पाकिस्तान में मां बच्चे से कहती थी, सो जा वरना हरि सिंह नलवा आ जाएगा!
हरि सिंह नलवा का जन्म 28 अप्रैल 1791 में हुआ था. 14 साल की उम्र में वो महाराजा रणजीत सिंह से मिले और आगे जाकर खालसा सेना के कमांडर बन गए. अपनी जिंदगी में उन्होंने 20 से ज्यादा लड़ाइयों में खालसा सेना को लीड किया. और 1813 में अटक, 1814 में कश्मीर, 1816 में महमूदकोट, 1818 में मुल्तान, 1822 में मनकेरा, 1823 में नौशहरा को सिख साम्राज्य में मिलाया.
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सन 1791 में पंजाब के गुजरांवाला में पिता सरदार गुरदियाल सिंह उप्पल तथा माता धरम कौर के घर पैदा हुए हरी सिंह नलवा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे (तस्वीर: sikhnet.com)
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