शौचालय नहीं तो उम्मीदवारी नहीं, पर बात बस इतनी नहीं है
परधानी करनी है. घर में टट्टी बनवाओ पहले. वर्ना पर्चा खारिज. पर गलती लोगों की है या सरकार की. कौन साफ करेगा इस देश का मल.
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Source- Reuters
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