नब्बे के दशक में बॉलीवुड पर तीन खानों ने राज किया. शाहरुख, सलमान, आमिर. इन सबमेंकॉमन क्या है? सबकी उम्र और स्टारडम. 50 के ऊपर आ गए हैं सारे और जिंदगी भर फिल्मइंडस्ट्री के सिरमौर रहे. चलो इनमें से एक को उठा लेते हैं. सलमान खान. सलमान की हीउम्र के एक्टर हैं राहुल रॉय. अरे मुंह न बिचकाओ साहब. सन 89 में सलमान की 'मैंनेप्यार किया' आई थी. उसके 6 महीने बाद 1990 में 'आशिकी' आई थी. दोनों हीरो जस्ट उठरहे थे. दोनों का फ्यूचर क्या होगा, न वो ही जानते थे न कोई. लेकिन उसके बाद आजसलमान क्या हैं और राहुल रॉय क्या हैं, ये दुनिया के सामने है. आशिकी के गाने ऐसेहैं, जिनका चार्म कभी कम नहीं होगा. उस दौर में प्रेम में जो जोड़े रहे होंगे, उनकेसामने बजा दो तो उनका दिल अंदर ही अंदर आंसुओं से भीग जाता होगा. उस नॉस्टैल्जियाको सहने की ताकत होगी तो कहेंगे "वॉल्यूम बढ़ाओ यार." अगर याददाश्त से बुरी तरह डरजाते होंगे तो कहेंगे "इसको नहीं, कोई और गाना बजा लो यार." ये कल्ट आशिकी के गानोंके साथ है. https://www.youtube.com/watch?v=Mcs2xEZ6K8o नब्बे का दशक इस एक फिल्मके नाम है. जिसके हीरो राहुल रॉय थे. ये फिल्मिस्तानियों की बदकिस्मती हो याखुशकिस्मती. इस एक फिल्म की वजह से राहुल रॉय को भूलना नामुमकिन है. उस जमाने में नसबके पास टीवी होता था न वीसीआर. जिनके पास टीवी होता था और वो चित्रहार में गानाएक बार देख लेते थे, फिर उसे कैसेट में डब कराके डेक पर बजाते थे. जहां "अब तेरेबिन जी लेंगे हम" आता था उनके सामने लंबे बालों में छिपा राहुल रॉय का गुस्सायाचेहरा घूम जाता था. लोग गाने के साथ उसी अंदाज में सिर झटकते थे. ये तो क्रेज़ था.आशिकी में राहुल बने राहुल, फिर उसके बाद उनकी कोई फिल्म 'आशिकी' के मेयार को छूनहीं पाई. हिट तो क्या ही हुई, 'सपने साजन के' फिल्म के अलावा सब एवरेज ही रहीं.'आशिकी' के बारे में एक बार बताते हुए राहुल ने कहा था "उसमें मुझे लंबे बाल रखनेके लिए कहा गया था. जो मुझे बहुत अजीब लगता था." लेकिन राहुल को अजीब लगने से क्याहोता है. डायरेक्टर तो गोविंदा को सुपरमैन की ड्रेस भी पहनाकर नचा देता है. सलमानको भी 'तेरे नाम' में नोकदार बाल आंखों में घुसने वाले रखने को कहता है. जो फिल्मरिलीज के बाद पब्लिक के लिए चरस बन जाते हैं. जनता एडिक्ट हो जाती है उस स्टाइल की.अगर पॉपुलरिटी की कोई ऐसी लिस्ट बने जिसमें सिंगल फिल्मों की वजह से याद रखे जानेवाले लोग शामिल हों तो उसमें राहुल रॉय पहले नंबर पर होंगे. उनका साथ निभाएंगे अरुणगोविल, रामायण के राम. राम जी को तो फिर भी काफी काम मिलता रहा. भले बाद में पूजा नहुई. लेकिन राहुल रॉय को गिनती की फिल्में मिलीं. जिनमें 'जुनून' भी शामिल है.जिसमें ये खूबसूरत नौजवान भेड़िए में तब्दील हो जाता था. आशिकी से शुरू हुआ सफर 'टूबी ऑर नॉट टू बी' जैसी बंडल फिल्मों तक चला. 2006 में 'बिग बॉस' का पहला सीज़नटेलीकास्ट हुआ तो उसमें नजर आए. कायदे से वहीं से बिग बॉस को फुंके कारतूसों काअड्डा कहा जाने लगा. तो आज भले राहुल को फुंका हुआ कारतूस कहकर किनारे कर दो, लेकिनउनके कल्ट को इग्नोर नहीं कर पाओगे. 'आशिकी' का गाना सुनते जाओ.https://www.youtube.com/watch?v=YCuhzjK11iA--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: बॉबी देओल ने जिस जमाने में फैन फॉलोविंग खड़ी की, तब ट्रोलर्स पैदानहीं हुए थे धर्मेंद्र के 22 बेस्ट गाने: जिनके जैसा हैंडसम, चुंबकीय हीरो फिर नहींहुआ गोविंदा के 48 गाने: ख़ून में घुलकर बहने वाली ऐसी भरपूर ख़ुशी दूजी नहीं