पांच बाल क्रिकेटर, जिनमें भगवान कसम बहुत पोटाश है
विराट, युवराज, उन्मुक्त चंद...ये तो पुराने हो गए. अब नए वालों से मिलो, खिलो.
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फोटो - thelallantop
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राहुल द्रविड़ बीतते वक़्त के साथ पारस पत्थर साबित होते जा रहे हैं. पहले राजस्थान रॉयल्स और अब इंडिया की अंडर 19 क्रिकेट टीम. छूते ही सोने में तब्दील. टीम ने श्री लंका को हराकर फाइनल में जगह पक्की कर ली है. मैच किससे होगा या ये कहें कि रनर अप कौन होगा ये अभी तक मालूम नहीं चला है. क्या है कि दूसरा सेमी फाइनल अभी बाकी है.जिस हिसाब से ये जूनियर लौंडे खेल रहे हैं, लग नहीं रहा है कि कोई भी टीम इनसे पार पायेगी. राहुल द्रविड़ की कोचिंग और लौंडों की मेहनत रंग ला रही है. वर्ल्ड कप जीतने से सिर्फ एक मैच दूर है अंडर 19 टीम इंडिया. आइये बताते हैं वो पांच बड़े नाम जो टीम को इस पोज़ीशन तक लाने में अहम रोल प्ले कर चुके हैं. इन पर सबकी निगाहें बनी रहेंगी. फाइनल में भी और उसके बाद भी.
1. सरफराज़ नौशाद ख़ान 18 साल दाएं हाथ का ताबड़तोड़ बल्लेबाज मैच खेले - 5 रन बनाये - 304

Source: Facebook
मुंबई का लौंडा दाएं हाथ का ताबड़तोड़ बल्लेबाज है. ऑफ ब्रेक स्टाइल में कभी-कभी गेंदबाजी में भी हाथ आज़मा लेता है. उत्तर प्रदेश के लिए खेलने वाले सरफ़राज़ ने 2015 के पहले मुंबई के लिए खेलते थे. एक खराबी है. गरम खोपड़ी का है. इसी वजह से मुंबई क्रिकेट असोशिएशन ने डिसमिस कर दिया था. अक्सर गरम दिमाग वाले यूपी आ जाते हैं. ये भी आ गया. खाने का शौकिन है इसलिए पैंडा निक नेम है. लौंडे में दम तो है तभी कोहली और गेल जैसे खिलाड़ी इसके फैन हैं. कूच बिहार ट्राफी टूर्नामेंट के दौरान तमीज से पेश न आने के कारण पैंडा की पूरी मैच फीस एमसीए ने रोक ली थी. 2015 के आईपीएल का सबसे छोटा प्लेयर रहा जिसकी नीलामी हुई. वो भी पूरे 50 लाख़ में.
2016 के अंडर19 विश्व कप में इसका प्रदर्शन: वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में इसने 70 गेंद पे 75 रन ठोंक दिए. चौव्वे 7 और स्ट्राइक रेट 105 का. अगले ही मैच में 74 का स्कोर. फिर 21 नॉट आउट, 76, और 59. कुल मिलाकर लड़के में गजब मात्रा में पोटाश की मौजूदगी है.
2. ऋषभ पंत 18 साल बाएं हाथ का बल्लेबाज और धांसू विकेटकीपर मैच खेले - 5 रन बनाये - 266

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हरिद्वार में जन्मा ऋषभ बाएं हाथ का बल्लेबाज और धांसू विकेटकीपर है. दिल्ली के लिए खेलता है. दिल्ली के मशहूर सोनेट क्लब से कोचिंग पाई है. आशीष नेहरा और शिखर धवन इसी क्लब की उपज हैं. ऐडम गिलक्रिस्ट सोर्स ऑफ इंसपिरेशन हैं. पुल शॉट खेलने में माहिर है. हाल ही में लौंडे को कॉम्प्लिमेंट मिला है, टीम इंडिया के टेस्ट विकेटकीपर रिद्धिमान साहा से. उन्होंने पंत के बारे में कहा, ‘मुझे वो बहुत अलग लगा. जब मैं अलग कहता हूं तो इसका मतलब पॉजिटिव है. वह दूसरे विकेटकीपरों की तरह नहीं है. इन्हीं सब खुबियों की वजह से आइपीएल 2016 की नीलामी में ऋषभ को दिल्ली ने 1.9 करोड़ में खरीद लिया है.
2016 के अंडर19 विश्व कप में इसका प्रदर्शन: अंडर19 विश्व कप 2016 के पहले मैच में पंत की पारी मात्र 6 रन पर सिमट गई मगर दूसरे मैच में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अच्छी बैटिंग की. 7 चौको और 2 छक्को के साथ 57 रनों की पारी खेली. दो कैच भी लपके. लड़खड़ाती पारी को धीमे ही सही वापस ट्रैक पर लाने का काम किया और इंडिया को एक जीतने वाले स्कोर पर ले गए. नेपाल के खिलाफ़ मैच में ऋषभ पन्त को ऐसा लगा कि अंडर 19 का मतलब होता है 19 गेंद के अन्दर ही मैच खतम कर देना. उनका मकसद यही था लेकिन 19 गेंद से कुछ ज्यादा समय लगा. 24 गेंद में 78 रन बनाकर लौटे. अगले ही मैच में 96 गेंदों में 111 रन हौंक दिए.
3. अवेश ख़ान 19 साल दाएं हाथ का मीडियम पेसर मैच खेले - 5 विकेट झटके - 11

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इंदौर का ये खिलाड़ी दाएं हाथ का मीडियम पेसर है. बल्लेबाजी भी दाएं हाथ से करता है पर कभी-कभी. 2015 के बाद से लौंडे ने डोमेस्टिक क्रिकेट नहीं खेला. इंदौर में आखिरी डोमेस्टिक क्रिकेट खेला बंगाल के ख़िलाफ. फिलहाल अंडर 19 भारतीय टीम के लिए खेलता है. कैरियर की शुरूआत टेनिस बाल क्रिकेट से की. वर्ल्ड कप में 13.81 के ऐवरेज से 11 विकेट लेने वाले अवेश खान ने 2015 में सॉल्ट लेक कैंपस के जाधवपुर यूनिवर्सिटी के खिलाफ मैच खेला. जबरदस्त गेंदबाजी कर 6 ओवर में 4 रन देकर 4 विकेट लिए. पूर्व भरतीय खिलाड़ी अमय खुरासिया अवेश के बचपन के कोच रहे हैं. लौंडे में गजब का झस है. तभी तो मनोज तिवारी और ऋद्धिमान साहा जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को भी सेलेक्टर्स ने रणजी टीम के लिए नज़रअंदाज कर दिया. 2015 के ज़ोनल और नेशनल क्रिकेट अकादमी कैंप में भी जगह बनाई. MRF पेस अकादमी में फाड़ू बॉलिंग कर ग्लेन मैकग्रा को अपना डाइ हार्ड फैन बना डाला.
2016 के अंडर19 विश्व कप में इसका प्रदर्शन: नयी गेंद से गेंदबाजी करते हैं और वो भी टाईट लाइन के साथ. स्विंग पर पकड़ है. पहले मैच में 10 ओवर में मात्र 24 रन दिए. 2 विकेट मिले. दूसरे मैच में मैन-ऑफ़-द-मैच मिला. 4 विकेट झटके थे 32 रन देकर. सामने टीम थी न्यूज़ीलैंड. उसके बाद के तीन मैचों में 5 विकेट चटकाए. फाइनल में अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद की जा रही है.
4. मयंक डागर 19 साल बाएं हाथ का स्पिनर मैच खेले - 3 विकेट झटके - 8

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हिमाचल का रहने वाला है. बाएं हाथ का गेंदबाज है. दमदार स्पिनर है. 2016 के अंडर19 विश्व कप में इसका प्रदर्शन: पहले दो मैचों में बेंच पर बैठने के बाद अगले तीन मैचों में 8 विकेट अपने खाते में जोड़े. नेपाल के खिलाफ़ मात्र 32 रन दिए और 2 विकेट लिए. नामीबिया के खिलाफ़ 3 विकेट और सेमी फाइनल में श्री लंका के खिलाफ़ 3 विकेट. फाइनल में इनके खेलने की पूरी उम्मीद है. खासे कंजूस गेंदबाज हैं और बैट्समैन को बांधे रखते हैं.
5. खलील अहमद 18 साल बाएं हाथ का मीडियम पेसर मैच खेले - 5 विकेट लिए - 2

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2016 के अंडर19 विश्व कप में इसका प्रदर्शन:
आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच में खलिल को कोई विकेट नहीं मिला. 4 की इकॉनमी से 9 ओवर में 36 रन दिए. दूसरा मैच में भी खलिल के हाथ विकेट नहीं लगे. 5 ओवर में 19 रन दिए. 2 मेडन भी फेंका. 3.8 की इकॉनमी थी. विश्व कप में भारत का तीसरा मैच नेपाल के साथ था. खलील की गेंद इस मैच में भी खामोश रही. इकॉनमी लड़के की बढ़िया थी. 2.57 की. 7 ओवर में 18 रन दिए. नामीबिया से मैच में खलील ने विकेट तो झटका पर इकॉनमी डगमगा गई. 6 ओवर में 31 रन देकर 1 विकेट लिए. सेमीफाइनल की भिड़ंत में अहमद ने 8 ओवर फेंके. 34 रन देकर 1 बल्लेबाज को पवेलियन का रास्ता दिखाया. हांलांकि इनके खाते में इतने ज्यादा विकेट नहीं आये हैं लेकिन इन्हें ओपेनिंग गेंदबाज को लिबर्टी देने का क्रेडिट मिलता है. इनकी सधी हुई और टाईट गेंदबाजी की बदौलत इनके साथ बॉल शेयर करने वाले गेंदबाज को अटैक करने का मौका देते हैं. अगर आसन शब्दों में कहें तो ये 2011 में वर्ल्ड कप जीतने वाली इंडियन टीम के मुनाफ पटेल साबित हो सकते हैं.
1. सरफराज़ नौशाद ख़ान 18 साल दाएं हाथ का ताबड़तोड़ बल्लेबाज मैच खेले - 5 रन बनाये - 304

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मुंबई का लौंडा दाएं हाथ का ताबड़तोड़ बल्लेबाज है. ऑफ ब्रेक स्टाइल में कभी-कभी गेंदबाजी में भी हाथ आज़मा लेता है. उत्तर प्रदेश के लिए खेलने वाले सरफ़राज़ ने 2015 के पहले मुंबई के लिए खेलते थे. एक खराबी है. गरम खोपड़ी का है. इसी वजह से मुंबई क्रिकेट असोशिएशन ने डिसमिस कर दिया था. अक्सर गरम दिमाग वाले यूपी आ जाते हैं. ये भी आ गया. खाने का शौकिन है इसलिए पैंडा निक नेम है. लौंडे में दम तो है तभी कोहली और गेल जैसे खिलाड़ी इसके फैन हैं. कूच बिहार ट्राफी टूर्नामेंट के दौरान तमीज से पेश न आने के कारण पैंडा की पूरी मैच फीस एमसीए ने रोक ली थी. 2015 के आईपीएल का सबसे छोटा प्लेयर रहा जिसकी नीलामी हुई. वो भी पूरे 50 लाख़ में.
2016 के अंडर19 विश्व कप में इसका प्रदर्शन: वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में इसने 70 गेंद पे 75 रन ठोंक दिए. चौव्वे 7 और स्ट्राइक रेट 105 का. अगले ही मैच में 74 का स्कोर. फिर 21 नॉट आउट, 76, और 59. कुल मिलाकर लड़के में गजब मात्रा में पोटाश की मौजूदगी है.
2. ऋषभ पंत 18 साल बाएं हाथ का बल्लेबाज और धांसू विकेटकीपर मैच खेले - 5 रन बनाये - 266

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हरिद्वार में जन्मा ऋषभ बाएं हाथ का बल्लेबाज और धांसू विकेटकीपर है. दिल्ली के लिए खेलता है. दिल्ली के मशहूर सोनेट क्लब से कोचिंग पाई है. आशीष नेहरा और शिखर धवन इसी क्लब की उपज हैं. ऐडम गिलक्रिस्ट सोर्स ऑफ इंसपिरेशन हैं. पुल शॉट खेलने में माहिर है. हाल ही में लौंडे को कॉम्प्लिमेंट मिला है, टीम इंडिया के टेस्ट विकेटकीपर रिद्धिमान साहा से. उन्होंने पंत के बारे में कहा, ‘मुझे वो बहुत अलग लगा. जब मैं अलग कहता हूं तो इसका मतलब पॉजिटिव है. वह दूसरे विकेटकीपरों की तरह नहीं है. इन्हीं सब खुबियों की वजह से आइपीएल 2016 की नीलामी में ऋषभ को दिल्ली ने 1.9 करोड़ में खरीद लिया है.
2016 के अंडर19 विश्व कप में इसका प्रदर्शन: अंडर19 विश्व कप 2016 के पहले मैच में पंत की पारी मात्र 6 रन पर सिमट गई मगर दूसरे मैच में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अच्छी बैटिंग की. 7 चौको और 2 छक्को के साथ 57 रनों की पारी खेली. दो कैच भी लपके. लड़खड़ाती पारी को धीमे ही सही वापस ट्रैक पर लाने का काम किया और इंडिया को एक जीतने वाले स्कोर पर ले गए. नेपाल के खिलाफ़ मैच में ऋषभ पन्त को ऐसा लगा कि अंडर 19 का मतलब होता है 19 गेंद के अन्दर ही मैच खतम कर देना. उनका मकसद यही था लेकिन 19 गेंद से कुछ ज्यादा समय लगा. 24 गेंद में 78 रन बनाकर लौटे. अगले ही मैच में 96 गेंदों में 111 रन हौंक दिए.
3. अवेश ख़ान 19 साल दाएं हाथ का मीडियम पेसर मैच खेले - 5 विकेट झटके - 11

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इंदौर का ये खिलाड़ी दाएं हाथ का मीडियम पेसर है. बल्लेबाजी भी दाएं हाथ से करता है पर कभी-कभी. 2015 के बाद से लौंडे ने डोमेस्टिक क्रिकेट नहीं खेला. इंदौर में आखिरी डोमेस्टिक क्रिकेट खेला बंगाल के ख़िलाफ. फिलहाल अंडर 19 भारतीय टीम के लिए खेलता है. कैरियर की शुरूआत टेनिस बाल क्रिकेट से की. वर्ल्ड कप में 13.81 के ऐवरेज से 11 विकेट लेने वाले अवेश खान ने 2015 में सॉल्ट लेक कैंपस के जाधवपुर यूनिवर्सिटी के खिलाफ मैच खेला. जबरदस्त गेंदबाजी कर 6 ओवर में 4 रन देकर 4 विकेट लिए. पूर्व भरतीय खिलाड़ी अमय खुरासिया अवेश के बचपन के कोच रहे हैं. लौंडे में गजब का झस है. तभी तो मनोज तिवारी और ऋद्धिमान साहा जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को भी सेलेक्टर्स ने रणजी टीम के लिए नज़रअंदाज कर दिया. 2015 के ज़ोनल और नेशनल क्रिकेट अकादमी कैंप में भी जगह बनाई. MRF पेस अकादमी में फाड़ू बॉलिंग कर ग्लेन मैकग्रा को अपना डाइ हार्ड फैन बना डाला.
2016 के अंडर19 विश्व कप में इसका प्रदर्शन: नयी गेंद से गेंदबाजी करते हैं और वो भी टाईट लाइन के साथ. स्विंग पर पकड़ है. पहले मैच में 10 ओवर में मात्र 24 रन दिए. 2 विकेट मिले. दूसरे मैच में मैन-ऑफ़-द-मैच मिला. 4 विकेट झटके थे 32 रन देकर. सामने टीम थी न्यूज़ीलैंड. उसके बाद के तीन मैचों में 5 विकेट चटकाए. फाइनल में अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद की जा रही है.
4. मयंक डागर 19 साल बाएं हाथ का स्पिनर मैच खेले - 3 विकेट झटके - 8

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हिमाचल का रहने वाला है. बाएं हाथ का गेंदबाज है. दमदार स्पिनर है. 2016 के अंडर19 विश्व कप में इसका प्रदर्शन: पहले दो मैचों में बेंच पर बैठने के बाद अगले तीन मैचों में 8 विकेट अपने खाते में जोड़े. नेपाल के खिलाफ़ मात्र 32 रन दिए और 2 विकेट लिए. नामीबिया के खिलाफ़ 3 विकेट और सेमी फाइनल में श्री लंका के खिलाफ़ 3 विकेट. फाइनल में इनके खेलने की पूरी उम्मीद है. खासे कंजूस गेंदबाज हैं और बैट्समैन को बांधे रखते हैं.
5. खलील अहमद 18 साल बाएं हाथ का मीडियम पेसर मैच खेले - 5 विकेट लिए - 2

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2016 के अंडर19 विश्व कप में इसका प्रदर्शन:
आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच में खलिल को कोई विकेट नहीं मिला. 4 की इकॉनमी से 9 ओवर में 36 रन दिए. दूसरा मैच में भी खलिल के हाथ विकेट नहीं लगे. 5 ओवर में 19 रन दिए. 2 मेडन भी फेंका. 3.8 की इकॉनमी थी. विश्व कप में भारत का तीसरा मैच नेपाल के साथ था. खलील की गेंद इस मैच में भी खामोश रही. इकॉनमी लड़के की बढ़िया थी. 2.57 की. 7 ओवर में 18 रन दिए. नामीबिया से मैच में खलील ने विकेट तो झटका पर इकॉनमी डगमगा गई. 6 ओवर में 31 रन देकर 1 विकेट लिए. सेमीफाइनल की भिड़ंत में अहमद ने 8 ओवर फेंके. 34 रन देकर 1 बल्लेबाज को पवेलियन का रास्ता दिखाया. हांलांकि इनके खाते में इतने ज्यादा विकेट नहीं आये हैं लेकिन इन्हें ओपेनिंग गेंदबाज को लिबर्टी देने का क्रेडिट मिलता है. इनकी सधी हुई और टाईट गेंदबाजी की बदौलत इनके साथ बॉल शेयर करने वाले गेंदबाज को अटैक करने का मौका देते हैं. अगर आसन शब्दों में कहें तो ये 2011 में वर्ल्ड कप जीतने वाली इंडियन टीम के मुनाफ पटेल साबित हो सकते हैं.

