आंबेडकर के मन में जब पहली बार छुआछूत का सवाल उठा, उस घटना ने हिला दिया
बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के जीवन की वो घटनाएं जिन्होंने उन्हें आंबेडकर बनाया. आज उस घटना के बारे में जानते हैं जिसने 9 साल के आंबेडकर को जाति के बारे में पहली बार सोचने के लिए मजबूर किया. इस घटना का जिक्र डॉक्टर आंबेडकर ने अपनी आत्मकथा 'वेटिंग फॉर वीजा’ में किया है.
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डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के जीवन में कई ऐसे अनुभव हुए जब उन्हें छुआछूत की सच्चाई से रूबरू होना पड़ा (तस्वीर: Wikimedia Commons)
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