ा खरीदो’. नतीजा वो कपड़ा पहले बड़ा होता था, फिर साइज में फिट और फिर थोड़ा छोटा भी होता था तो पहनना पड़ता था. वरना मम्मी पिटाई लगा देती थीं.
आप सोच रहे होंगे कि ट्रंप की दास्तान सुनाने की जगह हम मम्मी की मार क्यों याद दिलाने लगे? तो जनाब मम्मी की उसी पिटाई से डरे-सहमे बच्चों वाला हाल हो रहा है, हर उस शख्स का जो इन दिनों वॉइट हाउस जा रहा है. वॉइट हाउस तो जानते ही होंगे, अरे अमेरिका का राष्ट्रपति भवन. इन दिनों वहां प्रेसीडेंट डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) के जूतों ने हर खास-ओ-आम में दहशत मचा रखी है.
समाचार पत्र ‘द गार्डियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक प्रेसीडेंट ट्रंप के सामने जो आ रहा है. उसे वो ‘फ्लोर्शाइम जूते’ (Florsheim Shoes) पहना दे रहे हैं. सामने वाले का ‘शू साइज’ 8 हो या 12. ट्रंप ने अगर उसे 10 नंबर वाला जूता दे दिया तो दे दिया. अगले को ना सिर्फ वो बड़ा या छोटा जूता पहनना पड़ेगा. बल्कि मुस्कुराते हुए ट्रंप के सामने अपनी जॉब प्रोफाइल के हिसाब से बैठे या खड़ा भी रहना होगा.
ट्रंप के ‘जूतों की मार’ से उनके उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी बच नहीं पाए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक मीटिंग के दौरान ट्रंप ने जूतों से क्लास का पता चलने की बात कहकर इन दोनों को ‘फ्लोर्शाइम जूते’ थमा दिए. रूबियो को तो उनकी साइज से बड़े जूते. मरता क्या ना करता वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए बेचारे रूबियो बड़े जूते में ही कथित रूप से असीम सुख का आनंद उठाते देखे गए. (वैसे उनके पास एन्जॉय करने के अलावा ज्यादा विकल्प भी नहीं थे.)
‘मॉरल ऑफ द स्टोरी’ ये है कि जिस ट्रंप को कभी उनकी बनाई ऊंची इमारतों और गोल्फ कोर्स (या इन दिनों एपस्टीन फाइल्स) के लिए जाना जाता था. वो आज कल 'जूता गुरु' के रूप में ख्याति अर्जित कर रहे हैं.
वाकया कुछ ऐसा है कि वॉइट हाउस की एक हाई-प्रोफाइल मीटिंग चल रही थी. मेज पर शायद ईरान वॉर या ट्रैरिफ का मसला या फिर कोई ट्रेड डील रही होगी. लेकिन ट्रंप की नजरें कहीं और थीं. उन्होंने अचानक मेज के नीचे अपने करीबियों के पैरों की तरफ देखा. कमरे में उस वक्त उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो जैसे दिग्गज मौजूद थे.
‘वॉशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक कि ट्रंप ने मजाकिया लहजे में ही सही, लेकिन एक बड़ी बात कह दी. उन्होंने कहा, "आदमी की पहचान उसके जूतों से होती है." बस फिर क्या था, खबर है कि उन्होंने तुरंत जूतों का एक कैटलॉग मंगवा लिया.
सिर्फ इतना ही नहीं ट्रंप अपने इन खासमखास मंत्रियों से उनके पैरों का साइज पूछने लगे. ये किसी सेल्समैन वाली हरकत लग सकती है, लेकिन जब अमेरिका का राष्ट्रपति ऐसा करे, तो वो आदेश बन जाता है.
रूबियो के जूते बन गए 'मीम' का मसालाइस मीटिंग के कुछ समय बाद ही सोशल मीडिया पर विदेश मंत्री मार्को रूबियो की कुछ तस्वीरें वायरल होने लगीं. लोगों ने जूम करके देखा तो पता चला कि रूबियो साहब के जूतों के पीछे थोड़ी खाली जगह दिख रही थी. यानी जूते उनके पैर से एक साइज बड़े थे.
इंटरनेट पर मजाक शुरू हो गया कि शायद ट्रंप ने उन्हें जबरदस्ती बड़े साइज के जूते थमा दिए हैं. लोग उनके तरह-तरह के फोटो पोस्ट करने लगे. जिसमें रूबियो ओवरसाइज जूते पहने नजर आ रहे थे.
फिर क्या था. कहा जाने लगा कि वॉइट हाउस में अब एक नया अनकहा नियम चल पड़ा है. अधिकारियों ने अपने पुराने महंगे ब्रांड जैसे Louis Vuitton को अलमारी में बंद कर दिया है और वही जूते पहनना शुरू कर दिया है जो उनके 'बॉस' यानी ट्रंप को पसंद हैं. इसे आप 'वफादारी का नया फुटवियर' भी कह सकते हैं.
ट्रंप का अपना 'सोना' यानी गोल्डन स्नीकर्सट्रंप सिर्फ दूसरों को जूते पहना ही नहीं रहे, बल्कि उन्होंने इस धंधे में खुद भी छलांग लगा दी है. उन्होंने फिलाडेल्फिया में हुए 'स्नीकर कॉन' (Sneaker Con) इवेंट में अपने ब्रांड के जूते लॉन्च किए, जिसका नाम रखा गया-'Never Surrender High-Tops'. ये कोई मामूली जूते नहीं थे, ये पूरी तरह सुनहरे यानी गोल्डन रंग के थे.
इन जूतों की 3 बड़ी खासियतें हैं,
- गोल्डन फिनिश: पूरी बॉडी सुनहरे रंग की है जो दूर से ही चमकती है.
- अमेरिकी झंडा: एड़ी के पास अमेरिकी झंडे का डिजाइन दिया गया है.
- 'T' लोगो: किनारे पर ट्रंप के नाम का 'T' बड़े अक्षरों में छपा है.
‘एनबीसी न्यूज़’ के मुताबिक इसकी शुरुआती कीमत करीब 399 डॉलर (लगभग 33,000 रुपये) रखी गई थी, लेकिन ये इतनी जल्दी 'आउट ऑफ स्टॉक' हुए कि अब रीसेल मार्केट में इनकी कीमत लाखों में पहुंच चुकी है.
दुनिया के 10 सबसे महंगे जूते: जहां हीरा जड़ा है और सोना मढ़ा हैजब जूतों की बात निकली है, तो ये भी जान लीजिए कि दुनिया में कुछ जूते ऐसे भी हैं जिनकी कीमत में एक छोटा देश खरीदा जा सकता है. यहां देखिए टॉप 10 की लिस्ट,
| रैंक | जूते का नाम | मुख्य विशेषता | कीमत (करोड़ रुपये में) |
| 1 | Passion Diamond Shoes | असली सोना और 236 हीरे | 141 करोड़ |
| 2 | Debbie Wingham Heels | दुर्लभ नीले और गुलाबी हीरे | 125 करोड़ |
| 3 | Harry Winston Ruby Slippers | 4,600 असली माणिक (Ruby) | 25 करोड़ |
| 4 | Rita Hayworth Heels | नीलम और कीमती रत्न | 25 करोड़ |
| 5 | Cinderella Slippers | 565 हीरे और प्लैटिनम | 16 करोड़ |
| 6 | Tom Ford Diamond Shoes | 14,000 हीरों की परत | 16 करोड़ |
| 7 | Air Jordan 1984 | माइकल जॉर्डन के ऑटोग्राफ वाले | 12 करोड़ |
| 8 | Nike Moon Shoe | 1972 का विंटेज कलेक्शन | 3.6 करोड़ |
| 9 | Solid Gold OVO Jordans | 24 कैरेट ठोस सोना | 16 करोड़ |
| 10 | Buscemi 100 MM Diamond | 11.5 कैरेट हीरे | 1 करोड़ |
सोर्स- Forbes Luxury
स्नीकर्स का पागलपन: जब जूतों के लिए लगी करोड़ों की बोलीआजकल के युवाओं के लिए स्नीकर्स सिर्फ जूते नहीं, बल्कि एक 'एसेट' हैं. माइकल जॉर्डन से लेकर कान्ये वेस्ट तक, इन सेलिब्रिटीज के जूतों की नीलामी ने दुनिया को हैरान कर दिया है.
- Nike Air Yeezy 1 Prototype: इसे कान्ये वेस्ट ने ग्रैमी अवॉर्ड्स में पहना था. इसकी नीलामी 1.8 मिलियन डॉलर में हुई.
- Air Jordan 12 'Flu Game': ये वो जूते हैं जिन्हें जॉर्डन ने बीमार होने के बावजूद 1997 के फाइनल में पहनकर मैच जिताया था.
- Nike MAG: फिल्म 'बैक टू द फ्यूचर' से प्रेरित ये जूते खुद-ब-खुद फीते बांध लेते हैं. ये स्नीकर लवर्स का अल्टीमेट सपना हैं.
सोर्स: Sotheby's
सिर्फ ट्रंप ही नहीं, इतिहास में ऐसे कई नेता हुए हैं जिनका जूतों से गहरा नाता रहा.
- इमेल्डा मार्कोस: फिलीपींस की पूर्व फर्स्ट लेडी के पास 3000 जोड़ी जूते थे, जो उनकी फिजूलखर्ची का वैश्विक प्रतीक बन गए.
- बराक ओबामा: वो अपने कूल 'बास्केटबॉल स्नीकर्स' के लिए जाने जाते थे, जो उनके स्पोर्ट्स मैन व्यक्तित्व को निखारते थे.
- ऋषि सुनक: ब्रिटेन के नेता एक कंस्ट्रक्शन साइट पर बेहद महंगे 'प्राडा' (Prada) के जूते पहनकर पहुंचे, तो विपक्ष ने उन्हें 'जमीन से कटा हुआ' नेता बता दिया.
तो लब्बो-लुआब ये है कि वॉइट हाउस का ये 'जूता कांड' सिर्फ एक मजाक नहीं है. ये दिखाता है कि कैसे सत्ता में बैठे लोग अपनी पसंद को दूसरों पर थोपते हैं और कैसे एक मामूली सी चीज 'स्टेटस सिंबल' बन जाती है. चाहे वो ट्रंप के चमकीले सुनहरे जूते हों या जॉर्डन के पसीने से भरे पुराने स्नीकर्स, आज की दुनिया में आपकी 'चाल' से ज्यादा आपके 'जूते' बोल रहे हैं.
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