आज उस इंसान का जन्मदिन है, जो दुनिया के हर बच्चे के साथ बैताल की तरह जुड़ा हुआहै. इस इंसान के साथ हम सबकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं. आइजैक न्यूटन.गुरुत्वाकर्षण के नियम और सेब की कहानी पढ़-पढ़कर हम सब बड़े हुए हैं.गुरुत्वाकर्षण को लेकर न्यूटन ने बहुत मेहनत की थी. गति के नियम और यूनिवर्सलगुरुत्वाकर्षण के कॉन्सेप्ट भी तभी ही आये थे. इन सारी चीजों को न्यूटन ने अपनीकिताब प्रिन्सिपिया में लिखा था. इस किताब को दुनिया की महानतम किताब माना जाता है.क्योंकि यही से मानव सभ्यता एकदम बदल गई थी. साइंटिफिक माइंड का कॉन्सेप्ट यहीं सेआया था. लोगों ने साइंस को यहीं से सोचना शुरू किया था. हम सबने पढ़ा था कि फिजिक्सजानने के लिए कैलकुलस जानना पहली जरूरत है. फिजिक्स के नियमों की खोज करने के दौरानही न्यूटन ने कैलकुलस की खोज कर ली थी. और मजेदार चीज ये है कि पहले इंट्रीगलकैलकुलस खोजा था. धरती के पूरे भार को नापने के लिए. हालांकि हर किताब मेंडिफरेंशियल कैलकुलस पहले दिया रहता है.Principiaपर ये जानकर हैरानी होगी कि एक कुत्ते ने न्यूटन की सारी मेहनत पर लगभग आग फेर हीदिया था. ये सारी खोज बर्बाद हो गई थी. क्योंकि आग तो लगी ही थी, साथ ही न्यूटन एकलंबे समय के लिए डिप्रेशन में चले गये थे. और ये सबको पता है कि डिप्रेशन में जानाक्या होता है. पर ये भी कहा जाता है कि न्यूटन हमेशा से बाईपोलर डिसऑर्डर के शिकारथे तो इस चीज से उनका वास्ता पड़ते रहता था.हुआ ये कि न्यूटन के पास डायमंड नाम का एक पॉमेरेनियन कुत्ता था. वही सफेद झबराकुत्ता, जो जब तक बंधा रहता है, खूब भौंकता है. खोल देने पर ऐसे बिहैव करता है जैसेकुछ हुआ ही नहीं था. उसके एक्स्प्रेशन से लगता है कि वो तो बस यूं ही जस्ट फॉर फन.नाराज तो वो था ही नहीं.Symbolic Imageतो न्यूटन अपने कमरे में एक्सपेरिमेंट कर रहे थे. दिमागी. मोमबत्ती जल रही थी. पेपरबिखरे पड़े थे. दरवाजे पर नॉक हुआ. न्यूटन बाहर चले गये. उसी दौरान डायमंड कमरे मेंआ गया. बहुत क्यूरियस हो गया कि क्या चल रहा है यहां. इधर-उधर घूमने लगा. मेज के एकपाये से टकरा गया. मोमबत्ती गिर गई. कमरे को कुछ नुकसान नहीं हुआ. पर गुरुत्वाकर्षणपर लिखी पूरी थीसिस ही जल गई.पर कहते हैं कि न्यूटन जब कमरे में आये तो कुत्ते को गोद में उठाकर बोले- ओहडायमंड, तुमको पता नहीं कि तुमने क्या किया है. और मेरे गांव का न्यूटन बस कुत्तेको देख लेता था तो दौड़ा के मारता था. न्यूटन हम लोग उसको इसलिए कहते थे कि हर बातका जवाब 5 सेकेंड सोच के ही देता था.डेविड ब्रूस्टर और कॉरेन लिखते हैं कि न्यूटन ने उस वक्त बोल दिया कि डायमंड कोईबात नहीं. पर इसके बाद वो डिप्रेशन में चले गये थे. उनको फिर एक साल लगा लिखने में.मेहनत करते पर इस सदमे से उबर नहीं पा रहे थे. पर काबिले तारीफ है कि कुत्ते को कुछबोला नहीं. शायद डायमंड के प्रति उनका प्यार भी वजह हो सकता है कि उन्होंने फिर सेपूरी थीसिस पूरी कर ली.वो कंप्यूटर जीनियस, देश की सेवा के लिए जिसे मिली 'नपुंसकता'एक बेरोजगार इंजीनियर से खतरनाक दुनिया में कुछ नहीं होता