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जब वराह के रूप में लिया भगवान ने जन्म

ब्रह्मा की छींक से पैदा हुए भगवान वराह यानि जंगली सुअर के रूप में

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फोटो - thelallantop
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प्रतीक्षा पीपी
14 दिसंबर 2015 (अपडेटेड: 20 दिसंबर 2015, 04:04 AM IST)
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भगवान ब्रह्मा के शरीर से दुनिया के पहले कपल- मनु और शतरूपा पैदा हुए. ब्रह्मा ने उनसे कहा कि अब तुम कई सारे बच्चे पैदा करो और धरती को आगे बढ़ाओ. मनु ने जाकर धरती को चेक किया तो पाया कि लास्ट प्रलय के बाद धरती पानी में डूबी हुई है. ब्रह्मा जी को टेंशन हो गई. सोचते हुए उन्हें छींक आई. छींक के साथ नाक से निकला अंगूठे के बराबर वराह माने सुअर का बच्चा. वो उछलकर आसमान में पहुंच गया और दो मिनट में ही हाथी जितना बड़ा हो गया. वो जोर से गुर्राया. किंग-साइज के जंगली सुअर को देख कर सभी देवताओं की आंखें निकल आईं. देवताओं को आइडिया लग गया कि ये तो नारायण भगवान का ही रूप हो सकते हैं. सब चुपचाप जंगली सुअर के रूप में आए वराह भगवान जी का भजन करने लगे. इधर वराह भगवान ने हवा में जंप लिया, फिर घुस गए सीधे पानी में. फिर अपनी दांतों पर धरती को ग्लोब की तरह उठाकर बाहर आने लगे. तभी हिरण्याक्ष नाम के राक्षस ने उन पर हमला कर दिया. वराह भगवान ने धरती को पानी पर रखा और जाकर राक्षस को निपटाया. फिर हवा में जंप लगाते हुए हो गए गायब. (श्रीमद्भागवत महापुराण)

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