The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Lallankhas
  • This readymade garments shop in Balaghat, Madhya Pradesh has torn clothes in display

6 साल से दुकान में टांग रखे हैं फटे कपड़े, जानिए अंदर क्या मिलता है

जब से दुकान खुली है तबसे बाहर का सीन ऐसा ही है.

Advertisement
pic
16 मई 2018 (अपडेटेड: 16 मई 2018, 10:05 AM IST)
Img The Lallantop
6 साल से डिस्प्ले में लगे हुए हैं फटे कपड़े
Quick AI Highlights
Click here to view more
मध्य प्रदेश में एक जिला है बालाघाट. बालाघाट में तहसील है वारासिवनी. यहां एक दुकान है मानीबाई गोलछा साड़ी & रेडीमेड के नाम से. सामने से दुकान की शकल देखकर लगता है कि कपड़ों की है. क्योंकि बाहर कपड़े ही टंगे हैं. लेकिन ये अजीब बात है कि कपड़े नहीं चिथड़े हैं. हर जगह से फटे हुए. ये दुकानदार या तो बहुत आलसी है, कि ये सामने का डिस्प्ले नहीं बदल सका. या फिर उसके दिमाग में कोई प्लान है. जिसके तहत ये दुकान ऐसी बनी हुई है.
मानीबाई गोलछा दुकान का नाम है
मानीबाई गोलछा दुकान का नाम है

तो सुनो. दुकानदार का नाम पीयूष गोलछा. ये दुकान मार्केट में सबसे पहले यानी 8 बजे सुबह खुल जाती है. पीयूष जैन हैं और पक्के पुजारी हैं. सुबह सवेरे नहाकर धोती लपेटकर पूजा करने जाते हैं और लौटकर दुकान खोलते हैं. ये घर में ही है. ये भी समझ लो कि दुकान 15 फरवरी 2012 को खुली है, वैलेंटाइन्स डे के एक दिन बाद. और घर 2013 में बना है. इससे वो कहावत याद आ जाती है कि दुकान से मकान बन सकता है लेकिन मकान से दुकान नहीं.
मम्मी पापा के साथ पीयूष
मम्मी पापा के साथ पीयूष

दुकान खुली कैसे? इसका भी किस्सा है. पीयूष ने 2008 में बारहवीं पास की. स्कूल में टॉप किया. उसके बाद बी.कॉम किया, एम.कॉम किया. फिर रायपुर चले गए, CA की कोचिंग करने. इस बीच पापा की तबीयत काफी खराब हो गई. उनकी पहले से कपड़े की दुकान है. वो चाहते थे कि छोटा बेटा यानी पीयूष का छोटा भाई आयुष एक और कपड़े की दुकान खोल ले. लेकिन उसने नहीं खोली. घर में गरमा गरमी भी हुई. फिर पीयूष ने कहा- रुको हम खोलते हैं. फिर ये दुकान खुल गई.
अंदर से कपड़े की दुकान
अंदर से कपड़े की दुकान

अब सुनो इस दुकान में मिलता क्या क्या है. बाहर से लोग फटे कपड़े टंगे देखकर हंसते हुए अंदर घुसते हैं तो भौचक रह जाते हैं. सब मिलता है भई सब. पैदाइश से मरने तक की ड्रेस. बिना जेब की नैपी से लेकर बिना जेब के कफन तक सब कुछ. पूरी मार्केट में कपड़ों को 80-90 दुकाने हैं. लेकिन हर जगह सब कुछ नहीं मिलता. उन्होंने सारे पैसे डिस्प्ले और प्रचार में लगा दिए होंगे ;) पीयूष ने बताया कि 110 नंबर की चड्डी भी यहां मिल जाएगी. अमित शाह से भी मोटा आदमी हो उसके लिए ये साइज लगता है. यहां 400 में चार साड़ियां भी मिल सकती हैं और 10 हजार की एक भी है.
अपनी दुकान में स्वैग से स्वागत करते पीयूष
अपनी दुकान में स्वैग से स्वागत करते पीयूष

पीयूष ने इस दुकान से बहुत दाम भी कमाया और नाम भी. 'जो दिखता है वो बिकता है' वाली थ्योरी भी पलट दी. अब वो बिकता है जो भाईसाब बेचते हैं.
IMG_20180516_131827



ये भी पढ़ें:

मां के लिए: मेरे लिखने की वजह मेरी पांचवी पास मम्मी हैं

केबीसी में पांच करोड़ जीतने वाले सुशील आजकल कर रहे हैं एक दिल जीतने वाला काम

पवन सिंह की इस भोजपुरी फिल्म का ट्रेलर रावण-मंदोदरी संवाद की याद दिलाता है

अमर चित्र कथा के पापा अंकल पई, जिसने बच्चों को कॉमिक्स में ज्ञान परोसा

Advertisement

Advertisement

()