25 हजार का इंतजाम, आ गई लाखों की भीड़, अद्भुत थी आजादी की पहली सुबह
India Independence Day Celebrations 1947: जैसे ही रात के 12 बजे, शंख बजने लगे. नेहरू सहित संसद के सेंट्रल हॉल में मौजूद हर व्यक्ति की आंख में आंसू थे. महात्मा गांधी की जय, भारत माता की जय, जवाहर लाल नेहरू की जय के नारों से पूरी संसद एकाएक गूंज उठी. अगले पूरे दिन देश में आजादी का जश्न होना था. कैसा था ये जश्न? और आजादी वाले दिन लार्ड माउंटबेटन की कौन सी तमन्ना पूरी नहीं हो पाई.
Advertisement

15 अगस्त 1947 को दिल्ली के इंडिया गेट पर आजादी का जैसा जश्न मनाया गया वह हमेशा के लिए यादगार बन गया | फोटो : गेट्टी इमेज
Story Summary
वीडियो देखें : तारीख: आम्बेडकर क्यों चाहते थे भारत को एक बार में आजादी न मिले?

